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US-Iran conflict: ओएनजीसी से लेकर Indigo और L&T तक, मिडिल ईस्ट में तनाव से इन स्टॉक्स को सबसे ज्यादा चोट

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US-Iran conflict: शुरुआती कुछ मिनटों के कारोबार में ही निवेशकों को 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा है।

Last Updated- March 02, 2026 | 1:39 PM IST
US-Iran conflict

US-Iran conflict: एशियाई बाजारों में भारी गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार (2 मार्च) को बड़ी गिरावट में खुले। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से बाजार में घबराहट देखी जा रही है। ईरान के सबसे बड़े नेता आयतोल्ला अली खामेनेई और कई बड़े अधिकारियों को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में मार दिया गया। हालात आगे भी बिगड़ सकते हैं।

संकट के बीच तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण निवेशकों की प्रतिक्रिया देखने को मिली। एयरलाइन, पेंट और टायर कंपनियों समेत तेल से जुड़े शेयरों में कारोबार के दौरान तेज गिरावट आई। शुरुआती कुछ मिनटों के कारोबार में ही निवेशकों को 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा है। मौजूदा संकेत के कारण इन शेयरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है:

यह भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान में जंग के डर से सहमा बाजार, सेंसेक्स 1100 अंक गिरा, निफ्टी 24900 के नीचे; निवेशकों के ₹6 लाख करोड़ साफ

IndiGo Share: ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन के शेयरों में भी करीब 5 प्रतिशत तक की गिरावट देखी जा रही है। दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे इलाके प्रभावित हुए हैं। ये एयरलाइन सेक्टर के लिए अहम ट्रांजिट हब हैं। इतना ही नहीं, दुबई भारतीय यात्रियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र है।

L&T Share: खाड़ी देशों में तनाव का इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) पर बड़ा असर पड़ा है। कंपनी के शेयर बाजार खुलते ही 5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए। कंपनी मिडिल ईस्ट में बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। कंपनी खास तौर पर बिजली ग्रिड के विस्तार और तेल-गैस प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट पर ध्यान दे रही है। 2025-2026 में कंपनी को कई बड़े प्रोजेक्ट मिले हैं। इनमें यूएई में 400 केवी और 132 केवी के सबस्टेशन, सऊदी अरब में 380 केवी की ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइन और एक बहुत बड़ा नेचुरल गैस लिक्विड्स (एनजीएल) प्लांट शामिल है। इससे क्षेत्र में ऊर्जा कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

NTPC Share: कंपनी के शेयर 7 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट लेकर खुले। दरअसल एनटीपीसी लिमिटेड मिडिल ईस्ट में अपना काम बढ़ा रही है। कंपनी मुख्य रूप से बिजली संयंत्रों के संचालन और रखरखाव, तकनीकी सलाह और रणनीतिक साझेदारी पर ध्यान दे रही है। सितंबर 2025 में कंपनी ने सऊदी इलेक्ट्रिसिटी कंपनी के साथ एक बड़ा समझौता किया था।

Kalpataru Projects Share: वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में कंपनी की कुल ऑर्डर बुक का करीब 11 प्रतिशत हिस्सा मिडिल ईस्ट से जुड़ा है। कंपनी इस क्षेत्र के कई बड़े प्रोजेक्ट में सबसे कम बोली लगाने वाली भी है। सोमवार को कंपनी का शेयर 5 प्रतिशत के करीब गिरावट के साथ कारोबार कर रहे है।

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US-Iran conflict: इन स्टॉक्स में तेजी

ONGC, Oil India Share: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इसका फायदा ओएनजीसी और ऑयल इंडिया जैसी कंपनियों के शेयरों को मिल रहा है। दोनों कंपनियों के शेयर 3 प्रतिशत से 4 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।

Defence Stocks: भारत के डिफेन्स सेक्टर से जुड़े शेयरों में सोमवार को जोरदार तेजी देखी गई। पारस डिफेंस और आइडियाफोर्ज के शेयर कारोबार के दौरान 10 प्रतिशत तक उछल गए। आम तौर पर ऐसे तनाव की स्थिति में रक्षा कंपनियों के शेयरों में तेजी आती है। ऐसा इसलिए क्योंकि रक्षा उपकरण और उन्हें बनाने वाले पुर्जों की मांग बढ़ जाती है। भारत डायनेमिक्स और डेटा पैटर्न्स के शेयर भी 3 प्रतिशत से 4 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।

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First Published - March 2, 2026 | 11:17 AM IST

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