facebookmetapixel
Advertisement
Veg-Non veg Thali: घर का खाना हुआ सस्ता, मार्च में शाकाहारी और मांसाहारी थालियों के घटे दामFlexi Cap Funds पर निवेशक लट्टू, FY26 में झोंके ₹79,159 करोड़; AUM 22% बढ़ाइनकम टैक्स के नए नियम लागू: अब 24Q और 26Q की छुट्टी, फॉर्म 138 और 140 से TDS भरना होगा आसान!Equity, Debt or Hybrid: ग्लोबल उथल-पुथल में म्युचुअल फंड निवेशक कैसे करें निवेश? कहां-कितना लगाएं पैसाधुरंधर 2 की अगुवाई में फिल्मों से धुआंधार कमाई, लेकिन ‘ऐड’ में गिरावट, मीडिया सेक्टर में क्या चल रहा है?Agrochemical Sector: खेतों में बंपर बुवाई, फिर भी एग्रोकेमिकल सेक्टर पर क्यों छाए संकट के बादल?Post Office Scheme: सिर्फ 10,000 महीना जमा कर 5 साल में बनाएं लाखों का फंड, जानें पूरा कैलकुलेशनRBI MPC: ईरान संकट के बीच RBI की अग्निपरीक्षा, महंगाई बनाम ग्रोथ में क्या होगा बड़ा फैसला?घाटे, हादसे और जंग का दबाव… क्या इसी वजह से Air India के CEO ने छोड़ी कुर्सी?PSU नहीं, इन 5 प्राइवेट Bank Stocks में 40% तक रिटर्न के संकेत, ब्रोकरेज ने जारी किए नए टारगेट्स

लंबी अवधि को ध्यान में रखकर करें निवेश : बुच

Advertisement

वायदा-विकल्प में 90% निवेशकों को नुकसान: सेबी प्रमुख

Last Updated- November 20, 2023 | 10:08 PM IST
Adani bribery case: Adani Group on SEBI's radar, may investigate violation of disclosure rules SEBI की रडार पर अदाणी ग्रुप, डिस्क्लोजर नियमों के उल्लंघन की कर सकती है जांच

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की अध्यक्ष माधवी पुरी बुच का कहना है कि शेयर बाजार की वास्तविक ताकत दीर्घाव​धि निवेश में होती है, जो निवेशकों को निरंतर तौर पर पैसा कमाने में मदद करती है।

बुच ने सोमवार को कहा कि वह निवेशकों की वायदा एवं विकल्प क्षेत्र में रुचि देखकर चकित और भ्रमित हैं। यह स्थिति तब है जब इसमें निवेश करने वाले 90 प्रतिशत लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि निवेशकों को लंबी अवधि पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इस रणनीति से मुद्रास्फीति से ऊपर रिटर्न की काफी संभावना है। सेबी प्रमुख ने यहां एशिया के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई में निवेशक जोखिम बचाव पहुंच (आईआरआरए) मंच शुरू किए जाने के दौरान पूंजी बाजार नियामक के एक हालिया शोध का जिक्र किया।

इसके अनुसार वायदा एवं विकल्प खंड (एफएंडओ) में 45.24 लाख व्यक्तिगत कारोबारियों में से केवल 11 प्रतिशत ने लाभ कमाया है। शोध के अनुसार, महामारी के दौरान एफऐंडओ खंड में निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। व्यक्तिगत कारोबारियों की कुल संख्या वित्त वर्ष 2018-19 के 7.1 लाख के मुकाबले 500 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है।

बुच ने कहा, ‘मैं इस बात को लेकर हमेशा थोड़ी भ्रमित और आश्चर्यचकित रहती हूं कि लोग एफएंडओ में जोखिम के बारे में जानते हैं, उन्हें यह भी पता है कि यह उनके पक्ष में नहीं है। उसके बाद भी उसमें निवेश कर रहे हैं। यह समझ से परे है।’

उन्होंने कहा, ‘निवेशकों के वायदा एवं विकल्प खंड में पैसा खोने की 90 प्रतिशत आशंका है। लेकिन हम यह भी जानते हैं और उपलब्ध आंकड़ों से हमें पता चलता है कि यदि आप बाजार में दीर्घकालिक नजरिया अपनाते हैं और आप लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं, आप शायद ही कभी गलत होंगे।’

Advertisement
First Published - November 20, 2023 | 10:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement