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Q1 Preview: अमेरिका से झटका, भारत से सहारा! Sun Pharma, Cipla समेत इन 9 फार्मा शेयरों पर ब्रोकरेज बुलिश

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Q1 नतीजों से पहले फार्मा सेक्टर फोकस में है। अमेरिका में दबाव के बीच भारत का कारोबार मजबूत रहने की उम्मीद। जानिए किन शेयरों पर ब्रोकरेज बुलिश है

Last Updated- July 09, 2026 | 11:50 AM IST
Pharma

फार्मा कंपनियों के लिए जून तिमाही (Q1FY27) की तस्वीर मिली-जुली रहने की उम्मीद है। एक तरफ अमेरिका में कारोबार कमजोर पड़ने और कुछ बड़ी दवाओं की एक्सक्लूसिविटी खत्म होने का असर कंपनियों के मुनाफे पर पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर भारत में मजबूत मांग, दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी और नई दवाओं की लॉन्चिंग से घरेलू कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद है।

इसी वजह से गुरुवार को फार्मा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। सुबह के कारोबार में Nifty Pharma इंडेक्स 236.30 अंक (0.93%) चढ़कर 25,666.10 पर कारोबार करता दिखा। इंडेक्स के 20 में से 18 शेयर बढ़त में जबकि केवल 2 शेयर गिरावट में थे।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी?

फार्मा शेयरों में PPL Pharma करीब 3.10% चढ़कर 173.32 रुपये पर कारोबार करता दिखा। Laurus Labs का शेयर 3%, Glenmark करीब 2.3%, Sun Pharma 2.23% और Lupin करीब 1.78% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर Dr Reddy’s Laboratories में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। इसका शेयर 5.62% टूटकर 1,273.20 रुपये पर आ गया। Gland Pharma भी हल्की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा।

जून तिमाही में क्या रह सकती है तस्वीर?

ICICI Securities का अनुमान है कि उसके कवरेज वाली फार्मा कंपनियों की आय जून तिमाही में सालाना आधार पर करीब 11.2% बढ़ सकती है। हालांकि मुनाफे की रफ्तार धीमी रहने की आशंका है। EBITDA में करीब 3.7% की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि शुद्ध मुनाफा (PAT) 6.2% तक घट सकता है। ब्रोकरेज का कहना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका में gRevlimid दवा की एक्सक्लूसिविटी खत्म होना है। इससे कई भारतीय कंपनियों की अमेरिकी बिक्री प्रभावित हो सकती है।

अमेरिका में कारोबार क्यों रहेगा कमजोर?

रिपोर्ट के मुताबिक जून तिमाही में भारतीय फार्मा कंपनियों की अमेरिकी बिक्री डॉलर के लिहाज से करीब 6.7% घट सकती है। Dr Reddy’s, Cipla, Zydus और Aurobindo Pharma पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। हालांकि रुपये की कमजोरी की वजह से भारतीय मुद्रा में इन कंपनियों की आय पर असर कुछ कम हो सकता है।

भारत का कारोबार देगा सहारा

ब्रोकरेज का मानना है कि भारत में दवा कंपनियों का कारोबार मजबूत बना रहेगा। दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी, डॉक्टरों के बढ़ते प्रिस्क्रिप्शन और GLP-1 जैसी नई दवाओं की लॉन्चिंग से घरेलू कारोबार में करीब 14% की बढ़ोतरी हो सकती है। Torrent Pharma सबसे तेज ग्रोथ दिखा सकती है। इसके अलावा Dr Reddy’s, Zydus, Ajanta Pharma और Natco Pharma के घरेलू कारोबार में भी अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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किन शेयरों पर ब्रोकरेज बुलिश है?

ICICI Securities ने Sun Pharma, Cipla, Alkem Laboratories, Abbott India, Pfizer, Piramal Pharma, Akums Drugs, Gland Pharma और OneSource Specialty Pharma को अपनी पसंदीदा कंपनियों में रखा है।

वहीं Emkay ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते फार्मा सेक्टर में कई अहम घटनाक्रम हुए हैं। Shilpa Medicare ने यूरोप में कैंसर की बायोसिमिलर दवा के लिए Orion Pharma के साथ साझेदारी की है। Morepen Laboratories ने अपने बड़े CDMO कॉन्ट्रैक्ट के तहत पहली कमर्शियल सप्लाई शुरू कर दी है। वहीं Lupin ब्राजील में अपनी सहायक कंपनी Medquímica की बिक्री पर विचार कर रही है।

अब बाजार की नजर सिर्फ जून तिमाही के नतीजों पर नहीं होगी, बल्कि कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री पर भी रहेगी। निवेशक यह जानना चाहेंगे कि अमेरिकी बाजार में दबाव कब तक रहेगा, भारत में मांग कितनी मजबूत बनी रहेगी और नई दवाओं से कंपनियों की कमाई में कितना इजाफा हो सकता है। यही बातें आगे फार्मा शेयरों की चाल तय करेंगी।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - July 9, 2026 | 11:43 AM IST

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