भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्णकालिक सदस्य कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने बुधवार को कहा कि हाल की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार का मूल्यांकन ‘काफी आकर्षक’ हो गया है। इस कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए यह भारत में निवेश का अच्छा अवसर बन गया है।
वार्ष्णेय ने कहा, ‘पिछले कुछ महीनों में, विशेष रूप से युद्ध छिड़ने के बाद, आई बड़ी गिरावट भारतीय शेयर बाजारों में निवेश करने का शानदार अवसर है।’ वह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) में रूस-इंडिया फोरम के आधिकारिक कार्यक्रम में बोल रहे थे। सेबी के पूर्णकालिक सदस्य ने कहा कि वे रूसी एफपीआई के लिए भारत में निवेश करने के लिए प्रक्रियात्मक ढांचे पर स्पष्टीकरण या तकनीकी मुद्दों को हल करने के उपायों पर काम करेंगे।
वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियों की सहायक कंपनियों की घरेलू शेयर बाजारों पर लिस्टिंग का उल्लेख करते हुए वार्ष्णेय ने कहा कि रूसी कंपनियां भारत में सहायक कंपनियां स्थापित कर सकती हैं और वे इकाइयां आईपीओ के माध्यम से पूंजी बाजारों से धन जुटा सकती हैं।
उन्होंने कहा, ‘हमने कुछ ऐसी कंपनियों को देखा है जिन्होंने ऐसा किया है और भारत में उनकी सहायक कंपनी का मूल्यांकन उनकी विदेशी मूल कंपनी के मूल्यांकन से अधिक है।’ उन्होंने कहा कि यह रूसी कंपनियों के लिए भारत के मजबूत बाजार, तकनीकी विकास और श्रम बल का उपयोग करके भारत में आर्थिक गतिविधियां शुरू करने का अच्छा तरीका हो सकता है।
एनएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशिष कुमार चौहान ने कहा, ‘रूसी जारीकर्ताओं के लिए प्रस्ताव और भी बड़ा है, क्योंकि भारत के बाजार न केवल पूंजी तक पहुंच प्रदान कर सकते हैं, बल्कि मजबूत मूल्यांकन की संभावना भी मुहैया करा सकते हैं।’