SmallCap Stocks Rally: स्मॉल कैप शेयर एक बार फिर से निवेशकों को लुभा रहे हैं। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम रही जिसने शेयरों में ‘रिस्क-ऑन रैली’ को बढ़ा दिया। Nifty SmallCap 100 इंडेक्स अप्रैल महीने में 18.4 प्रतिशत चढ़ा। यह मई 2014 के बाद से इसका सबसे अच्छा मासिक प्रदर्शन है। उस महीने यह सूचकांक 22.4 प्रतिशत चढ़ा था। यह बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स की बढ़त से दोगुना से भी ज्यादा है, जो पिछले महीने 7.5 प्रतिशत चढ़ा है। इसके साथ ही, SmallCap सूचकांक ने मार्च महीने में हुई बिकवाली के दौरान हुए नुकसान की भरपाई कर ली है। लेकिन बेंचमार्क निफ्टी 50 अभी भरपाई नहीं कर पाया है।
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद से SmallCap Index इस तेजी के कारण अब 6.4 प्रतिशत ऊपर है। इसकी तुलना में पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से निफ्टी 50 अभी भी 4.7 प्रतिशत नीचे है। SmallCap सूचकांक मौजूदा कैलेंडर वर्ष में भी बढ़त में है और इस साल जनवरी की शुरुआत से अब तक 1.7 प्रतिशत बढ़ चुका है है। दूसरी ओर, निफ्टी 50 अप्रैल महीने में रिकवरी के बावजूद जनवरी से अभी भी 8.2 प्रतिशत नीचे है।
इसी तरह, निफ्टी 50 सूचकांक नवंबर 2025 की मासिक क्लोजिंग के आधार पर बनाए गए अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 26,203 से 8.4 प्रतिशत नीचे है, जबकि SmallCap सूचकांक अगस्त 2024 में बनाए गए अपने रिकॉर्ड स्तर 19,307 से सिर्फ 6.7 प्रतिशत दूर है। तुलना के लिहाज से देखें तो गुरुवार को निफ्टी 50 सूचकांक 23,998 पर बंद हुआ, जबकि Nifty SmallCap 100 इंडेक्स उस दिन 18,007 पर बंद हुआ।
Nifty50 और SmallCap सूचकांकों का प्रदर्शन एक दूसरे से विपरीत रहा है जो यह बतता है कि निवेशकों को उम्मीद है कि पश्चिम एशिया की मौजूदा जंग के कारण आपूर्ति श्रृंखला में आई रुकावटों का छोटी कंपनियों पर या तो बहुत कम असर पड़ेगा या बिल्कुल भी नहीं, जबकि बड़ी कंपनियों को अपनी कमाई और वित्तीय मोर्चे पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
इसका यह भी मतलब है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक, जो मोटे तौर पर बड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं, भारत की कंपनियों के विकास संभावनाओं को लेकर घरेलू निवेशकों की तुलना में ज्यादा सतर्क हैं, जबकि घरेलू निवेशकों का SmallCap शेयरों में बड़ा निवेश है।
नतीजतन, SmallCap का मूल्यांकन अब एक साल पहले के मुकाबले अधिक है, जबकि निफ्टी 50 का मूल्यांकन कम हुआ है। Nifty SmallCap 100 सूचकांक अब 30.4 गुना के पीई मल्टीपल पर कारोबार कर रहा है, जो एक साल पहले 29.5 गुना था। इसकी तुलना में, निफ्टी 50 का अर्निंग्स मल्टीपल शुक्रवार को घटकर 20.9 गुना हो गया, जो एक साल पहले 21.9 गुना था।
यहां Nifty SmallCap 100 सूचकांक की उन 10 कंपनियों को लिया गया है, जिनमें अप्रैल महीने के दौरान सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिली। इस तेजी के कारण इन कंपनियों के मूल्यांकन में शानदार वृद्धि हुई है, लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतें अपने मौजूदा स्तरों से और ज्यादा उछलीं तो शेयरों की ताजा बढ़त ने निवेशकों के लिए नुकसान का जोखिम बढ़ा दिया है।
1. गार्डन रीच शिपबिल्डर्स ऐंड इंजीनियर्स
- यह प्रमुख डिफेंस शिपयार्ड कंपनी सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली स्मॉलकैप कंपनियों में से एक है। इसने पिछले एक महीने में 48 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न दिया है
- कंपनी का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी ने सालाना आधार पर 29 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज की है। यह वृद्धि भारतीय नौसेना की 17ए पहल के तहत दूसरी फ्रिगेट की डिलिवरी के कारण हुई है। इस पहल में सात एडवांस्ड स्टेल्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट शामिल हैं
- गैर-रक्षा क्षेत्र में में गार्डन रीच का फोकस जहाज बनाने और ग्रीन एनर्जी प्लेटफॉर्म पर है, जैसे कि हाइब्रिड फेरी और ग्रीन टग। इनमें वृद्धि के अच्छे अवसर मौजूद हैं
- जहां एक ओर कंपनी की मौजूदा ऑर्डर बुक लगभग 17,000 करोड़ रुपये है, वहीं ऐंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2028 तक यह बढ़कर लगभग 77,800 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी, जो इसके मौजूदा आकार का 4.6 गुना है। ब्रोकिंग फर्म के अनुसार इससे मिलने वाले संभावित राजस्व से भविष्य में कंपनी के मूल्यांकन को मजबूती मिलेगी।
2. दीपक फर्टिलाइजर्स ऐंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्प
- घुलनशील उर्वरकों की बाजार अग्रणी और खनन व औद्योगिक रसायनों के क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी के तीसरी तिमाही के वित्तीय प्रदर्शन पर इस बार के लंबी और बेमौसम बारिश, भू-राजनीतिक अनिश्चितता तथा कच्चे माल व उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव का प्रभाव पड़ा।
- ब्रोकरेज फर्मों को उम्मीद है कि भविष्य में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर होगा, क्योंकि परियोजनाओं के चालू होने में देरी एक अस्थायी बाधा है और यह वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही तक सुलझ जानी चाहिए
- फिलिपकैपिटल रिसर्च के अनुसार कंपनी को टेक्नीकल अमोनियम नाइट्रेट (टीएएन) के निर्यात कोटा में वृद्धि से भी लाभ होने की उम्मीद है
- एमके रिसर्च का कहना है कि कंपनी के व्यवसायों को विभिन्न इकाइयों – खनन रसायनों के लिए दीपक माइनिंग सॉल्युशंस लिमिटेड और फसल पोषण के लिए महाधन एग्रीटेक लिमिटेड में पुनर्गठित करने और अगले कुछ वर्षों में होने वाले उसके डीमर्जर (विलय को समाप्त करने) से मूल्य की प्राप्ति होगी और व्यवसायों में मल्टीपल री-रेटिंग होगी
3. डेटा पैटर्न्स (इंडिया)
- रक्षा और एरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स समाधान प्रदाता ने तीसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन दर्ज किया। उत्पादन सेगमेंट के मजबूत योगदान और बेहतर क्रियान्वयन के चलते उसके राजस्व में 48 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई
- डेटा पैटर्न्स के पास 1,868 करोड़ रुपये की सर्वाधिक ऊंची ऑर्डर बुक है, जो वित्त वर्ष 2025 के राजस्व की 2.6 गुना है। लगभग 1,100 करोड़ रुपये के ऐसे ऑर्डर हैं जिन पर बातचीत तो हो चुकी है लेकिन जिन्हें अभी तक दिया नहीं गया है। इससे अल्पावधि में मजबूत ऑर्डरों का संकेत मिलता है
- चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के अनुसार जहां एक ओर निर्यात अभी भी सीमित है (लगभग 63 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक), वहीं यूरोप और अमेरिका में सह-विकास मॉडल और अनुकूल व्यापार समझौतों के माध्यम से मिल रही शुरुआती गति, बार-बार होने वाली आय के मध्यावधि अवसर पैदा करते हैं
- मोतीलाल ओसवाल रिसर्च के अनुसार लंबी अवधि के सकारात्मक कारक हैं- ऑर्डर बुक की स्पष्ट दृश्यता, विशिष्ट उत्पाद निर्माण की क्षमताएं, ग्राहकों के साथ दीर्घावधि संबंध और उत्पादों का मजबूत ऑर्डर प्रवाह
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4. अमर राजा एनर्जी
- बैटरी बनाने वाली इस बड़ी कंपनी का दिसंबर तिमाही का प्रदर्शन अनुमान से कमजोर रहा। टेलीकॉम सेगमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट, पिछले साल के ऊंचे आधार के मुकाबले रीप्लेसमेंट की धीमी मांग और निर्यात की कमजोर मांग के कारण राजस्व वृद्धि धीमी रही
- लेकिन नए ऊर्जा व्यवसायों का राजस्व सालाना आधार पर दोगुना हो गया, जिसमें लीथियण आयन टेलीकॉम बैटरी पैक की मजबूत मांग का अहम योगदान रहा
- चूंकि लेड-एसिड बैटरियों के लिए वाहन और औद्योगिक मांग का परिदृश्य काफी अच्छा है, इसलिए कंपनी को बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, आनंद राठी रिसर्च के अनुसार नई ट्यूबलर बैटरी और रीसाइक्लिंग प्लांट से कंपनी के मार्जिन में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है
- कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने इस कंपनी के प्रति अपना नजरिया सकारात्मक कर लिया है, क्योंकि कंपनी ने अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं, ग्रिड बैलेंसिंग और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) इन्फ्रास्ट्रक्चर से बढ़ रही मांग को पूरा करने के लिए 5 गीगावॉट प्रति घंटा की एकीकृत बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) गीगाफैक्ट्री में भारी निवेश किया है
5. हिमाद्री स्पेशियल्टी केमिकल्स
- वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ 83 फीसदी तक बढ़ा। उसे ज्यादा मार्जिन वाले स्पेशियल्टी उत्पादों कीरणनीतिक बदलाव, लगातार मार्जिन वृद्धि और अनुशासित पूंजी आवंटन, मजबूत नकदी सृजन से मदद मिली
- मैनेजमेंट का मानना है कि पश्चिम एशिया के संघर्ष का कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। उसे उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में कंपनी का प्रदर्शन उसके हाल में शुरू किए गए स्पेशियल्टी कार्बन ब्लैक प्लांट से उत्पादन में बढ़ोतरी और वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही में नए केमिकल्स प्लांट के शुरू होने से बेहतर होगा
- आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का कहना है कि हिमाद्री अपनी बैलेंस शीट को बेहतर बनाकर नेट कैश की स्थिति में आ गई है। इसका मतलब है कि वह अपने लेवरेज रेशियो पर ज्यादा दबाव डाले बिना बैटरी मैटेरियल संयंत्रों में निवेश कर सकती है
- शेयर इंडिया सिक्योरिटीज का कहना है कि लिथियम-आयन बैटरी मैटेरियल में निवेश, स्पेशलिटी केमिकल्स में विस्तार और डाउनस्ट्रीम समेकन से लगातार वृद्धि और लंबी अवधि में वैल्यू बनाने की साफ संभावनाएं दिखती हैं
6. ऐंजल वन
- इक्विटी ब्रोकरेज फर्म ऐंजल वन अप्रैल में बाजार में आई तेजी के दौरान अपने सेक्टर में सबसे ज्यादा फायदा बढ़ने वाली कंपनियों में से एक रही
- मार्च में 4.9 प्रतिशत की बढ़त के बाद अप्रैल में इस शेयर की कीमत 35.7 प्रतिशत बढ़ गई है। यह बढ़त तब हुई जब पश्चिम एशिया की जंग के कारण बाजार में बिकवाली का दौर चला
- ऐंजल वन कैलेंडर वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में 31.7 प्रतिशत चढ़ा है, जिससे यह सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्मॉलकैप शेयरों में से एक बन गया है
- हाल की आर्थिक चुनौतियों के बावजूद निवेशक इस ब्रोकरेज कंपनी की लगातार बढ़ती कमाई पर दांव लगा रहे हैं
- वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी की शुद्ध बिक्री सालाना आधार पर 38.2 प्रतिशत बढ़ी और शुद्ध मुनाफा 83.5 प्रतिशत बढ़ गया। इसकी वजह बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण कैश और डेरिवेटिव सेगमेंट में ट्रेडिंग वॉल्यूम में तेजी आना था। इससे कंपनी की आय को बढ़ावा मिला
- यह शेयर अभी 27.5 गुना के पीई और लगभग 5 गुना के पी/बीवी अनुपात पर कारोबार कर रहा है। अगर पूरे बाजार में फिर से बिकवाली शुरू होती है, तो इन स्तरों पर कुछ मुनाफा वसूली हो सकती है
7. पीएनबी हाउसिंग फाइनैंस
- मॉर्गेज ऋणदाता पीएनबी हाउसिंग के शेयर में मार्च में हल्की गिरावट के बाद अप्रैल में शानदार तेजी देखने को मिली
- मार्च में 1.1 फीसदी की गिरावट के बाद अप्रैल में इसके शेयर की कीमत 38.5 फीसदी बढ़ गई, जिससे यह सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले गैर-बैंकिंग ऋणदाताओं में से एक बन गया। कैलेंडर वर्ष 2026 में इस साल जनवरी से अब तक इसमें लगभग 10 फीसदी तेजी आई है, जो पूरे बाजार के प्रदर्शन से बेहतर है
- यह तेजी कंपनी की चौथी तिमाही में उम्मीद से बेहतर आय बढ़ोतरी की वजह से आई, जबकि राजस्व वृद्धि में सुस्ती रही
- चौथी तिमाही में ऋणदाता का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 19.2 फीसदी बढ़ा, जबकि तीसरी तिमाही में यह 7.7 फीसदी था। इसकी वजह ब्याज खर्चों में कमी से मिला फायदा था
- मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का मानना है कि ऋणदाता को कम ऋण लागत से आगे भी फायदा मिलता रहेगा
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8. त्रिवेणी टर्बाइन
- स्टीम टर्बाइन निर्माता त्रिवेणी टर्बाइन के शेयर में मार्च में हुई बिकवाली के बाद अच्छी रिकवरी देखने को मिली है
- मार्च में 9.5 फीसदी गिरने के बाद यह शेयर पिछले महीने 30.3 फीसदी चढ़ गया। कारण कि निवेशकों ने कंपनी की इस क्षमता पर दांव लगाया कि वह तेल की ऊंची कीमतों से जूझ रहे उद्योगों के बीच अपने गैर-जीवाश्म ईंधन-आधारित कारोबार को बढ़ा सकती है
- त्रिवेणी टर्बाइन का शेयर कैलेंडर वर्ष 2026 में अब तक 6.5 प्रतिशत चढ़ा है, जिससे यह पूंजीगत वस्तु सेगमेंट में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले शेयरों में से एक बन गया है
- पहले की दो तिमाहियों में खराब प्रदर्शन के बाद तीसरी तिमाही में कंपनी के राजस्व में हुई वृद्धि से निवेशकों का भरोसा बढ़ा
- तीसरी तिमाही में शुद्ध बिक्री सालाना आधार पर 24 प्रतिशत बढ़ी, जबकि वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में इसमें सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की गिरावट आई थी
- लेकिन हाल की तेजी के कारण इसका मूल्यांकन बढ़ गया है और इसका पीई अनुपात 52 गुना हो गया है, जिससे अल्पावधि में इसके शेयर में और अधिक तेजी की गुंजाइश सीमित हो सकती है
9. एप्टस वैल्यू हाउसिंग फाइनैंस
- किफायती मॉर्गेज लोन देने वाली कंपनी एप्टस वैल्यू हाउसिंग फाइनैंस के शेयर की कीमत में अप्रैल में तेजी से बढ़ोतरी हुई, जिससे मार्च में हुए ज्यादातर नुकसान की भरपाई हो गई
- अप्रैल में इसके शेयर की कीमत 33.7 प्रतिशत बढ़ी, जबकि मार्च में इसमें 36.7 प्रतिशत की गिरावट आई थी। कैलेंडर वर्ष 2026 में अब इसमें 6.8 प्रतिशत की गिरावट है
- निवेशकों को उम्मीद है कि यह ऋणदाता अपनी वृद्धि की गति को बनाए रखेगा, क्योंकि यह कम कीमत वाले ऋणों से हटकर बड़े ऋण देने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहा है
- तीसरी तिमाही में में इसकी कुल ब्याज आय में पिछले साल के मुकाबले 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और शुद्ध मुनाफा 24 प्रतिशत बढ़ा। इसकी मुख्य वजह कंपनी की ऋण बुक में 21 प्रतिशत की सालाना वृद्धि होना रहा
- एप्टस को ऋण लागत में कमी आने से भी फायदा हुआ, लेकिन तीसरी तिमाही में इसका कुल एनपीए पिछले साल के मुकाबले लगभग 30 आधार अंक बढ़ गया।
10. आईनॉक्स विंड
- विंड टर्बाइन निर्माता कंपनी आईनॉक्स विंड के शेयर की कीमत पिछले महीने तेजी से बढ़ी, जिससे मार्च में हुई बिकवाली के कारण हुए उसके कुछ नुकसान की भरपाई हो गई
- अप्रैल में शेयर की कीमत 33.7 प्रतिशत बढ़ी, जबकि मार्च में इसमें 49 प्रतिशत की गिरावट आई थी
- तेल और गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बाद निवेशक पवन ऊर्जा परियोजनाओं को मिलने वाले ऑर्डरों में तेजी पर दांव लगा रहे हैं
- आईनॉक्स ने शुरू में वित्त वर्ष 2026 में 35 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2027 में 75 प्रतिशत की सालाना राजस्व वृद्धि का अनुमान लगाया था। साथ ही, वित्त वर्ष 2026 और वित्त वर्ष 2027 के लिए एबिटा मार्जिन में लगभग 400 आधार अंक के सुधार की उम्मीद जताई थी
- एल्युमीनियम और तांबे जैसी औद्योगिक धातुओं की कीमतों में भारी बढ़ोतरी अब कंपनी के एबिटा मार्जिन सुधार के लक्ष्य में बाधा डाल सकती है
- यह शेयर अभी काफी ऊंचे मूल्यांकन पर कारोबार कर रहा है, जिसका ट्रेलिंग पीई अनुपात 35 गुना है। यह स्थिति भविष्य में शेयर कीमत में और अधिक बढ़ोतरी की संभावना को सीमित कर सकती है
First Published - May 2, 2026 | 1:48 PM IST
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