facebookmetapixel
IPO Next Week: Bharat Coking Coal से Shadowfax तक, अगले सप्ताह इन कंपनियों के IPO की बहारSenior Citizens FD Rates 2026: 8% तक ब्याज, कहां मिल रहा है सबसे बेहतर रिटर्न?1 अप्रैल से UPI के जरिए सीधे EPF निकाल सकेंगे कर्मचारी, विड्रॉल प्रक्रिया से मिलेगी राहत2025 में भारत के शीर्ष 20 स्टार्टअप ने फंडिंग में बनाई बढ़त, पर छोटे स्टार्टअप को करना पड़ा संघर्षReliance Q3FY26 results: आय अनुमान से बेहतर, मुनाफा उम्मीद से कम; जियो ने दिखाई मजबूतीभारत-जापान ने शुरू किया AI संवाद, दोनों देशों के तकनीक और सुरक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तारभारत अमेरिका से कर रहा बातचीत, चाबहार बंदरगाह को प्रतिबंध से मिलेगी छूट: विदेश मंत्रालयIndia-EU FTA होगा अब तक का सबसे अहम समझौता, 27 जनवरी को वार्ता पूरी होने की उम्मीदStartup India के 10 साल: भारत का स्टार्टअप तंत्र अब भी खपत आधारित बना हुआ, आंकड़ों ने खोली सच्चाई‘स्टार्टअप इंडिया मिशन ने बदली भारत की तस्वीर’, प्रधानमंत्री मोदी बोले: यह एक बड़ी क्रांति है

मंगलूरु में 2 कॉलेजों से 28 छात्राओं को लौटाया गया

Last Updated- December 11, 2022 | 9:14 PM IST

कर्नाटक के मंगलूरु में बुधवार को दो कॉलेजों में कम से कम 28 छात्राओं को कक्षा में हिजाब पहनकर जाने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें वापस लौटा दिया गया। मंगलूरु के पुलिस आयुक्त एन शशि कुमार ने बताया कि शहर के चार अन्य कॉलेजों में हिजाब पहनकर पहुंचीं छात्राओं को हिजाब हटाने के बाद कक्षा में बैठने की अनुमति दी गई। राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहनने को लेकर उठे विवाद के बाद सरकार द्वारा एक सप्ताह के अवकाश की घोषणा के चलते बुधवार को दोबारा खुले सभी कॉलेजों में कक्षाएं सामान्य रूप से संचालित हुईं।
आयुक्त ने कहा कि आज शहर के छह कॉलेज में हिजाब का मुद्दा सामने आया, जिसके बाद उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए पोम्पी पीयू कॉलेज प्रबंधन ने हिजाब पहनने वाली 26 छात्राओं को वापस घर भेज दिया। उन्होंने बताया कि दयानंद पई डिग्री कॉलेज प्रबंधन ने भी हिजाब पहन कर आईं दो छात्राओं को कक्षा में हिजाब पहनकर बैठने की अनुमति नहीं दी और उन्हें वापस लौटा दिया गया। उन्होंने बताया कि चार अन्य कॉलेजों में हिजाब पहनकर पहुंचीं छात्राओं को हिजाब हटाने के बाद कक्षा में बैठने की अनुमति दी गई। शशि कुमार ने बताया कि कॉलेज परिसर में छात्रों द्वारा भगवा शॉल पहनकर आने का कोई मामला सामने नहीं आया है।    

विवाद भाजपा प्रायोजित: एसडीपीआई
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) ने बुधवार को भाजपा पर कर्नाटक में शिक्षण संस्थानों में हिजाब-भगवा शॉल मुद्दे को ‘शह एवं बढ़ावा देने’ का आरोप लगाया। एसडीपीआई के महासचिव बी आर भास्कर प्रसाद ने आरोप लगाया कि पूरा मुद्दा ही राज्य में भाजपा सरकार द्वारा प्रायोजित ‘आपराधिक हरकत’ है। उन्होंने संविधान में मुस्लिम महिलाओं के हिजाब पहनने पर कोई पाबंदी नहीं होने का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि यह मुद्दा महाविद्यालय के प्राचार्य ने खड़ा किया जिसे बाद में संघ परिवार के संगठनों ने लपक लिया।

First Published - February 16, 2022 | 11:01 PM IST

संबंधित पोस्ट