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निफ्टी फर्मों को मुनाफे की खुराक

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 8:02 PM IST

निफ्टी 50 सूचकांक में शामिल शीर्ष देसी कंपनियों के बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के नतीजे भी बेहतर रहने की उम्मीद है। ब्रोकरों का कहना है कि इन कंपनियों की आय उच्च दो अंक में रह सकती है। ब्रोकरों के अनुमान के मुताबिक सूचकांक में शामिल कंपनियों का समेकित शुद्घ मुनाफा जनवरी-मार्च 2022 तिमाही में 29.1 फीसदी बढक़र 1.61 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर रह सकता है, जो एक साल पहले 1.25 लाख करोड़ रुपये ही था।
कंपनियों की कमाई में वृद्घि मुख्य रूप से बैंकिंग, वित्त और बीमा, तेल एवं गैस क्षेत्र की कंपनियों तथा टाटा मोटर्स की अगुआई में हो सकती है। टाटा मोटर्स को चाौथी तिमाही में तगड़ा शुद्घ मुनाफा हो सकता है। उच्च आधार प्रभाव और कच्चे माल की लागत के कारण खनन एवं धातु कंपनियों के मुनाफे में वृद्घि धीमी रह सकती है।

चक्रीय क्षेत्र से जुड़ी 20 कंपनियों का एकीकृत शुद्घ मुनाफा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 38.8 फीसदी बढक़र 1.01 लाख करोड़ रुपये रह सकता है, जो एक साल पहले 73,000 करोड़ रुपये था। गैर-चक्रीय कंपनियों का समेकित शुद्घ मुनाफा जनवरी-मार्च, 2022 तिमाही में पिछले साल की समान अवधि के 52,000 करोड़ रुपये से 15.5 फीसदी बढक़र 60,000 करोड़ रुपये रह सकता है।
इसी तरह तेल एवं गैस तथा खनन एवं धातु कंपनियों की आय में भी जोरदार इजाफा होने की उम्मीद है। इन क्षेत्र की कंपनियों को अपने उत्पादों के दाम में बढ़ोतरी का फायदा मिल सकता है।

निफ्टी में शामिल कंपनियों की एकीकृत शुद्घ बिक्री वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही के 10.76 लाख करोड़ रुपये से 32 फीसदी बढक़र 2022 की चौथी तिमाही में 14.18 लाख करोड़ रुपये रह सकती है। इनकी तुलना में चक्रीय क्षेत्र की 20 कंपनियों की शुद्घ बिक्री इस दौरान 39.9 फीसदी बढक़र 6.93 लाख करोड़ रुपये रह सकती है। गैर-चक्रीय कंपनियों की शुद्घ बिक्री इस दौरान 17 फीसदी बढक़र 4.48 लाख करोड़ रुपये रह सकती है।
आईटी क्षेत्र का एकीकृत शुद्घ मुनाफा वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में साल भर पहले के मुकाबले 13.8 फीसदी बढक़र 23,600 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। शीर्ष 5 आईटी कंपनियों की समेकित शुद्घ बिक्री 20 फीसदी बढक़र 1.39 लाख करोड़ रुपये रह सकती है।

यह विश्लेषण येस सिक्योरिटीज, मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी, इलारा कैपिटल, एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग और एमके ग्लोबल के आय के अनुमान पर आधारित है। हमारे विश्लेषण में अपोलो हॉस्पिटल्स के आंकड़े शामिल नहीं हैं, जो 31 मार्च, 2022 को संपन्न तिमाही के दौरान इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की जगह निफ्टी 50 में शामिल हुई है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेस के विश्लेषकों ने कहा, ‘हमें लगता है कि वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में कंपनियों की आय साल भर पहले की तुलना में 19 प्रतिशत बढ़ेगी। वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही के बाद से यह सबसे कम बढ़ोतरी होगी। मोटे तौर पर वृद्धि दर आकर्षक है मगर थोड़ी कम है। तीन कारक – बीएफएसआई, तेल एवं गैस और आईटी सेवाएं – इसके लिए जिम्मेदार हैं। वृद्धि में आधे से अधिक योगदान बीएफएसआई का होगा। ऋण आवंटन में तेजी और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार से बीएफएसआई खंड को मजबूती मिली है।’

First Published : April 10, 2022 | 10:09 PM IST