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गुजरात में होगी रेन वाटर हार्वेस्टिंग

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Last Updated- December 07, 2022 | 4:41 AM IST

 औद्योगिक क्षेत्र के  बुनियादी ढ़ाचा क्षेत्र में निवेश की वर्षा करते हुए अब गुजरात सरकार पिछड़े इलाकों के विकास पर ध्यान केंद्रीत कर रही है।


सरकार औद्योगिक इकाइयों को अपने प्राकृतिक संसाधनों के प्रयोग के लिए कई सहूलियतों को प्रदान कर रही है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने इन इकाइयों में रेन वाटर हारवेस्टिंग के लिए आर्थिक सहायता देने का भी मन बनाया है।

औद्योगिक इकाइयों के द्वारा संसाधनों के संपूर्ण प्रयोग के लिए टास्क फोर्स द्वारा की गई सिफारिशों के जल्द ही क्रियान्वित होने की उम्मीद है। इस बाबत टास्क फोर्स के एक अधिकारी का कहना है कि ये औद्योगिक इकाइयां संसाधनों का प्रयोग तभी कर सकती है, जब क्षेत्र में बिजली और पानी की अच्छी व्यवस्था हो। लेकिन इन व्यवस्थाओं की यहां पर स्थाई असुविधा है।

प्रस्तावित औद्योगिक नीति में इन इकाइयों द्वारा कच्चे माल के तौर पर पंरपरागत माध्यम की जगह वैकल्पिक माध्यमों का  प्रयोग करने की बात कही गई है। ऐसा करने वाली वैकल्पिक इकाइयों को प्लांट की कुल कीमत की 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। लेकिन यह सीमा 2 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होगी।

इसी तरह वे इकाइयां जो ऊर्जा की खपत को रोकने के लिए किसी तरह के नवीन तरीके का प्रयोग करेंगी। उन्हें कुल लागत की पचास फीसदी की छूट दी जाएगी। लेकिन सच्चाई यह है कि छूट भी 1 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होगी।

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First Published - June 9, 2008 | 10:15 PM IST

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