facebookmetapixel
क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने वाकई वह बदलाव लाया, जिसके लिए उन्हें शुरू किया गया था?Budget 2026 में Cryptocurrency को लेकर क्या बदलाव होने चाहिए?Stock Market: IT शेयरों की तेजी से सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में, बढ़त रही सीमितJio Q3 Results: सितंबर तिमाही में मुनाफा 11.3% बढ़कर ₹7,629 करोड़ पर पहुंचा, रेवेन्यू में भी जबरदस्त बढ़तAbakkus Flexi Cap का पहला पोर्टफोलियो आउट, फंड ने बताया कहां लगा है ₹2,468 करोड़; देखें पूरी लिस्ट1 अप्रैल से म्यूचुअल फंड के नए नियम: SEBI ने परफॉर्मेंस के हिसाब से खर्च लेने की दी इजाजतReliance Q3FY26 results: रिटेल बिजनेस में कमजोरी के चलते मुनाफा ₹18,645 करोड़ पर स्थिर, रेवेन्यू बढ़ाProvident Fund से निकासी अब और आसान! जानें कब आप अपना पूरा पैसा निकाल सकते हैं?Budget 2026: 1 फरवरी, रविवार को भी खुले रहेंगे शेयर बाजार, BSE और NSE का बड़ा ऐलानExplainer: ₹14 लाख की CTC वाला व्यक्ति न्यू टैक्स रिजीम में एक भी रुपया टैक्स देने से कैसे बच सकता है?

उत्तर प्रदेश : कपड़ा क्षेत्र में हो रहा बड़ा निवेश

Last Updated- December 12, 2022 | 3:23 AM IST

उत्तर प्रदेश में लंबे अरसे के बाद कपड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। प्रदेश में बीते चार सालों में 66 नई कपड़ा इकाइयों के लिए 8,715.16 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन इकाइयों में 5.25 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार के प्रयासों से अब तक 66 में से 12 कपड़ा फैक्ट्री राज्य में लग गई हैं और 18 फैक्ट्रियों के निर्माण का कार्य चल रहा है। इस साल इन 18 फैक्ट्रियों में भी उत्पादन शुरू किए जाने का लक्ष्य है, जबकि 17 फैक्ट्रियों की स्थापना के लिए इस वर्ष निर्माण कार्य शुरू होने की उ मीद है। अगले साल से इन 17 फैक्ट्रियों में भी उत्पादन शुरू होने का दावा किया जा रहा है। प्रवक्ता के मुताबिक देश और विदेश के बड़े बड़े नामी उद्योगपति कपड़ा क्षेत्र के साथ ही बुनियादी ढांचा, खाद्य प्रसंस्करण,  इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण, रियल एस्टेट, ऊर्जा तथा विनिर्माण क्षेत्र में प्रदेश में निवेश कर रहें हैं। कपड़ा क्षेत्र निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा क्षेत्र बनकर उभरा है।
प्रदेश के कपड़ा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बीते चार वर्षों में इस क्षेत्र में 66 कंपनियों ने 8,715.16 करोड़ रुपये का निवेश करने की पहल की है। इनमें से 12 कपड़ा फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू हो गया है, इन फैक्ट्रियों के निर्माण में 645 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 2,870 लोगों को रोजगार मिला है। इन फैक्ट्रियों की स्थापना से कानपुर कपड़े के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। कानपुर प्लास्टिपैक लिमिटेड ने कानपुर देहात में 200 करोड़ रुपये, आरपी पॉली पैक्स ने पाली बैग के उत्पादन के लिए रनिया में 150 करोड़ रुपये, जीएलकेके इंडस्ट्री ने रूमा कानपुर में फैब्रिक उत्पादन के लिए 25 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसी प्रकार सृष्टि इंडस्ट्री ने कानपुर देहात में निटिंग फैक्ट्री लगाई है। गैजेस अपैरल ने गारमेंट तथा अनिलिखा फैब्रिक ने होजरी क्लाथ फैक्टी कानपुर में लगाई है। कानपुर के अलावा राजलक्ष्मी काटन मिल्स ने 50 करोड़ रुपये का निवेश कर नोएडा में सिलेसिलाए वस्त्रों और कल्याणी इनरवियर ने गाजियाबाद में इनर गारमेंट की फैक्ट्री लगाई है। टीटी लिमिटेड ने 50 करोड़ रुपये का निवेश कर अमरोहा में गारमेंट और सनविन टेक्सटाइल ने बदायूं में लेस फैब्रिक्स की फैक्टी लगाई है। शुद्ध प्लस हैजीन प्रोडक्ट ने 80 करोड़ रुपये का निवेश कर गोरखपुर में सैनेटरी नैपकिन की फैक्टी लगाई है। इस फैक्ट्री में 500 लोगों को रोजगार मिला है।
इसके अलावा जिंदल हैंडटेक्स गाजियाबाद में, गौरव इंटरनेशनल नोएडा में, वीवासिटी होम नोएडा में, युवी गारमेंट गाजियाबाद में राकेश इंटरनेशनल गाजियाबाद में, शिवापाली प्लास्ट जौनपुर में तयाल होजरी मिल्स कानपुर में तथा जय नारायण फैबटेक मेरठ में टेक्सटाइल फैक्ट्री लगा रही है। इस वर्ष के अंत तक इन फैक्ट्रियों का निर्माण कार्य पूरा होकर उत्पादन शुरू जाएगा। इसके अलावा कपड़ा फैक्ट्री लगाने से संबंधित 28 निवेश प्रस्ताव ऐसे हैं जिनके निवेशकों ने फैक्ट्री लगाने को लेकर अभी जमीन लेने के लिए आवेदन नहीं किया है, ऐसे निवेशकों से विभाग से अधिकारी संपर्क में हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्दी ही यह निवेशक भी अपनी फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को अंतिम रुप दे देंगे।

First Published - June 23, 2021 | 11:18 PM IST

संबंधित पोस्ट