facebookmetapixel
Advertisement
Editorial: दिवालिया समाधान से CSR और ऑडिट सुधार तक बड़े बदलावसरकारी बैंकों में प्रमोशन के पीछे की कहानी और सुधार की बढ़ती जरूरत​युद्ध और उभरती भू-राजनीतिक दरारें: पश्चिम एशिया संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोर दियापीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; यूपी में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई उड़ानBiharOne: बिहार में डिजिटल गवर्नेंस की नई शुरुआत, CIPL के साथ बदलाव की बयारईरानी तेल खरीद का दावा गलत, रिलायंस ने रिपोर्टों को बताया बेबुनियादरनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकार

महंगाई और युद्ध की चिंता से रुपये का निकला दम, डॉलर के मुकाबले 93.83 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर

Advertisement

Dollar Rupee: कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ब्रेंट तेल लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल पर टिका है, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रहा है।

Last Updated- March 23, 2026 | 10:05 AM IST
US Dollar vs Indian Rupee today

Dollar Vs Rupee: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले सोमवार (23 मार्च) को 93.83 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर खुला। शुक्रवार को इसमें चार साल की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट दर्ज की गई थी।

रुपया शुक्रवार के 93.76 के बंद स्तर के मुकाबले 93.83 पर खुला, यानी इसमें 1.2% की गिरावट आई। यह फरवरी 2022 के बाद से रुपये में सबसे एक दिवसीय गिरावट है। विदेशी बाजार में रुपया पहले ही 94 के स्तर से नीचे कमजोर हो चुका था।

गैर-वितरण योग्य एडवांस बाजार में दरें संकेत दे रही थीं कि आज सुबह रुपया 93.78 से 93.82 के बीच खुल सकता है। कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ब्रेंट तेल लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल पर टिका है, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रहा है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक की एडवांस डॉलर बिक्री की स्थिति लगभग 100 अरब डॉलर तक पहुंच गई है, जो यह दिखाती है कि उसने अपने विदेशी मुद्रा भंडार का कितना हिस्सा पहले से बेच दिया है।

साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 9 अरब डॉलर की बिकवाली की है, जो पिछले साल की कुल 19 अरब डॉलर की बिकवाली का लगभग 50 प्रतिशत है। मार्च में बांड बाजार में भी करीब 1.4 अरब डॉलर की बिकवाली हुई है, जो रिकॉर्ड मासिक निकासी की ओर इशारा कर रही है।

कच्चे तेल की कीमतों में 50% से ज्यादा बढ़ोतरी

रॉयटर्स की एक खबर के अनुसार, मिडिल ईस्ट में तनाव खत्म होने की उम्मीद कम होने से एशियाई मुद्राएं 0.1% से 0.8% तक गिर गईं। अमेरिका और ईरान के बीच धमकियों कासिलसिला जारी है और युद्ध अब चौथे सप्ताह में पहुंच गया है। इसके कारण इस महीने कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने कहा है कि मौजूदा संकट 1970 के दशक के तेल झटकों के संयुक्त प्रभाव से भी ज्यादा गंभीर है।

Advertisement
First Published - March 23, 2026 | 9:57 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement