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60 की उम्र से पहले अटल पेंशन योजना छोड़ने पर कितना पैसा मिलेगा? निकासी और पेंशन के नियम समझें

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60 साल की उम्र पूरी होने पर सब्सक्राइबर योजना में चुनी गई न्यूनतम मासिक पेंशन पाने का हकदार हो जाता है, यह पेंशन सब्सक्राइबर को जीवनभर मिलती रहती है

Last Updated- September 14, 2026 | 3:52 PM IST
senior citizen
प्रतीकात्मक तस्वीर

Atal Pension Yojana: अटल पेंशन योजना (APY) में 60 साल की उम्र पूरी होने पर पेंशन मिलती है, लेकिन सब्सक्राइबर इससे पहले भी योजना से बाहर निकल सकता है। हालांकि, समय से पहले बाहर निकलने पर मिलने वाले लाभ 60 साल तक योजना में बने रहने से अलग होते हैं और कुछ मामलों में सरकार का सह-योगदान भी वापस नहीं मिलता।

PFRDA की इस योजना में 18 से 40 साल की उम्र के पात्र लोग शामिल हो सकते हैं। इसमें 60 साल की उम्र के बाद 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक की न्यूनतम मासिक पेंशन की गारंटी मिलती है। ऐसे में APY सब्सक्राइबर्स के लिए यह समझना जरूरी है कि 60 साल से पहले कब निकासी की जा सकती है, कितना पैसा मिलेगा और सब्सक्राइबर की मृत्यु होने पर क्या नियम लागू होते हैं।

60 साल से पहले APY से कब बाहर निकल सकते हैं?

समय से पहले योजना से बाहर निकलने की अनुमति है, लेकिन इसके लिए कुछ खास शर्तें हैं। PFRDA के तहत APY के नियमों के मुताबिक, सब्सक्राइबर 60 साल की उम्र से पहले अपनी इच्छा से योजना से बाहर निकल सकता है। हालांकि, ऐसी स्थिति में सब्सक्राइबर को उसके खुद के योगदान और उस योगदान पर मिले शुद्ध रिटर्न की रकम ही मिलती है। इसमें लागू शुल्क की कटौती की जाती है।

जहां सरकार की ओर से सह-योगदान मिला है, वहां स्वेच्छा से समय से पहले बाहर निकलने पर सरकार का सह-योगदान और उस पर मिला रिटर्न सब्सक्राइबर को वापस नहीं किया जाता। समय से पहले बाहर निकलने की अनुमति कुछ विशेष परिस्थितियों में भी है। इसमें सब्सक्राइबर की मृत्यु और कुछ तय गंभीर या अंतिम अवस्था वाली बीमारियां शामिल हैं, जहां जमा रकम की जरूरत होती है। इसलिए समय से पहले निकासी और APY की अवधि पूरी होने के बाद मिलने वाले लाभ में काफी अंतर है।

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60 साल से पहले सब्सक्राइबर की मृत्यु होने पर क्या होगा?

60 साल की उम्र से पहले सब्सक्राइबर की मृत्यु होने पर उसके जीवनसाथी के लिए अलग नियम हैं। जीवनसाथी चाहे तो APY खाते को तब तक जारी रख सकता है, जब तक सब्सक्राइबर की उम्र 60 साल नहीं हो जाती। इसके बाद उसे वह पेंशन मिल सकती है, जो सब्सक्राइबर को मिलनी थी।

दूसरा विकल्प यह है कि जीवनसाथी खाता बंद करके जमा रकम ले सकता है, जो लागू नियमों के अधीन होगी। अगर जीवनसाथी नहीं है, तो जमा रकम नॉमिनी को दी जाती है। इसलिए सब्सक्राइबर्स को अपने APY खाते से जुड़े बैंक या पोस्ट ऑफिस में जीवनसाथी और नॉमिनी की जानकारी अपडेट रखनी चाहिए।

समय से पहले निकासी का दावा कैसे करें?

स्वेच्छा से बाहर निकलने या किसी विशेष परिस्थिति में निकासी के लिए सब्सक्राइबर को आमतौर पर उस बैंक या पोस्ट ऑफिस के जरिए तय APY निकासी फॉर्म जमा करना होता है, जहां APY खाता है। इस दावे के लिए आमतौर पर परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN), व्यक्तिगत जानकारी और बैंक खाते की जानकारी देनी होती है। बाहर निकलने के कारण के आधार पर जरूरी दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।

उदाहरण के लिए, किसी पात्र बीमारी के कारण निकासी के लिए मेडिकल दस्तावेज और मृत्यु से जुड़े दावे के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र की जरूरत हो सकती है।बैंक या पोस्ट ऑफिस अनुरोध की जांच करने के बाद इसे प्रोसेस करता है। मंजूरी मिलने के बाद लागू कटौती के बाद पात्र रकम लिंक किए गए बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।

60 साल की उम्र होने पर क्या होता है?

APY को मुख्य रूप से पेंशन योजना के तौर पर बनाया गया है। यह सामान्य बचत योजना की तरह नहीं है, जिसमें मैच्योरिटी पर पूरी जमा रकम एकमुश्त वापस मिल जाती है। 60 साल की उम्र पूरी होने पर सब्सक्राइबर योजना में चुनी गई न्यूनतम मासिक पेंशन पाने का हकदार हो जाता है। यह पेंशन सब्सक्राइबर को जीवनभर मिलती रहती है।

APY के नियमों के मुताबिक, पेंशन सब्सक्राइबर को मिलती है और उसकी मृत्यु के बाद यही पेंशन उसके जीवनसाथी को जीवनभर मिलती है। सब्सक्राइबर और जीवनसाथी दोनों की मृत्यु के बाद, सब्सक्राइबर के 60 साल का होने के समय जमा पेंशन रकम नॉमिनी को वापस कर दी जाती है, जो योजना के नियमों के अधीन होती है।

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60 साल के बाद पेंशन का दावा कैसे करें?

सब्सक्राइबर को उस बैंक या पोस्ट ऑफिस से संपर्क करना होता है, जहां उसका APY खाता है और तय पेंशन क्लेम या निकासी अनुरोध जमा करना होता है। सब्सक्राइबर को PRAN और पहचान, उम्र और बैंक खाते से जुड़ी जरूरी जानकारी तैयार रखनी चाहिए। बैंक या पोस्ट ऑफिस अनुरोध को प्रोसेस करता है और इसके बाद पेंशन लिंक किए गए बैंक खाते में जमा की जाती है।

APY सब्सक्राइबर्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

• समय से पहले बाहर निकलने की कीमत होती है: स्वेच्छा से समय से पहले निकासी करने पर योजना में 60 साल तक बने रहने जितने लाभ नहीं मिलते।
• सरकार का योगदान खो सकता है: जहां लागू हो, वहां स्वेच्छा से समय से पहले बाहर निकलने पर सरकार का सह-योगदान और उस पर मिला रिटर्न नहीं दिया जाता।
• 60 साल से पहले मृत्यु के अलग नियम हैं: जीवनसाथी आमतौर पर खाता जारी रख सकता है या लागू नियमों के तहत जमा रकम ले सकता है।
• जानकारी अपडेट रखें: नॉमिनी, जीवनसाथी, KYC और बैंक खाते की जानकारी अपडेट रखनी चाहिए।
• योगदान करना न भूलें: APY का योगदान आमतौर पर लिंक किए गए बचत खाते से अपने आप काट लिया जाता है और लंबे समय तक भुगतान नहीं करने से खाते पर असर पड़ सकता है।

इसलिए सब्सक्राइबर्स को 60 साल से पहले APY से बाहर निकलने के फैसले को सामान्य बचत खाते से पैसे निकालने जैसा नहीं समझना चाहिए। APY का वित्तीय लाभ इस तरह बनाया गया है कि सब्सक्राइबर योजना में बना रहे और पेंशन मिलने तक निवेश जारी रखे।

योजना से बाहर निकलने या किसी दावे की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सब्सक्राइबर्स को अपने बैंक, पोस्ट ऑफिस या आधिकारिक PFRDA/NPS CRA चैनल से नवीनतम फॉर्म और प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए, क्योंकि प्रक्रिया से जुड़ी जरूरतों में बदलाव हो सकता है।

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First Published - September 14, 2026 | 2:57 PM IST

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