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मई में खुलेगी राजपुरा संयंत्र की बोली

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Last Updated- December 05, 2022 | 11:44 PM IST

पंजाब के राजपुरा स्थित ताप बिजली परियोजना के लिए चयनित बोलीदाता की घोषणा 15 मई, 2008 को की जाएगी।


इससे पहले रिलायंस पॉवर, टाटा पॉवर, लार्सन एंड टुब्रो, एस्सार जैसी कंपनियों ने अनुरोध पत्र (आरएफक्यू) दाखिल किया था। राजपुरा परियोजना में रुचि दिखाने वाली बाकी कंपनियों में लैंको इंफ्राटेक, भीलवाड़ा एनर्जी, इंडिया बुल्स पॉवर प्रोजेक्ट्स, स्टेरलाईट, जेएसडब्ल्यू और आईडीएफसी का कंर्सोटियम और स्पेनिश कंपनी यूनियन फेनोसा इंटरनेशनल और आईसोलक्स कॉरसन का गठजोड़ शामिल हैं।


इस परियोजना का आवंटन भारत सरकार के दिशानिर्देशों के मुताबिक टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली के जरिए किया जाएगा और इसका परिचालन बनाओ, स्वामित्व हासिल करे और चलाओ (बीओओ) के आधार पर किया जाएगा। प्रस्तावित बिजली संयंत्र कोयला आधारित होगा और इसके लिए 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।


उल्लेखनीय है कि पंजाब राज्य बिजली बोर्ड (पीएसईबी) ने जनवरी में डिवेलपर्स के चयन के लिए आरएफक्यू जारी किया था और 19 फरवरी को चंडीगढ़ में बोलीदाताओं के सम्मेलन का आयोजन किया गया था।


राजपुरा बिजली परियोजना के विकास और निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने, जोखिम के भार को कम करने और प्रतिस्पर्धी बोलियों के जरिए उद्यमियों की बेहतर प्रतिक्रिया हासिल करने के लिए नाभा पॉवर लिमिटेड के नाम से एक विशेष उद्देश्यीय कंपनी (एसपीवी) का गठन किया गया है। यह एसपीवी पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के पूर्णस्वामित्व वाली कंपनी होगी और परियोजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।


कंपनी शुरूआती अध्ययन करेगी और परियोजना के लिए आवश्यक मंजूरी हासिल करेगी और कोयला, पानी, जमीन अधिग्रहण और पीएसईबी को बिजली बेचने से जुड़े समझौतों को अंजाम देगी। प्रतिस्पर्धी बोलियों के जरिए डिवेलपर्स का चयन होने तक कंपनी सोल उत्पादक के रूप में काम करेगी। एसपीवी पर्यावरण से आवश्यक मंजूरियां हासिल करेगी।


राज्य सरकार ने प्रस्तावित ताप बिजली परियोजना के लिए 1,058 एकड़ जमीन की पहचान की है और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत के दौरान नाथा पॉवर लि. के निदेशक के बी कंसल ने बताया कि बहुत संभव है कि 15 मई से पहले हम परियोजना के लिए आरएफक्यू दाखिल करने वाले सफल बोलीदाता के नाम की घोषणा कर दें।


उन्होंने बताया कि सफल डिवेलपर्स के लिए वित्तीय बोली दाखिल करने की अंतिम तारीख 20 अक्टूबर तय की गई है। पंजाब में 10वीं योजना के अंत तक की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 6088 मेगावाट थी। राज्य सरकार की योजना अगले पांच वर्षो के दौरान उत्पादन में 4,000 मेगावाट की बढ़ोतरी करने की है।

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First Published - April 25, 2008 | 10:37 PM IST

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