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कंछल ने पकड़ा बसपा का आंचल

Last Updated- December 11, 2022 | 1:26 AM IST

उत्तर प्रदेश की व्यापारी राजनीति के लिए शुक्रवार का दिन काफी महत्वपूर्ण और गहमा-गहमी भरा रहा।
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत समाजवादी पार्टी से राज्य सभा सदस्य और प्रदेश के सबसे बड़े व्यापारी नेता बनवारी लाल कंछल ने मुलायम का साथ छोड़ मायावती का दामन थाम लिया।
कंछल के बहुजन समाज पार्टी में जाने के बाद अब प्रदेश की व्यापारी राजनीति में कभी एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी रहे अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप बंसल और कंछल एक साथ दिखेंगे।
संदीप बंसल ने बीते विधान सभा चुनावों से पहले से ही भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़कर बसपा का दामन थामा था। बनवारी लाल कंछल के इस्तीफे से सकते में आयी समाजवादी पार्टी अब उन्हें अवसरवादी बता रही है।
राजनीति की शुरुआत भाजपा से करने वाले कंछल कुछ साल पहले विधान सभा का टिकट न मिलने से नाराज होकर समाजवादी पार्टी में आ गए थे। समाजवादी पार्टी ने कंछल को 2002 के विधान सभा चुनाव में टिकट भी दिया और हार जाने के बाद राज्य सभा में भेज दिया।
कंछल का राज्य सभा में कार्यकाल अप्रैल 2012 तक है। बनवारी लाल कंछल के इस्तीफे के बाद से ही समाजवादी पार्टी से व्यापारियों के इस्तीफों का दौर शुरु हो गया है। प्रदेश के बड़े व्यापारी नेता लक्ष्मीचंद्र अग्रवाल, चंद्र कुमार छाबड़ा सहित 400 से ज्यादा लोगों ने शुक्रवार को ही मायावती में अपनी आस्था व्यक्त कर दी है। वहीं इस घटनाक्रम के बाद कई जिलों से भी व्यापारी नेताओं के बहुजन समाज पार्टी में जाने की खबर है।
मायावती के आवास पर बहुजन समाज पार्टी में शामिल होने की घोषणा करते हुए कंछल ने कहा कि बसपा व्यापारियों के हित का ध्यान रखने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि मायावती के राज में कानून व्यवस्था की हालत में काफी सुधार आया है और व्यापारी उत्पीड़न की घटनाएं भी कम हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि कानून का राज होने पर ही व्यापारी का कारोबार बढ़ता है और ऐसे में मायावती से बेहतर कोई नहीं हो सकता है। इधर मायावती ने भी कहा कि पार्टी में कंछल का पूरा आदर होगा। मायावती ने कहा कि उनकी सरकार व्यापारी वर्ग के हितों का पूरा ध्यान रखती है और आगे भी उनकी जो समस्याएं होंगी उन्हें सुलझा दिया जाएगा।
याद रहे कि मायावती के राज में कंछल ने वैट के विरोध में दो महीनों तक जोरदार धरना प्रर्दशन किया था और तीन दिन की प्रदेश में अभूतपूर्व बंदी की थी। साथ ही कंछल ने रिलायंस रिटेल के खोले जाने का जोरदार विरोध किया था।
उप्र के कारोबारी नेता बनवारी लाल कंछल ने छोड़ा मुलायम सिंह का साथ
सपा से राज्य सभा सदस्य कंछल हुए मायावती के साथ
इस घटना के बाद सपा से शुरू हुआ व्यापारियों के इस्तीफे का सिलसिला

First Published - April 17, 2009 | 8:59 PM IST

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