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क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद पहली निफ्टी एक्सपायरी, डेरिवेटिव टर्नओवर 4% घटा

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स्टॉक ब्रोकिंग फर्म सही के शोध प्रमुख गौरव अरोड़ा ने कहा, क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के तहत पहली मासिक एक्सपायरी बिना किसी लिक्विडिटी इवेंट के पूरी हो गई और यही सबसे बड़ी खबर है

Last Updated- August 25, 2026 | 10:34 PM IST
Stock Market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) लागू होने के बाद से निफ्टी के मासिक अनुबंधों की एक्सपायरी पर मंगलवार को डेरिवेटिव वॉल्यूम में पिछले महीने की 28 जुलाई की एक्सपायरी के मुकाबले करीब 4 फीसदी की मामूली गिरावट देखी गई। मंगलवार को इंडेक्स और शेयरों के डेरिवेटिव सेगमेंट में कुल टर्नओवर 569 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि 28 जुलाई को यह 592 लाख करोड़ रुपये रहा था। लेकिन जून में मासिक एक्सपायरी के दिन यह 750 लाख करोड़ रुपये था। इस बीच, पिछली मासिक एक्सपायरी के बाद से निफ्टी में करीब एक फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

स्टॉक ब्रोकिंग फर्म सही के शोध प्रमुख गौरव अरोड़ा ने कहा, क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के तहत पहली मासिक एक्सपायरी बिना किसी लिक्विडिटी इवेंट के पूरी हो गई और यही सबसे बड़ी खबर है। एक्सपायरी के दिन का कुल टर्नओवर हाल की एक्सपायरी के मुकाबले लगभग वैसा ही रहा है, लेकिन सत्र के दौरान इसके वितरण में बदलाव आया है।

रोलओवर और समायोजन की प्रक्रिया को पहले किया गया है, जिससे दोपहर 3:00 बजे से 3:15 बजे का समय दिन के सबसे व्यस्त समय में से एक बन गया है। 3 अगस्त को सीएएस लागू किया गया था, जो 3:15 बजे से 20 मिनट का एक सत्र है। इसने ऐक्टिव फ्यूचर्स और ऑप्शंस अनुबंध वाले शेयरों के आधिकारिक बंद भाव तय करने के पुराने तरीके यानी वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (वीडब्ल्यूएपी) की जगह ली है। कहा जा रहा है कि इस कदम से ज्यादा पारदर्शिता आएगी, कीमत में हेर-फेर पर रोक लगेगी और भारतीय बाजार वैश्विक मानकों के बराबर आ सकेंगे। 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट नंदिश शाह ने कहा, मासिक एक्सपायरी होने के बावजूद एनएसई नकदी बाजार का टर्नओवर पिछले सत्र के मुकाबले 4 फीसदी गिर गया, जिससे बाजार में लगातार घटती सहभागिता दिखती है। शाह ने कहा कि सीएएस सेटलमेंट के बाद आई 75 पॉइंट की बढ़त की वजह से निफ्टी ने मंगलवार को एक ही कैंडल में पिछले तीन सत्र की चाल को कवर कर लिया, जिससे निफ्टी 24,300 के पास मौजूद अपने 20 दिन के डीईएमए को फिर से हासिल करने में कामयाब रहा।

जेफरीज ने अपनी पिछली रिपोर्ट में अनुमान लगाया था कि सीएएस के स्थिर होने के साथ वित्त वर्ष 27 की दूसरी छमाही से रोजाना के औसत टर्नओवर में सुधार होगा। अरोड़ा ने कहा, इसका साफ असर कुल वॉल्यूम के बजाय सहभागिता के मिश्रण पर दिख रहा है। अभी नीलामी में पैसिव फंडों, ईटीएफ और हाई-फ़्रीक्वेंसी कारोबारियों का दबदबा है जबकि ज्यादातर घरेलू प्रोप्राइटरी डेस्क, आर्बिट्राज का लाभ लेने वाले और खुदरा निवेशक 3:15 बजे के बाद इससे दूर हो जाते हैं।

शुरुआती फ्रेमवर्क में सिर्फ 208 एफऐंडओ पात्र शेयर शामिल हैं। इन शेयरों से जुड़ा एयूएम 10.11 लाख करोड़ रुपये है, जो कुल पैसिव एयूएम की 67 फीसदी है। एनएसई की निफ्टी पैसिव इनसाइट्स रिपोर्ट के अनुसार ईटीएफ में कुल 8.04 लाख करोड़ रुपये की एयूएम में से 7.92 लाख करोड़ रुपये सीएएस के पात्र शेयरों से आते हैं।

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First Published - August 25, 2026 | 10:31 PM IST

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