HDFC Bank के शेयर गुरुवार को बड़ी गिरावट में रहे। यह कोविड-19 के बाद का सबसे बड़ा एक-दिन का सेलऑफ है। गिरावट का कारण पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती का “नैतिक कारणों” का हवाला देते हुए इस्तीफा देना बताया गया। HDFC बैंक के शेयर ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 8.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की, और इंट्राडे ट्रेड में 770 रुपये प्रति शेयर के 52-सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गए। कोविड-19 महामारी के दौरान हुई सुधार के समय, बैंक के शेयर एक ही दिन में लगभग 13 फीसदी तक गिर चुके थे।
HDFC बैंक के शेयरों में तेज गिरावट ने भारतीय म्युचुअल फंड्स (MFs) के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को झटका दिया है। BSE के डेटा के अनुसार, दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के अंत तक, म्युचुअल फंड्स ने सामूहिक रूप से HDFC बैंक में 26.66 फीसदी की हिस्सेदारी रखी थी।
अलग-अलग देखा जाए तो 49 म्युचुअल फंड्स के पास HDFC बैंक के शेयर हैं। इस इंट्राडे क्रैश से संभवतः इनके नेट एसेट वैल्यू (NAV) पर असर पड़ा है।
ACE Equity के डेटा के अनुसार, कुछ लार्ज-कैप और फ्लेक्सी-कैप फंड्स ने दिसंबर 2025 तक अपने कुल होल्डिंग्स का 8 फीसदी तक HDFC बैंक में रखा था।
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कई म्युचुअल फंड्स में HDFC बैंक का एक्सपोजर काफी ज्यादा बना हुआ है, जिसमें बड़े और कुछ खास फंड हाउस दोनों ने अपने पोर्टफोलियो का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इस बैंक में लगाया है।
दिसंबर 2025 तक, नवी म्युचुअल फंड का HDFC बैंक में सबसे ज्यादा एक्सपोजर था, जो इसके कुल AUM का 7.83 फीसदी था। इसके बाद PPFAS म्युचुअल फंड था, जिसमें 7.48 फीसदी की हिस्सेदारी थी, और UTI म्युचुअल फंड में 7.39 फीसदी होल्डिंग थी।
एब्सोल्यूट टर्म में, तीसरी तिमाही के अंत तक नवी म्युचुअल फंड के पास 72 लाख HDFC बैंक के शेयर थे, जिनकी वैल्यू 716 करोड़ रुपये थी।
| म्युचुअल फंड | % होल्डिंग (AUM) | होल्डिंग वैल्यू (₹ करोड़) |
|---|---|---|
| नवी म्युचुअल फंड | 7.83 | 716.2 |
| पराग पारिख म्युचुअल फंड | 7.48 | 11382.6 |
| UTI म्युचुअल फंड | 7.39 | 29233.6 |
| SBI म्युचुअल फंड | 6.29 | 80201.6 |
| 360 ONE म्युचुअल फंड | 6.02 | 811.5 |
| मिरे असेट म्युचुअल फंड | 5.6 | 13070.4 |
| टॉरस म्युचुअल फंड | 4.69 | 47.5 |
| फ्रैंकलिन टेंपलटन म्युचुअल फंड | 4.64 | 5918.8 |
| व्हाइटओक कैपिटल म्युचुअल फंड | 4.58 | 1465 |
| हेलियोस म्युचुअल फंड | 4.32 | 397.8 |
स्रोत: ACE Equity
नोट: दिसंबर 2025 के अंत तक MF होल्डिंग्स
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HDFC बैंक में हिस्सेदारी रखने वाले 49 म्युचुअल फंड्स में से, क्वांट म्यूचुअल फंड ने सितंबर 2025 की होल्डिंग के मुकाबले अपने एक्सपोजर को 5,066 फीसदी तक बढ़ा दिया। इसने HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी 55 लाख शेयरों तक पहुंचा दी। इसी तरह, Jio BlackRock म्युचुअल फंड ने Q3FY26 में HDFC बैंक में अपनी होल्डिंग 1,991.6 फीसदी बढ़ाई और Q2FY26 की तुलना में 25 लाख शेयर जोड़े।
वहीं, यूनिफी म्युचुअल फंड ने अपनी होल्डिंग 41 फीसदी बढ़ाकर 82,800 शेयर कर दिए, Trust MF ने 35.79 फीसदी बढ़ाकर 2 लाख शेयर किए, Groww म्युचुअल फंड ने 33.67% बढ़ाकर 2.4 लाख शेयर और कैपिटलमाइंड म्युचुअल फंड ने 23.97 फीसदी बढ़ाकर 11,170 शेयर जोड़े।
बड़े म्युचुअल फंड्स में, व्हाइटओक कैपिटल म्युचुअल फंड ने HDFC बैंक में एक्सपोजर 18.17 फीसदी बढ़ाकर 22 लाख शेयर किए। बजाज फिनसर्व म्युचुअल फंड ने 12.7 फीसदी बढ़ाकर 12.7 लाख शेयर,इनवेस्को म्युचुअल फंड ने 10.28 फीसदी बढ़ाकर 42 लाख शेयर, DSP MF ने 9.62 फीसदी बढ़ाकर 56 लाख शेयर, और बंधन म्युचुअल फंड ने 9.19 फीसदी बढ़ाकर 39 लाख शेयर जोड़े।
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दिसंबर तिमाही में सैमको म्युचुअल फंड ने HDFC बैंक के खिलाफ सबसे ज्यादा “सेल” किया और सितंबर 2025 के अंत की तुलना में अपनी हिस्सेदारी 81.34 फीसदी घटा दी। इसने 2.9 लाख शेयर बेचे। इसी तरह, महिंद्रा मैनुलाइफ म्युचुअल फंड ने Q3FY26 में अपनी हिस्सेदारी 16.31 फीसदी घटाई और 13 लाख शेयर बेचे।
इसके अलावा, ITI MF ने अपनी हिस्सेदारी 15.78 फीसदी घटाई और 6 लाख शेयर बेच दिए। JM Financial MF ने 11.11 फीसदी घटाकर 4.4 लाख शेयर बेचे। 360One MF ने 6.95 फीसदी घटाकर 6.1 लाख शेयर बेचे। Franklin Templeton MF ने 4.49 फीसदी घटाकर 28 लाख शेयर बेचे। वहीं, SBI म्युचुअल फंड ने 3.16 फीसदी घटाकर 2.643 करोड़ शेयर बेचे।