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‘पूर्वोत्तर से अफस्पा हटाने के प्रयास’

Last Updated- December 11, 2022 | 7:27 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र से अफस्पा को पूरी तरह हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। असम के दीफू में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में पिछले आठ वर्षों में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार आने के बाद हटाया जा सका है। उन्होंने कहा, ‘क्षेत्र में हिंसा में 75 फीसदी की कमी आने के साथ कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार आने पर कानूनों को लागू करने में बदलाव आया है। अफस्पा सबसे पहले त्रिपुरा में और फिर मेघालय में हटाया गया।’
उन्होंने कहा कि असम में पिछली सरकारों ने गत तीन दशकों में इसे बार-बार बढ़ाया क्योंकि कानून व्यवस्था की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया था। उन्होंने कहा, ‘पिछले आठ वर्षों में स्थिति पर उचित नियंत्रण के कारण अफस्पा को राज्य के ज्यादातर हिस्सों से हटा दिया गया है। हम बाकी के हिस्सों से भी इसे हटाने की कोशिश कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यह कानून नगालैंड और मणिपुर के कुछ इलाकों में लागू है और हम इसे पूरी तरह हटाने पर तेजी से काम कर रहे हैं।’
केंद्र ने नगालैंड, असम और मणिपुर में अफस्पा के तहत आने वाले प्रभावित इलाकों को दशकों बाद 1 अप्रैल से कम करने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ‘डबल इंजन’ सरकार का प्रभाव असम में स्थायी शांति और तेज गति से विकास के लौटने से दिखायी देता है। मोदी ने कहा कि सरकार ने असम के कार्बी आंगलोंग और त्रिपुरा में शांति समझौते किए हैं जबकि पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति लाने एवं तेज गति से विकास करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘कार्बी आंगलोंग के कई संगठन शांति एवं विकास के रास्ते पर आगे चलने के लिए मुख्यधारा में लौट आए हैं। 2020 में बोडो समझौते ने क्षेत्र और त्रिपुरा में शांति का मार्ग प्रशस्त किया, एनएलएफटी भी शांति के लिए आगे आया है जबकि ढाई दशक पुराना ब्रु-रियांग मुद्दा हल कर लिया गया है।’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्षेत्र में स्थायी रूप से शांति कायम हो गई है और केंद्र तथा राज्य सरकारों के सामूहिक प्रयास से पूर्वोत्तर राज्यों में तेज गति से विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया ‘जारी है और भविष्य में भी चलती रहेगी।’
प्रधानमंत्री ने कार्बी आंगलोंग में पशु चिकित्सा विज्ञान और कृषि कॉलेजों तथा एक मॉडल सरकारी कॉलेज की नींव रखी तथा असम में 2,985 ‘अमृत सरोवर’ परियोजनाएं भी शुरू की। उन्होने कहा कि कार्बी आंगलोंग के लिए 1,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे, खासतौर से उन युवाओं को जो राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भाग लेने के लिए मुख्यधारा में लौटे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘ये नींव किसी इमारत या संस्थान की नींव नहीं हैं बल्कि कार्बी आंगलोंग के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।’ राज्य में ‘अमृत सरोवरों’ पर प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने पिछले सप्ताह जम्मू कश्मीर में यह शुरू किया था और असम में ‘ये सुविधाएं न केवल जल का एक स्रोत बल्कि आय कमाने का साधन भी बनेगी।’ उन्होंने कहा कि लोगों को क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।    

First Published - April 29, 2022 | 12:10 AM IST

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