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ढुलाई भाड़ा बढ़ चुका, अब पड़ेगी महंगाई की मार

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Last Updated- December 07, 2022 | 4:02 AM IST

तेल की कीमतों में हुई वृद्धि के कारण वाणिज्यिक भाड़ा बढ़ने से आने वाले दिनों में रोजाना काम आने वाली वस्तुओं के दामों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।


आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस(एआईएमटीसी) के अधिकारियों का मानना है कि तेल की कीमतें बढ़ने से माल ढुलाई वाहनों के भाड़े में बढ़ोतरी होगी। कई राज्यों में तो ट्रक मालिकों ने माल ढुलाई भाड़े में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी भी कर दी है। बाकी राज्यों में इस बारे में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

वैसे तो तेल की कीमतों का असर मंहगाई पर रोकने के लिए कई राज्य सरकारों ने ब्रिकी कर में कटौती की है। इससे तेल की कीमतों में कमी आ जाएगी। इस बाबत एआईएमटीसी का कहना है कि ब्रिकी कर के कम होने से तात्कालिक तौर पर भाड़े में वृद्धि और यथावत रखने का निर्णय कल होने वाली बैठक में लिया जाएगा।

वाणिज्यिक भाड़े में बढ़ोतरी को लेकर डीटीसी पैकेज एंड मूवर्स के मालिक नवीन गुप्ता का कहना है कि हमने वाणिज्यिक वाहनों के किराये में दस फीसदी का इजाफा कर दिया है। समस्त परिवहन प्रणाली में लगभग 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा वाणिज्यिक परिवहन का होता है। इसलिए कीमतें बढ़ाए बिना गुजारा नहीं हो सकता है।

जय बंजरग कैरियर के मालिक एस एन गोयल का कहना है कि तेल की कीमत की बढ़ोतरी से केवल उन्हीं उत्पादों की कीमतों पर फर्क नहीं पड़ेगा जो स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध है। लेकिन जब इन्हीं उत्पादों को दूसरे राज्यों में ले जाया जाएगा तो निश्चित तौर पर कीमतों में काफी फर्क आ जाएगा।

बाजार के जानकारों का मानना है कि भाड़े में  बढ़ोतरी होने से खाद्य पदार्थो ,सब्जियों, रेडीमेड कपड़ों, इंजीनियरिंग उत्पादों, पशुओं के चारे, फलों , अनाज, उर्वरकों , जीवनाशकों,  केमिकल्स, जवहरात और धातुओं की कीमतें बढ़ सकतीं हैं। इस बाबत आजादपुर टौमेटो एंड पोटेटो एसोसिएशन के महासचिव राजेन्द्र शर्मा का कहना है कि सब्जियों के दामों  में इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा क्योकि इस बार कई सब्जियों की अच्छी फसल हुई है।

इसलिए इस बार ज्यादा उत्पादन वाले कमोडिटी उत्पादों की कीमतों में तेल की कीमतों की बढ़ोतरी होने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि रेडीमेड कपड़े, इंजीनियरिंग उत्पाद, उर्वरक, जीवनाशक, के मिकल्स, जवहरात और केमिकल्स महंगे हो सकते हैं। 

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First Published - June 6, 2008 | 9:38 PM IST

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