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मप्र में कई निवेश प्रस्ताव रद्द

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Last Updated- December 07, 2022 | 11:44 AM IST

मध्य प्रदेश में समुचित कानून, निगरानी और विभिन्न विभागों में तालमेल के अभाव में कई निवेश प्रस्ताव ठंडे पड़ गए हैं।


राज्य सरकार ने लंदन की एक कंपनी ईआरएस एनवॉयरनो के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए थे। समझौते के बाद कंपनी ने उपग्रहीय सर्वेक्षण के लिए स्पेस की मांग कर दी। राज्य सरकार को जब गलती का अहसास हुआ तो उसने कंपनी से राज्य में निवेश नहीं करने को कहने का निश्चय किया।

इससे पहले भी तत्कालीन मुख्यमंत्री ने अमेरिकी की ऐसी कई कंपनियों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए थे जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं था। पिछले साल इंदौर में निवेशकों के सम्मेलन में कुल मिलाकर 5000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन अब सरकार ने इन निवेश प्रस्तावों को ठुकरा दिया है।

एक सरकारी अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि लंदन की कंपनी से हुए समझौते के लिए रक्षा विभाग सहित कई विभागों से अनुमति जरूरी थी। इस समझौते के मद्देनजर राज्य सरकार ने राजीव गांधी तकनीकी विश्वविद्यालय, भोपाल से संपर्क किया और  उसके बाद समझौता रद्द करने का निश्चय किया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने दूरसंचार और पर्यावरणीय अध्ययन की सेवाओं के लिए यूरोपीय समतापमंडलीय एयरक्राफ्ट के इस्तेमाल का प्रस्ताव रखा था।

उक्त कंपनी द्वारा निवेश की प्रकृति के बारे में भी राज्य सरकार ने कोई खुलासा नहीं किया था और इस तरह से राज्य सरकार के इस 900 करोड रुपये के समझौते को खत्म करने का निश्चय किया। सूत्र ने बताया कि ईआरएस एनवॉयरनो और दूसरी कंपनियों को इस बाबत सूचना भेज दी जाएगी। ट्रांसफॉर्मर बनाने और मरम्मत करने वाली कंपनी आईटीएल का 1100 करोड रुपये का निवेश प्रस्ताव, यूके लैंड बैंक, प्रिसीजन टयूब और ऑटो उपकरण बनाने वाली कंपनी वीनस मर्केंटाइल का 80 करोड रुपये का निवेश प्रस्ताव और फ्लोरिडा इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ किए गए समझौते को भी रद्द कर दिया गया।

सूत्र ने बताया कि ये सारी कंपनियां मुफ्त में जमीन की मांग कर रही थी, जो नामुमकिन मांग थी। इसके अलावा इन कंपनियों ने प्रस्ताव को लेकर जरूरी दस्तावेज भी जमा नहीं किए थे। इन कंपनियों के साथ हुए समझौते की समाप्ति को लेकर इन्हें इत्तला कर दिया जाएगा। इसी तरह शिक्षा क्षेत्र में भी कई निवेश प्रस्ताव भी खटाई में पड़ गए हैं। इंदौर निवेशक सम्मेलन में मात्र एक बडा निवेश सामने उभरकर आया, जो अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (एडीएजी) के साथ हुआ।

अनिल अंबानी मध्य प्रदेश में आने वाले वर्षों में 5000 करोड रुपये का निवेश करने वाले हैं। एडीएजी के प्रस्तावों में 4000 मेगावाट का सासन अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट, दूसरा 4000 मेगावाट का पावर प्रोजेक्ट, एक सीमेंट प्लांट और एक तकनीकी  विश्वविद्यालय खोलना शामिल है।

विकास में बाधा

कई कंपनियों के साथ समझौते पर उनका कोई अस्तित्व ही नहीं था
5000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हुए रद्द
एडीएजी करेगी कई परियोजनाओं में निवेश

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First Published - July 17, 2008 | 10:01 PM IST

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