म्युचुअल फंड निवेशकों के बीच इंस्टेंट एक्सेस फैसिलिटी (IAF) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। जीरोधा फंड हाउस (Zerodha Fund House) के एनालिसिस के अनुसार, 2017 में शुरू की गई इस सुविधा के तहत अब तक 23 लाख से ज्यादा ट्रांजैक्शन के जरिए 2,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी की जा चुकी है। डेटा के मुताबिक, यह सुविधा निवेशकों के लिए तुरंत नकदी जरूरतों को पूरा करने का एक अहम साधन बनती जा रही है। CAMS के आंकड़ों (FY17 से दिसंबर 2025 तक) के आधार पर किए गए विश्लेषण में निवेशकों के व्यवहार से जुड़े कई महत्वपूर्ण रुझान सामने आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कुल निकासी में लगभग 68 फीसदी ट्रांजैक्शन 5,000 रुपये या उससे कम के हैं। औसत निकासी राशि करीब 9,000 रुपये रही। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक इस सुविधा का उपयोग दैनिक खर्च या छोटी नकदी जरूरतों को पूरा करने के लिए कर रहे हैं।
छोटे-छोटे अमाउंट की इतनी बड़ी संख्या में निकासी इस बात को दर्शाती है कि यह सुविधा माइक्रो लिक्विडिटी मैनेजमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। चूंकि यह सुविधा आंशिक रिडेम्प्शन की अनुमति देती है और पैसा कुछ ही मिनटों में बैंक खाते में पहुंच जाता है, इसलिए निवेशक तत्काल जरूरत के लिए सटीक उतनी ही राशि निकाल सकते हैं, जबकि उनकी बाकी पूंजी निवेश में बनी रहती है।
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IAF का उपयोग करने वाले यूनिक निवेशकों की संख्या पिछले पांच वर्षों में दोगुने से ज्यादा हो गई है। यह संख्या FY21 में 2.55 लाख से बढ़कर 2025 के अंत तक 5.84 लाख से ज्यादा हो गई। इससे स्पष्ट है कि निवेशक एक बार इस सुविधा का उपयोग करने के बाद इसे बार-बार इस्तेमाल करते हैं।
सामान्य म्युचुअल फंड रिडेम्प्शन में 2-3 कार्यदिवस लगते हैं, जबकि IAF के जरिए निवेशक ₹50,000 या निवेश मूल्य के 90% (जो कम हो) तक की राशि प्रतिदिन तुरंत निकाल सकते हैं। डेटा बताता है कि करीब 5 लाख ट्रांजैक्शन (लगभग 22%) वीकेंड या गैर-कारोबारी दिनों में हुए, जिनकी कुल राशि करीब 359 करोड़ रुपये रही।
| कैटेगरी | डेटा |
|---|---|
| कुल रिडेम्प्शन वैल्यू | ₹2,111.97 करोड़ |
| कुल लेन-देन की संख्या | 23.07 लाख |
| वीकेंड हिस्सा | लगभग 22% (5.04 लाख लेन-देन) |
| म्राइको-लिक्विडिटी हिस्सा | 68% (रिडेम्प्शन <= ₹5,000) |
| औसत रिडेम्प्शन राशि | ₹9,154 |
| उपयोग की आवृत्ति | वित्तीय वर्ष में 1-5 बार (>80% निवेशक) |
| म्राइको-लिक्विडिटी → टिकट आकार <= ₹5,000 के रिडेम्प्शन | |
जीरोधा फंड हाउस ने अपने ओवरनाइट फंड (Zerodha Overnight Fund) में 24×7 इंस्टेंट निकासी की सुविधा शुरू की है। फंड हाउस के WhatsApp चैनल के जरिए उपलब्ध इस सुविधा के तहत भारत में रहने वाले व्यक्तिगत निवेशक, जिनके पास नॉन-डीमैट मोड में यूनिट्स हैं, तुरंत पैसा निकाल सकते हैं। यह सुविधा वीकेंड और बैंक छुट्टियों में भी काम करती है।
नियमों के मुताबिक, निवेशक एक दिन में अधिकतम 50,000 रुपये या अपने निवेश की 90% राशि (जो कम हो) तक ही तुरंत निकाल सकते हैं।
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जीरोधा फंड हाउस के सीईओ विशाल जैन ने कहा कि पैसे तक तेजी से पहुंच मिलने से बचत का उपयोग करना आसान हो जाता है और निवेशकों के लिए लिक्विडिटी मैनेजमेंट भी सरल बनता है। उन्होंने कहा, “आप अपनी बचत का असली महत्व तब समझते हैं जब जरूरत के समय आप उसे कितनी जल्दी इस्तेमाल कर सकते हैं। हमारा मानना है कि अपने पैसे तक पहुंचना रोजमर्रा की जिंदगी का एक सहज हिस्सा होना चाहिए।”