facebookmetapixel
Advertisement
नतीजों के बाद चुनिंदा IT शेयरों में निवेश का मौका! ब्रोकरेज बुलिश, कहा- मिडकैप रह सकते हैं आगेसस्ता प्रीमियम देख ले लिया हेल्थ इंश्योरेंस, लेकिन ‘को-पे’ और ‘डिडक्टिबल’ बिगाड़ सकता है बजट; समझें पूरा गणितEPFO Update: ज्यादा पेंशन के लिए आवेदन किया है तो जान लें ये 4 बड़े अपडेट, सरकार ने डेडलाइन पर क्या कहा?MSCI India Rejig: Groww, Lenskart समेत 4 शेयरों की एंट्री, Small Cap में 19 बाहरविदेशी फंड्स के लिए बदल रहे टैक्स नियम, क्या भारत बनेगा दुनिया का नया ग्लोबल फंड मैनेजमेंट हब?NRI भी बना सकते हैं NPS से रिटायरमेंट फंड; जानिए कितना पैसा लगाएं, कहां निवेश होगा और कब निकाल सकेंगेनिवेश का मौका! मिल सकता है 40% से ज्यादा का रिटर्न, जानें ब्रोकरेजेज की टॉप 5 पिक्समधु नायर बने बड़ौदा बीएनपी परिबा एएमसी के नए CEO, अगले दौर के ग्रोथ पर होगा फोकसटाटा संस की कमान के लिए खींचतान जारी, परिवार के सदस्य और बड़े अधिकारी लिस्ट मेंभारत की पानी कंपनियों का अगला बाजार देश में नहीं, पश्चिम एशिया में?

मांगे गए दस्तावेज सेबी को मुहैया कराएं सुभाष चंद्रा

Advertisement

चंद्रा के वकील ने यह कहते हुए सेबी के समन को चुनौती दी थी कि दस्तावेज मुहैया कराने के लिए जारी समन में नियामक ने टिप्पणी मांगी थी जो कारण बताओ नोटिस के जरिये दी जा सकती है।

Last Updated- June 26, 2024 | 10:11 PM IST
मांगे गए दस्तावेज सेबी को मुहैया कराएं सुभाष चंद्रा, Bombay HC directs Subhash Chandra to furnish documents sought by Sebi

बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा को निर्देश दिया कि रकम की कथित हेराफेरी के मामले में वह बाजार नियामक सेबी की तरफ से मांगी गई सूचनाएं और दस्तावेज मुहैया कराएं।

27 मार्च को जारी सेबी के समन पर जवाब देने के लिए चंद्रा को 4 हफ्ते का समय दिया गया है। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि चंद्रा 12 जनवरी के बाजार नियामक के पिछले समन का जवाब नहीं दे सकते हैं।

वकील ने कहा कि जनवरी में भेजे गए समन का जवाब देते हुए ज़ी पहले ही नियामक के पास सूचना जमा करा चुकी है। चंद्रा ने सेबी के समन के खिलाफ याचिका दाखिल की थी।

ज़ी के पूर्व चेयरमैन की एक अलग अपील पर प्रतिभूति अपील पंचाट (सैट) में 29 जुलाई को सुनवाई होनी है। चंद्रा के वकील ने यह कहते हुए सेबी के समन को चुनौती दी थी कि दस्तावेज मुहैया कराने के लिए जारी समन में नियामक ने टिप्पणी मांगी थी जो कारण बताओ नोटिस के जरिये दी जा सकती है।

अदालत ने स्पष्ट किया है कि सेबी के समन के जवाब में कोई टिप्पणी नहीं देनी है। लेकिन उसने नियामक को ​निर्देश देने वाली उस अपील को खारिज कर दिया कि अगर ज़ी से और सूचना की दरकार है तो वह नया समन जारी करे। पीठ ने कहा कि अगर और दस्तावेज या सूचना की दरकार है तो वह ज़ी को नया संचार भेज सकता है या समन जारी कर सकता है।

Advertisement
First Published - June 26, 2024 | 10:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement