गुरुवार को इन्फो एज का शेयर करीब 2.9 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। इसकी वजह मार्च तिमाही के लिए रिक्रूटमेंट बिलिंग में धीमी बढ़त रही। ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि कंपनी के परिचालन प्रदर्शन पर इसका असर पड़ेगा और तिमाही आधार पर उसके मार्जिन में कमी आ सकती है।
कैलेंडर वर्ष 2026 की शुरुआत से इस शेयर में अब तक 25 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। इसकी वजह आईटी सेक्टर में नियुक्तियों का कमजोर रुझान और अनिश्चितता है। साथ ही यह चिंता भी है कि मार्केटिंग से जुड़ा बढ़ा हुआ खर्च मार्जिन पर दबाव डालेगा। मौजूदा मूल्यांकन पर किसी भी तरह की री-रेटिंग के लिए बड़े बदलावों की जरूरत होगी। फिलहाल यह शेयर अपने वित्त वर्ष 2027 के आय अनुमानों के मुकाबले लगभग 55 गुना पर कारोबार कर रहा है।
मार्च तिमाही का प्रदर्शन इस शेयर के लिए अल्पावधि के लिहाज से अहम कारक है। कंपनी ने तिमाही से पहले जारी एक बिजनेस अपडेट में बताया कि उसकी स्टैंडअलोन बिलिंग (सभी सेगमेंट मिलाकर) में सालाना आधार पर 7.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह दिसंबर तिमाही में हासिल 11.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी से कम है। इस बढ़ोतरी पर पिछले साल के 18.4 प्रतिशत के ऊंचे आधार का असर पड़ा है।
उसके सबसे बड़े सेगमेंट रिक्रूटमेंट (नौकरी), जो कुल बिलिंग का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा है, ने सालाना के हिसाब से 9.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। यह सितंबर और दिसंबर दोनों ही तिमाहियों में दर्ज 11 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी से कम है।
जेएम फाइनैंशियल रिसर्च ने इस शेयर को ‘घटाएं’ रेटिंग दी है और कीमत लक्ष्य 1,050 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज के अनुसार वृहद कारक और मुश्किल आधार के कारण चौथी तिमाही में नियुक्तियों के रुझान पर दबाव पड़ा है। ब्रोकरेज के विश्लेषक स्वप्निल पोटदुखे ने वित्त वर्ष 2027 में रिक्रूटमेंट सेगमेंट के लिए बिलिंग में 10 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है। ब्रोकरेज ने मार्च 2027 के लिए अपना कीमत लक्ष्य घटाकर 1,050 रुपये (पहले 1,100 रुपये) कर दिया है। यह बदलाव उन कंपनियों (इटरनल और पीबी फिनटेक) के शेयर भाव में आई भारी गिरावट के कारण किया गया है जिनमें इन्फो एज का निवेश है।
इस तिमाही में रियल एस्टेट (99एकड़स) व्यवसाय की वृद्धि 1.9 प्रतिशत तक ही सीमित रही। प्रबंधन ने बताया कि बिक्री संगठन और प्रक्रियाओं में बदलाव का चौथी तिमाही की बिलिंग पर असर पड़ा। इसके मैट्रिमोनियल (जीवनसाथी) व्यवसाय ने चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि की रफ्तार बनाए रखी और पूरे साल की बढ़ोतरी 28.5 प्रतिशत रही।