NFO Alert: मिरे असेट म्युचुअल फंड ने गुरुवार को बीएसई मिडकैप 150 मोमेंटम 30 इंडेक्स से जुड़े दो पैसिव इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट लॉन्च करने की घोषणा की है। इनमें से पहले न्यू फंड ऑफर (NFO) का नाम मिरे असेट बीएसई मिडकैप 150 मोमेंटम 30 ईटीएफ (Mirae Asset BSE Midcap 150 Momentum 30 ETF) और दूसरे का नाम मिरे असेट बीएसई मिडकैप 150 मोमेंटम 30 ईटीएफ फंड ऑफ फंड (Mirae Asset BSE Midcap 150 Momentum 30 ETF FOF) है। इन नई पेशकशों के साथ फंड हाउस ने अपनी स्मार्ट बीटा और फैक्टर-आधारित निवेश रणनीतियों की सीरीज का विस्तार किया है।
फंड हाउस के मुताबिक, दोनों स्कीम्स के न्यू फंड ऑफर (NFO) निवेश के लिए 6 जुलाई 2026 से खुलेंगे। मिरे असेट बीएसई मिडकैप 150 मोमेंटम 30 ETF का NFO 13 जुलाई 2026 को बंद होगा, जबकि इसके फंड ऑफ फंड का NFO 20 जुलाई 2026 को बंद होगा। इसके बाद दोनों स्कीम्स क्रमशः 17 जुलाई 2026 और 24 जुलाई 2026 से दोबारा निवेश के लिए खुल जाएंगी।
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दोनों स्कीम के लिए NFO पीरियड के दौरान कम-से-कम शुरुआती निवेश 5,000 रुपये है, और इसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में आगे निवेश किया जा सकता है। दोनों स्कीम के प्रदर्शन की तुलना BSE Midcap 150 Momentum 30 TRI से की जाएगी। एकता गाला और विशाल सिंह इन स्कीम्स के फंड मैनेजर हैं।
मिरे असेट बीएसई मिडकैप 150 मोमेंटम 30 ETF एक ओपन-एंडेड स्कीम है, जो बीएसई मिडकैप 150 मोमेंटम 30 टोटल रिटर्न इंडेक्स के प्रदर्शन को ट्रैक करेगी। वहीं, मिरे असेट बीएसई मिडकैप 150 मोमेंटम 30 ETF FOF ऐसी स्कीम है, जो अपना ज्यादातर पैसा इसी ETF में लगाएगी।
यह ETF उन मिडकैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करेगा, जिनके शेयरों की कीमतों में लगातार अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। इन शेयरों का चयन तय नियमों के आधार पर किया जाता है।
फंड हाउस के अनुसार, इस इंडेक्स में बीएसई मिडकैप 150 इंडेक्स से चुनी गई 30 कंपनियां शामिल हैं। इनका चयन पिछले 12 महीनों के प्रदर्शन और जोखिम को ध्यान में रखकर किया जाता है। साथ ही, इंडेक्स में सिर्फ ऐसे शेयर शामिल किए जाते हैं जिनमें पर्याप्त खरीद-बिक्री होती है। किसी एक शेयर का हिस्सा 5% से ज्यादा नहीं रखा जाता और हर तीन महीने में इंडेक्स की समीक्षा कर जरूरत पड़ने पर बदलाव किए जाते हैं।
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मिरे असेट म्युचुअल फंड के ETF प्रोडक्ट्स के हेड और फंड मैनेजर सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने कहा, “मोमेंटम एक ऐसा फैक्टर है जो आमतौर पर बुल मार्केट में या जब मार्केट में कोई मजबूत और लगातार ट्रेंड दिखता है, तब अच्छा प्रदर्शन करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि मिडकैप सेगमेंट में, मोमेंटम स्ट्रैटेजी सही मार्केट स्थितियों में काफी बेहतर रिटर्न दे सकती है, लेकिन ट्रेंड बदलने पर इसमें गिरावट का जोखिम भी होता है। इसलिए ज्यादा जोखिम उठाने की क्षमता वाले निवेशकों को ही इस फंड पर विचार करना चाहिए।
फंड हाउस के अनुसार, मिडकैप कंपनियों में ग्रोथ की संभावना और मार्केट में ठीक-ठाक हिस्सेदारी का कॉम्बिनेशन होता है और ये स्मॉल-कैप कंपनियों की तुलना में ज्यादा स्थिर होती हैं। इसलिए ये एक अनुशासित मोमेंटम स्ट्रैटेजी के लिए सही रहती हैं। मोमेंटम-बेस्ड फंड में आमतौर पर पोर्टफोलियो में ज्यादा बदलाव (टर्नओवर) होता है और इनमें किसी खास सेक्टर या थीम का झुकाव दिख सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां न्यू फंड ऑफर (NFO) की जानकारी दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है।)