facebookmetapixel
Advertisement
Debt Mutual Fund: ₹1.88 लाख करोड़ जुटाकर जुलाई में की जोरदार वापसी, क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी?Tata Sons को मिलेगा नया चेयरमैन, जानें कैसे होता है चयन और किसकी होती है अहम भूमिकाRetail Inflation: जुलाई में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45% पर, खाने-पीने की चीजोंं के दाम में तेजी से बढ़ा दबावNFO Alert: जेरोधा म्युचुअल फंड ने लॉन्च की आर्बिट्रेज स्कीम, ₹1000 से SIP शुरू; किसे लगाना चाहिए पैसा?एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद टूटे टाटा स्टॉक्स, टेक्निकल चार्ट पर किन शेयरों में दिख रही मजबूती?महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण नियमों में बड़ा बदलाव, देरी पर बढ़ेगा मुआवजे का ब्याजMilky Mist IPO Day-2: इश्यू करीब 2 गुना भरा, GMP से 14% लिस्टिंग गेन के संकेतटाटा संस से क्यों विदा हो रहे एन. चंद्रशेखरन? पढ़ें बोर्ड को लिखा उनका पूरा पत्रTCS से टाटा संस की कमान तक: कैसा रहा समूह में एन. चंद्रशेखरन के 4 दशक का सफरChild Debit Card: बच्चों के लिए डेबिट कार्ड की सुविधा क्या है? जानिए इन पांच बैंकों में माइनर अकाउंट का पूरा प्रोसेस

ZEE मामले में निर्देश संशोधित करने पर SAT सहमत

Advertisement

10 जुलाई को SAT ने सेबी को अश्विनी भाटिया के बजाय किसी अन्य पूर्णकालिक सदस्य को नियुक्त करने कहा था।

Last Updated- July 27, 2023 | 10:25 PM IST
Zee Entertainment

ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज के प्रवर्तकों पुनीत गोयनका (Punit Goenka) व सुभाष चंद्रा (Subhash Chandra) की तरफ से रकम की कथित हेराफेरी मामले में 10 जुलाई के आदेश में दिए गए निर्देशों को संशोधित करने पर प्रतिभूति अपील पंचाट (SAT) ने गुरुवार को सहमति जता दी।

बाजार नियामक सेबी ने 24 जुलाई को इसमें संशोधन के लिए आवेदन जमा कराया था और कहा था कि पूर्णकालिक सदस्य के अभाव के कारण आदेश में संशोधन जरूरी हो गया है।

10 जुलाई को SAT ने सेबी को अश्विनी भाटिया के बजाय किसी अन्य पूर्णकालिक सदस्य को नियुक्त करने कहा था। भाटिया ने गोयनका व चंद्रा के खिलाफ अंतरिम आदेश पारित किया था और SAT ने किसी तरह के पक्षपात को दूर करने के लिए किसी अन्य पूर्णकालिक सदस्य को नियुक्त करने का निर्देश दिया था।

Also read: Netweb Tech IPO: लिस्टिंग वाले दिन दोगुना हुआ पैसा, 90% प्रीमियम पर हुआ लिस्ट

हालांकि सेबी के पास जल्द ही भाटिया के अलावा एक ही पूर्णकालिक सदस्य रह जाएगा क्योंकि अनंत नारायण 31 जुलाई को रिटायर हो रहे हैं जबकि एस के मोहंती का कार्यकाल 23 जून को समाप्त हो गया।

एक अन्य पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण ने कंपनी को जारी कारण बताओ नोटिस से संबंधित निपटान आदेश अप्रैल में मंजूर किया था, जो इनसाइडर ट्रेडिंग और कीमत संवेदनशील सूचनाओं का खुलासा न करने से संबंधित था।

पिछले आदेश को संशोधित करते हुए न्यायाधीश तरुण अग्रवाल ने कहा, हम सेबी को अन्य पूर्णकालिक सदस्य की नियुक्ति का निर्देश देते हैं और अगर पूर्णकालिक सदस्य न हो तो उच्च रैंक या श्रेणी वाले कोई अधिकृत व्यक्ति आदेश पारित करेंगे।

Also read: Tata Motors DVR का शेयर 12 प्रतिशत चढ़ा

इस मामले में पंचाट ने नारायण को नियुक्त करने से इनकार कर दिया। SAT ने कहा कि नारायण निपटान संबंधी सुनवाई का हिस्सा था और संभव है कि वह इस निपटान के दौरान हुई चर्चा से प्रभावित हुए होंगे।

यह देखना बाकी है कि SAT का ताजा निर्देश की व्याख्या कैसी की जाती है और क्या नियामक इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए किसी कार्यकारी निदेशक या चेयरपर्सन को नियुक्त करता है। ​पंचाट ने यह भी कहा है कि नियुक्त व्यक्ति को तय समयसीमा के भीतर आदेश पारित करना होगा।

Advertisement
First Published - July 27, 2023 | 10:25 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement