facebookmetapixel
Advertisement
डिजिटल पेमेंट नियमों में बदलाव,UPI पर MDR से 10,000 करोड़ रुपये तक सरकार को मिल सकता है बड़ा राजस्वNDA सांसदों की बैठक में खेल और रोजगार पर फोकस, युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का दिया गया ब्यौरा1991 के आर्थिक सुधारों ने बदली भारत की दशा, उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार: जयराम रमेशखनिज ब्लॉकों की नीलामी के बाद भी धीमी रफ्तार, 720 में केवल 105 खदानें शुरूREIT और InvIT निवेशकों को बड़ी राहत, नई टैक्स व्यवस्था में भी डिविडेंड रहेगा पूरी तरह टैक्स फ्रीडिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, RBI को 4 हफ्ते में SOP बनाने का दिया निर्देशFuel Prices: पेट्रोल-डीजल कीमतों पर सरकार रखेगी नजर, जरूरत पड़ने पर उठाएगी कदमTax Amendment Bill 2026: विदेशी निवेशकों के लिए आसान होंगे टैक्स नियम, लोकसभा में विधेयक पेशNSE क्लोजिंग प्राइस विवाद से बदला म्युचुअल फंड NAV, निवेशकों पर दिखा अलग-अलग असरMeta के अधिकारियों से आज सरकार की बैठक, WhatsApp और कंटेंट मॉडरेशन पर होंगे सवाल

रिटायरमेंट प्लानिंग होगी आसान! PensionBazaar ने Corporate NPS के लिए लॉन्च किया नया प्लेटफॉर्म

Advertisement

पेंशनबाजार ने कॉर्पोरेट NPS प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बना दिया है, जिससे कंपनियां और कर्मचारी बिना किसी झंझट के समय रहते रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू कर सकते हैं

Last Updated- August 04, 2026 | 4:31 PM IST
NPS
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

रिटायरमेंट की प्लानिंग अक्सर नौकरीपेशा लोगों की प्राथमिकता में सबसे आखिर में आती है। घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, होम लोन, गाड़ी की EMI और दूसरी जिम्मेदारियों के बीच भविष्य के लिए बचत का फैसला टलता रहता है। ऐसे में जब लोग रिटायरमेंट की तैयारी शुरू करते हैं, तब तक काफी समय निकल चुका होता है।

यही वजह है कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) जैसी पेशन स्कीमस्स को लंबे समय की आर्थिक सुरक्षा के लिए अहम माना जाता है। हालांकि, कंपनियों में कॉर्पोरेट NPS को लागू करने और कर्मचारियों को इससे जोड़ने की प्रक्रिया अब तक काफी मुश्किल मानी जाती रही है। लेकिन इस चुनौती को आसान बनाने के लिए पैसाबाजार के रिटायरमेंट प्लानिंग प्लेटफॉर्म ‘पेंशनबाजार’ ने अपनी कॉर्पोरेट NPS सर्विस को और मजबूत किया है। कंपनी का दावा है कि नए डिजिटल प्लेटफॉर्म से कंपनियों और कर्मचारियों, दोनों के लिए NPS से जुड़ना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।

कॉर्पोरेट NPS की प्रक्रिया हुई पहले से आसान

अब तक किसी भी कंपनी में कॉर्पोरेट NPS लागू करना HR और फाइनेंस टीमों के लिए आसान नहीं था। इसमें कागजी प्रक्रिया पूरी करना, कर्मचारियों का रिकॉर्ड संभालना और हर महीने होने वाले योगदान का हिसाब रखना काफी समय लेने वाला काम माना जाता था। इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पेंशनबाजार ने एक ‘सिंगल-विंडो’ सॉल्यूशन तैयार किया है।

इस प्लेटफॉर्म की मदद से नए कर्मचारियों की डिजिटल ऑनबोर्डिंग, जरूरी डॉक्यूमेंट जमा करना, हर महीने जमा होने वाले पैसे का रिकॉर्ड, रिपोर्ट तैयार करना और अकाउंट से जुड़ी सर्विसिंग जैसे सभी काम एक ही जगह से किए जा सकते हैं। डिजिटल ऑनबोर्डिंग के कारण कागजी प्रक्रिया काफी कम हो जाती है और मैन्युअल गलतियों की संभावना भी घटती है। यही वजह है कि छोटी कंपनियों से लेकर बड़े कॉरपोरेट हाउस तक अपनी टीमों के लिए इस सुविधा को आसानी से अपना पा रहे हैं।

Also Read: HDFC Bank ने लॉन्च किए ‘Max for Seniors’ और ‘Max for Her’ अकाउंट्स, जानें क्या हैं इसके फायदे

वहीं, कर्मचारियों के लिए भी यह प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी आसान हो गई है। वे अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए कुछ ही मिनटों में ऑनबोर्डिंग पूरी कर सकते हैं। इसके बाद एक ही डैशबोर्ड पर अपने रिटायरमेंट फंड, जमा राशि में बढ़ोतरी और खाते से जुड़ी दूसरी जरूरी जानकारी आसानी से देख और उसे मैनेज कर सकते हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से आसान होगी NPS की शुरुआत

आज के समय में कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाएं सिर्फ मासिक वेतन या मेडिकल इंश्योरेंस तक सीमित नहीं हैं। कंपनियां अब अपने कर्मचारियों की आर्थिक सेहत यानी फाइनेंशियल वेलबीइंग पर भी पहले से ज्यादा ध्यान दे रही हैं। इसके बावजूद, ज्यादातर कर्मचारी नौकरी के शुरुआती दिनों में रिटायरमेंट प्लानिंग को ज्यादा महत्व नहीं देते। जब तक वे इसके बारे में गंभीरता से सोचना शुरू करते हैं, तब तक काफी समय बीत चुका होता है।

पेंशनबाजार इसी सोच को बदलने की कोशिश कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म आसान भाषा में सही जानकारी और बिना किसी झंझट के डिजिटल सुविधा के जरिए कर्मचारियों को कम उम्र से ही रिटायरमेंट की योजना शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। समय रहते निवेश शुरू करने से कंपाउंडिंग यानी ब्याज पर मिलने वाले ब्याज का पूरा फायदा मिलता है, जिससे लंबे समय में बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार करने में मदद मिलती है।

पेंशनबाजार के प्रमुख विश्वजीत गोयल का कहना है कि ज्यादातर लोग अपने करियर के आखिरी दौर में रिटायरमेंट की योजना बनाना शुरू करते हैं, जबकि कंपाउंडिंग का असली फायदा तभी मिलता है, जब निवेश की शुरुआत जल्दी की जाए। उनके मुताबिक, भारत में NPS रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए एक मजबूत व्यवस्था है, लेकिन इसे बड़े स्तर पर अपनाने के लिए जरूरी है कि कंपनियों और कर्मचारियों, दोनों के लिए इसकी प्रक्रिया आसान हो।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य इस प्रक्रिया से जुड़ी ऑपरेशनल चुनौतियों को कम करना और ऐसा अनुभव देना है, जिसे समझना आसान हो, जो सभी की पहुंच में हो और इस्तेमाल करने में भी सरल हो। साथ ही, वे चाहते हैं कि रिटायरमेंट प्लानिंग हर कर्मचारी की फाइनेंशियल प्लानिंग का स्वाभाविक हिस्सा बने और कंपनियों के लिए भी यह सुविधा अपने कर्मचारियों तक पहुंचाना आसान हो।

गोयल के मुताबिक, देश में जैसे-जैसे संगठित क्षेत्र में रोजगार बढ़ रहा है और लोग वित्तीय मामलों को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो रहे हैं, वैसे-वैसे कंपनियों के जरिए NPS जैसी स्कीम्स की अहमियत भी बढ़ेगी। उनका कहना है कि पेंशनबाजार की इस पहल से कंपनियों के लिए अपने कर्मचारियों को भविष्य की वित्तीय सुरक्षा से जोड़ना पहले के मुकाबले ज्यादा आसान हो जाएगा।

Advertisement
First Published - August 4, 2026 | 4:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement