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महाराष्ट्र में गांवों को कोरोना मुक्त करेंगे सरपंच

Last Updated- December 12, 2022 | 3:52 AM IST

महाराष्ट्र के गांवों से कोरोना को उखाड़ा फेंकने के लिए राज्य सरकार इसकी जिम्मेदारी सरपंचों के कंधों पर डाल रही है। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से कोरोना भगाओ, ‌ईनाम पाओ जैसी योजनाएं भी शुरू की गई है। योजना प्रभावी हो इसके लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सरपंचों से सीधे संवाद भी शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने सरपंचों से कोरोना के खिलाफ जंग में शामिल होने और अपने गांव को बचाने की अपील की है।
सरकार के निर्देशों के अनुसार गांव में विभिन्न नियमों को लागू कर ‘मेरा गांव, कोरोनामुक्त गांव’ के लक्ष्य को जल्द ही हासिल करें। मुख्यमंत्री ठाकरे ने नासिक, कोंकण और पुणे विभाग के सरपंचों से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से संवाद करते हुए कहा कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। पहली और दूसरी लहर में गलतियों को अब नहीं दोहराया जाना चाहिए। हम बार-बार लॉकडाउन नहीं सहन कर सकते हैं। इसके लिए अपने गांव, अपने तालुका, अपने जिले और इनके माध्यम से पूरे राज्य को कैसे कोरोना मुक्ति किया जाए, इसके लिए सभी को पहल करनी चाहिए।
सभी जिलों के सरपंचों ने अपने-अपने गांवों में कोरोना से मुक्ति के लिए किए गए विभिन्न उपायों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। सरपंचों ने विश्वास जताया कि दूसरी लहर जल्द से जल्द सामाप्त हो गई और तीसरी लहर को गांव के द्वार पर रोकने के लिए हम सभी जरूरी काम करेंगे। ठाकरे ने कहा कि गांव में काम करने वाले सरपंच, ग्राम सेवक, आंगनवाडी सेविका, आशा कर्मचारी ही ग्राम व्यवस्था की मेरुदंड हैं। इन सभी ने कोरोना मुक्त करने के लिए अब तक बहुत ही अच्छा काम किया है। अब तीसरी लहर को रोकने के लिए सभी को पहल करते हुए आंदोलन के स्वरुप में काम करना चाहिए और कोरोना को गांव से बाहर निकाल फेंकना चाहिए।
ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि पहली लहर थमने के बाद हम थोड़े लापरवाह हो गए थे। इस कारण दूसरी लहर में ग्रामीण इलाके बुरी तरह से प्रभावित हुए। अब तीसरी लहर नहीं आए, इसके लिए अब सभी स्तरों पर कार्रवाई करने की जरूरत है हमारे सामने टीकाकरण की सबसे बड़ी चुनौती है। गांव के हर व्यक्ति को टीका लगना चाहिए, इस तरह की पहल सरपंच को करना चाहिए। हमारे सामने ब्लैक फंगस की भी एक नई चुनौती है। इसे रोकने के लिए भी पहल की जानी चाहिए। हिवरेबाजार ने हमें दिखा दिया है कि अगर ठान लिया जाए तो गांव कोरोना मुक्त हो सकता है।
हिवरेबाजार के पूर्व सरपंच पोपटराव पवार ने कहा कि संकट के समय महाराष्ट्र में बहुत बड़े पैमाने पर आंदोलन हुए हैं। अब कोरोना महामारी के संकट के दौर में भी कोरोना मुक्ति के लिए एक आंदोलन के रूप में काम करना चाहिए। अगर हमने ठान लिया तो एक पखवाड़े में पूरा गांव कोरोना मुक्त हो सकता है। इसके लिए सरकार द्वारा जारी नियमों के अनुसार सभी उपायों को लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने अपील की कि बगैर किसी प्रतियोगिता या पुरस्कार को ध्यान में रखे पूरे गांव को कोरोना से मुक्ति दिलाने के लिए इस काम को एक आंदोलन का स्वरुप दें।
टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. शशांक जोशी ने कहा कि कोरोना अभी भी है, इस बात को ध्यान में रखकर हमें बर्ताव करना होगा। अभी भी अलर्ट और रेड अलर्ट पर ही रहना होगा। अगर लोगों में अभी भी कोरोना को लेकर थोड़ा भी संदेह है, तो उन्हें जांच कराना चाहिए और समय पर अस्पताल में भर्ती होना चाहिए। उन्होंने अपील की कि जब तक टीकाकरण पूरा नहीं हो जाता है तब तक मास्क को नीचे नहीं उतारे।

First Published - June 9, 2021 | 12:01 AM IST

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