facebookmetapixel
Advertisement
बिना कमाई वाले छात्रों को भी मिलेगा ₹25 लाख का लाइफ कवर, स्टूडेंट्स के लिए लॉन्च हुआ खास टर्म प्लानशेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! 1 शेयर पर 1 फ्री बोनस शेयर दे रही यह कंपनी; 24 अगस्त तय हुई रिकॉर्ड डेटअगले हफ्ते 50 से अधिक कंपनियां निवेशकों को बांटेंगी मुनाफा, एक शेयर पर ₹60 तक कमाने का मौकामानसून में बाढ़ और भूस्खलन से मकान को हुआ नुकसान? समझें होम इंश्योरेंस कैसे बचाएगा आपका पैसाक्या UPI पर नहीं लगेगा कोई भी एक्स्ट्रा चार्ज? 2017 के कड़े नियम को ढाल बनाने की तैयारी में जुटा RBIदिल्ली में बदला मौसम, बारिश ने दी गर्मी से राहत; कई राज्यों में भारी बौछार का अलर्टविकसित भारत के लिए युवाओं को कौशल और डिजिटल ट्रेनिंग देने पर जोरहोर्मुज में जंग के बीच नाविकों के सामने दो विकल्प, सुरक्षित रहें या ज्यादा कमाएंPM मोदी से मिले 20 स्पेस स्टार्टअप के CEO, निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोरबांग्लादेश के पीएम का भारत दौरा अटका, ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने पर भी संशय

इक्विटी म्युचुअल फंड में कैश होल्डिंग 2 साल के निचले स्तर पर, बाजार गिरावट में फंड मैनेजरों की भारी खरीदारी

Advertisement

नकदी होल्डिंग 2 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गई, जो पिछले छह महीनों में पहला मौका

Last Updated- April 22, 2026 | 10:31 PM IST
Mutual Fund

इक्विटी म्युचुअल फंड योजनाओं की कैश होल्डिंग करीब 2 साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई है क्योंकि पिछले महीने फंड मैनेजरों ने बाजार में गिरावट आने पर खरीदारी की। बीएनपी पारिबा के अध्ययन के मुताबिक इक्विटी फंडों ने मार्च में अपने कैश रिज़र्व का 13 फीसदी इस्तेमाल किया, जिससे उनकी होल्डिंग कम होकर 2 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गई। ऐसा कम से कम पिछले छह महीनों में पहली बार हुआ है। इक्विटी योजनाओं की कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) के प्रतिशत के तौर पर नकदी का स्तर 21 महीने के सबसे निचले स्तर 4.7 फीसदी पर आ गया।

मार्च में निवेश की शुद्ध आवक में जबरदस्त बढ़ोतरी के बावजूद इक्विटी फंडों की नकदी होल्डिंग घट गई। मार्च में इक्विटी में शुद्ध निवेश बढ़कर आठ महीने के सबसे ऊंचे स्तर 40,450 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह बाजार में आई गिरावट के दौरान एकमुश्त निवेश में तेज़ी थी। पिछले महीने पैसिव इक्विटी योजनाओं में भी रिकॉर्ड निवेश देखने को मिला।

मार्च में घरेलू इक्विटी बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, जिसकी मुख्य वजह अमेरिका-ईरान के बीच चल रहा विवाद था। बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स इस महीने 11 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुआ। इक्विटी योजनाओं द्वारा नकदी लगाने और हाइब्रिड फंडों का इक्विटी की ओर झुकाव बढ़ने के साथ-साथ निवेश में आई तेजी ने फंडों के कुल इक्विटी निवेश को मार्च में रिकॉर्ड स्तर 98,833 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया।

म्युचुअल फंडों में रिकॉर्ड निवेश और दूसरे घरेलू संस्थागत निवेशकों के ज्यादा निवेश करने से विदेशी संस्थागत निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली के बावजूद बाजार में गिरावट ज्यादा नहीं हुई। रिपोर्ट में कहा गया है, देसी संस्थागत निवेशकों ने मार्च 2026 में रिकॉर्ड 15.4 अरब डॉलर का निवेश किया, जिसने एफआईआई की 14.2 अरब डॉलर की निकासी की भरपाई कर दी।

मार्च 2026 में मजबूत घरेलू निवेश के बावजूद बाजारों में लगभग 10 फीसदी की गिरावट आई और देसी संस्थागत निवेशकों ने अपने करीब 23 अरब डॉलर (फरवरी-26 तक) के नकद शेष में से 3 अरब डॉलर का निवेश किया। परिणामस्वरूप एयूएम के प्रतिशत के रूप में नकदी पिछले 21 महीनों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। इसमें कहा गया है, एफआईआई की बिकवाली और इक्विटी की संभावित बड़ी आपूर्ति के बीच भारतीय इक्विटी बाजारों के लिए लगातार मजबूत घरेलू निवेश ही मुख्य आधार बना हुआ है।

Advertisement
First Published - April 22, 2026 | 10:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement