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सेबी ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए समयसीमा नियमों में किए बड़े बदलाव

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सेबी ने इस फैसले से पहले सीआरए पर गठित वर्किंग ग्रुप से इस मुद्दे पर चर्चा की थी और इसके बाद सर्कुलर जारी किया।

Last Updated- January 09, 2025 | 6:45 AM IST
SEBI
Representative Image

क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों (CRA) को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बड़ी राहत दी है। अब रेटिंग एक्शन की समयसीमा कैलेंडर डे के बजाय वर्किंग डे के आधार पर तय होगी। इस बदलाव की घोषणा 8 जनवरी को की गई।

सेबी ने इस फैसले से पहले सीआरए पर गठित वर्किंग ग्रुप से इस मुद्दे पर चर्चा की थी और इसके बाद सर्कुलर जारी किया। इस कदम का उद्देश्य नियमों को अधिक लचीला और क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए व्यवहारिक बनाना है।

नए नियमों के तहत, सीआरए को रेटिंग एक्शन के लिए तय समयसीमा में बदलाव से कामकाज में आसानी होगी।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों (सीआरए) के कामकाज में सुधार के लिए सेबी ने नियमों में बदलाव किया है। अब समयसीमा ‘दिनों’ के बजाय ‘कार्य दिवसों’ पर आधारित होगी। इससे सीआरए को वीकेंड और छुट्टियों के दौरान बैंकों या डिबेंचर ट्रस्टी जैसे संस्थानों से डील करने में आने वाली दिक्कतों से राहत मिलेगी।

सेबी ने कहा, ‘‘कारोबारी सुगमता के लिए सीआरए कार्यसमूह की सिफारिशों में से एक समयसीमा निर्दिष्ट करने के दृष्टिकोण में ‘दिनों’ के बजाय ‘कार्य दिवसों’ में संशोधन से संबंधित है।”

क्या बदले हैं नियम?

प्रेस स्टेटमेंट जारी करने की समयसीमा:

किसी घटना के बाद रेटिंग कार्रवाई को लेकर प्रेस स्टेटमेंट अब 7 कार्य दिवसों में जारी करना होगा। पहले यह समयसीमा 7 कैलेंडर दिनों की थी।

ब्याज या मूलधन में देरी की स्थिति:

यदि ब्याज या मूलधन के भुगतान में देरी होती है, तो सीआरए को रेटिंग की समीक्षा करनी होगी। इस मामले में प्रेस रिलीज अब 2 कार्य दिवसों के भीतर जारी करनी होगी। पहले यह समयसीमा 2 कैलेंडर दिनों की थी।

No Default Statement (NDS):

लगातार 3 महीने तक एनडीएस या डिबेंचर ट्रस्टी की ओर से डेट सर्विसिंग की पुष्टि न मिलने पर, रेटिंग को ‘जारीकर्ता सहयोग नहीं कर रहा’ के रूप में चिह्नित करने की समयसीमा भी 7 कैलेंडर दिनों से घटाकर 5 कार्य दिवस कर दी गई है।

क्यों है यह बदलाव जरूरी?

यह कदम क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के कामकाज को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए उठाया गया है। अब एजेंसियों को छुट्टियों या वीकेंड की चिंता किए बिना नियमों का पालन करना आसान होगा।

सेबी के इस फैसले से रेटिंग एजेंसियों के लिए समीक्षा और फैसले जारी करना आसान होगा। खासतौर पर जब लगातार छुट्टियां होती हैं, तब भी एजेंसियों को काम के लिए पूरा समय मिल सकेगा।

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First Published - January 9, 2025 | 6:45 AM IST

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