facebookmetapixel
Advertisement
Dr Reddy’s Share Price: Q1 नतीजों के बाद 9% टूटा शेयर, 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचा; ब्रोकरेज की क्या है राय?IndusInd Bank पर बढ़ा ब्रोकरेज का भरोसा? Q1 के बाद स्टॉक पर क्या हो निवेश की स्ट्रैटेजीNCDEX के जरिए म्युचुअल फंड में हो सकेगा ट्रांजैक्शन, 29 जुलाई को शुरू होगा प्लेटफॉर्मबाजार में गिरावट के बीच एक्सपर्ट की पसंद बने ये 3 शेयर, जानें टारगेट और स्टॉप लॉसEternal Share Price: तिमाही नतीजों के बाद चमका Eternal का शेयर! ब्रोकरेज भी बुलिश, 40% तक तेजी की उम्मीदNew Brezza 2026: कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में नई ब्रेजा देगी टक्कर! पहली बार कार खरीदने वालों पर मारुति का दांवसोना-चांदी की तेजी पर लगा ब्रेक, जानें आज कितने गिरे भावप्रधानमंत्री मोदी का पेपर लीक पर बड़ा ऐलान, दोषियों को सजा देने बनाएंगे फास्ट-ट्रैक कोर्टहाई-टेक स्टार्टअप के लिए कमजोर रही वीसी फंडिंग, क्या Semicon 2 के बाद बदलेगा माहौल?TVS Motor ने बनाया ग्लोबल ग्रोथ रोडमैप, अफ्रीका और यूरोप पर रहेगा फोकस

आलू किसानों पर कोल्डस्टोरेज की मार

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 5:01 PM IST

गन्ने के बाद अब राष्ट्रीय लोक दल के नेता अजित सिंह ने आलू किसानों की समस्याओं को उठाया है।


मायावती सरकार पर किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाते हुए अजित सिंह ने कहा कि खुदरा और थोक बाजार में आलू के दाम घट रहे हैं लेकिन इसके बावजूद कोल्ड स्टोर मालिकों ने भंडारण की दरों को बढ़ा दिया है।


उन्होंने बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश में आलू किसान बेहद बुरे हालात में हैं और उन्हें भंडारण के लिए अधिक कीमत चुकाने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोर्ल्ड स्टोर मालिक अधिक शुल्क ले रहे हैं जबकि किसानों को अपनी उपज की वाजिब कीमत नहीं मिल रही है।


इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने जिस तरह से गन्ना किसानों की समस्याओं को लिया उस पर भी रालोद नेता ने निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट यह साफ किया है कि राज्य सरकार को गन्ने की कीमत तय करने का पूरी तरह से अधिकार है, इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट ऐसे मामले की सुनवाई कर रहा है।


प्रदेश की मायावती सरकार को आड़े हाथों लेते हुए अजित सिंह ने कहा कि किसानों के बकाया और गन्ने की कीमतों के मसले को सही ढंग से हल नहीं किया और किसानों को अघर में छोड़ दिया गया है।

Advertisement
First Published - March 25, 2008 | 10:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement