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Quick Commerce की जंग अब कूपन की नहीं, गोदाम और सप्लाई चेन की है

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Quick Commerce की अगली लड़ाई डिस्काउंट नहीं, गोदाम और सप्लाई चेन पर होगी। Blinkit को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?

Last Updated- July 24, 2026 | 9:01 AM IST
Quick Commerce
Blinkit, Instamart जैसे बड़े प्लेयर्स अब डिस्काउंट पर कम और अपने नेटवर्क को मजबूत करने पर ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं (प्रतीकात्मक फोटो)

क्या आपको लगता है कि Quick Commerce में सिर्फ भारी डिस्काउंट और कूपन के दम पर ग्राहकों को जोड़ा जा रहा है? अगर हां, तो अब खेल बदल चुका है। Blinkit, Instamart जैसे बड़े प्लेयर्स अब डिस्काउंट पर कम और अपने नेटवर्क को मजबूत करने पर ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं। नए गोदाम बनाए जा रहे हैं, डार्क स्टोर बढ़ाए जा रहे हैं और सप्लाई चेन को पहले से ज्यादा मजबूत किया जा रहा है, ताकि सामान कम समय और कम लागत में ग्राहक तक पहुंचाया जा सके। Motilal Oswal और Nuvama की रिपोर्ट कहती हैं कि आने वाले समय में वही कंपनी आगे निकलेगी, जिसके पास सबसे मजबूत नेटवर्क और सबसे बेहतर सप्लाई चेन होगी, सिर्फ सबसे ज्यादा डिस्काउंट देने वाली नहीं।

अब कूपन से आगे क्यों बढ़ गई है लड़ाई?

Motilal Oswal का कहना है कि Quick Commerce में मुकाबला अभी भी काफी तेज है, लेकिन अब कंपनियों का फोकस बदल रहा है। पहले ग्राहक जोड़ने के लिए जमकर कूपन और डिस्काउंट दिए जाते थे। अब सिर्फ छूट के भरोसे बाजार में टिकना आसान नहीं है। इसलिए कंपनियां अपना नेटवर्क मजबूत करने में जुटी हैं। नए डार्क स्टोर खोले जा रहे हैं, सप्लाई चेन को बेहतर बनाया जा रहा है और ऐसे सिस्टम तैयार किए जा रहे हैं, जिससे कम खर्च में ज्यादा तेजी से डिलीवरी हो सके। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले समय में वही कंपनी आगे रहेगी, जिसकी सप्लाई चेन सबसे मजबूत होगी और जो सबसे कम लागत में बेहतर सेवा दे पाएगी।

Blinkit ने किस रणनीति पर लगाया सबसे बड़ा दांव?

Nuvama के मुताबिक Blinkit की रफ्तार अभी भी बनी हुई है। अप्रैल से जून तिमाही में कंपनी की ऑर्डर वैल्यू (NOV) सालाना 86 फीसदी बढ़ी। इस दौरान Blinkit ने 200 नए डार्क स्टोर शुरू किए, जिससे कुल संख्या बढ़कर 2,443 हो गई। मजबूत ग्रोथ को देखते हुए कंपनी ने लंबी अवधि के लिए EBITDA मार्जिन का लक्ष्य बढ़ाकर 6 फीसदी कर दिया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि यह ग्रोथ सिर्फ ज्यादा ऑर्डर मिलने की वजह से नहीं आई है। कंपनी बड़े डार्क स्टोर, नए वेयरहाउस और मजबूत सप्लाई चेन पर लगातार निवेश कर रही है। इससे एक ही जगह पर ज्यादा सामान रखा जा सकता है, ऑर्डर जल्दी पूरे होते हैं और डिलीवरी की लागत भी कम होती है। यही वजह है कि Blinkit अब सिर्फ डिस्काउंट नहीं, बल्कि अपने नेटवर्क को मजबूत करने पर सबसे ज्यादा जोर दे रही है।

Motilal Oswal की रिपोर्ट के मुताबिक Blinkit अब सिर्फ ग्राहकों को जोड़ने पर नहीं, बल्कि अपना नेटवर्क मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। इसी रणनीति के तहत कंपनी ने अप्रैल से जून तिमाही में करीब 7.1 अरब रुपये का पूंजीगत निवेश किया, जो पिछले कई तिमाहियों के मुकाबले काफी ज्यादा है। ब्रोकरेज के मुताबिक इस रकम का बड़ा हिस्सा नए वेयरहाउस और डार्क स्टोर नेटवर्क बढ़ाने पर खर्च किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक इस निवेश की वजह से फिलहाल कंपनी का नकदी खर्च बढ़ा है। लेकिन प्रबंधन का मानना है कि मजबूत नेटवर्क तैयार होने के बाद ज्यादा ऑर्डर संभालना आसान होगा, डिलीवरी की लागत कम होगी और आगे चलकर मुनाफा भी बेहतर होगा।

बड़े डार्क स्टोर क्यों बन रहे हैं सबसे बड़ा हथियार?

Motilal Oswal का कहना है कि Quick Commerce कंपनियां अब छोटे नहीं, बल्कि बड़े डार्क स्टोर पर ज्यादा जोर दे रही हैं। इसकी वजह यह है कि बड़े स्टोर में ज्यादा सामान रखा जा सकता है। इससे ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिलते हैं और एक ही जगह से ज्यादा ऑर्डर पूरे किए जा सकते हैं। इसका सीधा फायदा यह होता है कि हर ऑर्डर की डिलीवरी लागत घटती है और कारोबार पहले के मुकाबले ज्यादा किफायती बनता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि यही रणनीति आगे चलकर कंपनियों की कमाई बढ़ाने में मदद करेगी। यानी जिन कंपनियों का नेटवर्क मजबूत होगा और जो कम लागत में ज्यादा ऑर्डर पूरे कर पाएंगी, उनके मार्जिन और मुनाफे में भी बेहतर सुधार देखने को मिल सकता है।

क्या डिस्काउंट का दौर खत्म होने वाला है?

Motilal Oswal का कहना है कि सिर्फ भारी डिस्काउंट देकर लंबे समय तक कारोबार नहीं चलाया जा सकता। शुरुआत में नई कंपनियां ग्राहकों को जोड़ने और बाजार में अपनी जगह बनाने के लिए छूट दे सकती हैं, लेकिन लगातार ऐसा करना आसान नहीं है। ब्रोकरेज का मानना है कि आगे वही कंपनियां सफल होंगी, जिनका नेटवर्क मजबूत होगा, सप्लाई चेन बेहतर होगी और जो कम लागत में तेजी से डिलीवरी कर पाएंगी।

Nuvama की रिपोर्ट भी इसी ओर इशारा करती है। ब्रोकरेज के मुताबिक Blinkit प्रबंधन का मानना है कि आगे जरूरत से ज्यादा डिस्काउंट देने की संभावना कम है। अब कंपनी का पूरा ध्यान नए और बड़े डार्क स्टोर, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने पर है, ताकि कारोबार की रफ्तार भी बनी रहे और मुनाफा भी बढ़े।

कारोबार के आंकड़े क्या कहते हैं?

Nuvama की रिपोर्ट के मुताबिक Blinkit की ग्रोथ लगातार मजबूत बनी हुई है। अप्रैल से जून तिमाही में कंपनी की ऑर्डर वैल्यू पिछली तिमाही के मुकाबले 19 फीसदी और एक साल पहले की तुलना में 86 फीसदी बढ़ी। सिर्फ Quick Commerce ही नहीं, फूड डिलिवरी कारोबार में भी ऑर्डर और मार्जिन दोनों में सुधार देखने को मिला।

वहीं Motilal Oswal का कहना है कि Blinkit का योगदान मार्जिन बढ़कर 5.3 फीसदी और EBITDA मार्जिन 0.6 फीसदी पर पहुंच गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि जैसे जैसे नए डार्क स्टोर पुराने होंगे और उनकी क्षमता बढ़ेगी, वैसे वैसे हर स्टोर से ज्यादा ऑर्डर पूरे होंगे, लागत कम होगी और कंपनी के मार्जिन में भी और सुधार देखने को मिल सकता है।

ब्रोकरेज को शेयर में कितना दम दिख रहा है?

कंपनी के दोनों बड़े कारोबार, Food Delivery और Blinkit, लगातार अच्छी ग्रोथ दिखा रहे हैं। Blinkit में तेजी से बढ़ता नेटवर्क और मजबूत ऑर्डर ग्रोथ आगे भी कंपनी की कमाई को सहारा दे सकती है।

वहीं Motilal Oswal ने भी Eternal पर BUY रेटिंग दोहराई है और 400 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी जिस तरह अपने डार्क स्टोर नेटवर्क और सप्लाई चेन को मजबूत कर रही है, उसका फायदा आने वाले समय में कारोबार और मुनाफे दोनों में दिख सकता है। इसी आधार पर ब्रोकरेज को मौजूदा स्तर से शेयर में करीब 41 फीसदी तक की तेजी की उम्मीद है।

ब्रोकरेज टारगेट प्राइस संभावित तेजी रेटिंग
मोतीलाल ओसवाल ₹400 41% खरीदें
नुवामा ₹360 27% खरीदें

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज हाउस की है। बिजनेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत हो, यह जरूरी नहीं है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें।)

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First Published - July 24, 2026 | 9:01 AM IST

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