ठेके पर दवा तैयार करने और बनाने वाली प्रमुख कंपनी लॉरस लैब्स के शेयरों में गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान करीब 3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और उसने बीएसई ने 1,103.35 रुपये का उच्चतम स्तर छू लिया। पिछले दो कारोबारी सत्रों में इस दवा कंपनी के शेयर की कीमत में 8 फीसदी की उछाल आई है। यह शेयर अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 1,140.90 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है और सत्र के आखिर में 1.52 फीसदी की बढ़त के साथ 1,092 रुपये पर बंद हुआ।
पिछले छह महीनों में, लॉरस लैब्स के शेयर ने बाजार से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 26 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है जबकि बीएसई सेंसेक्स में सिर्फ 2 फीसदी का इजाफा हुआ है। पिछले एक साल में इस शेयर में 101.5 फीसदी की तेजी आई है जबकि बेंचमार्क इंडेक्स में सिर्फ 10.2 फीसदी की वृद्धि हुई है।
लॉरस लैब्स ने चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में परिचालन और वित्तीय मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन किया। दिसंबर 2025 की तिमाही में राजस्व 26 फीसदी बढ़कर 1,778 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जबकि सकल मार्जिन में तिमाही आधार पर वृद्धि हुई और यह करीब 60 फीसदी रहा। परिचालन लाभ मार्जिन में 27 फीसदी से थोड़ी अधिक बढ़ोतरी हुई। प्रबंधन ने कहा कि कंपनी ने अपने जेनेरिक कारोबार और साथ ही कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट ऐंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (सीडीएमओ) कार्यक्रमों की नैदानिक और वाणिज्यिक आपूर्ति में मजबूत प्रदर्शन के माध्यम से ये आंकड़े हासिल किए हैं।
सीडीएमओ कारोबार में स्पष्ट मंदी के बावजूद विकसित बाजारों में एंटीरेट्रोवायरल (एआरवी) दवाओं के ज्यादा वॉल्यूम और चुनिंदा मॉलिक्युल की मजबूत मांग के कारण जेनेरिक दवाओं में मजबूत वृद्धि से मार्जिन के मोर्चे पर प्रदर्शन मजबूत रहा। प्रबंधन को चौथी तिमाही में बेहतर प्रदर्शन और वित्त वर्ष 2027 में समग्र रूप से अच्छी वृद्धि की उम्मीद है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2028 तक सीडीएमओ का योगदान 16 फीसदी से बढ़कर 32 फीसदी हो जाएगा। वित्त वर्ष 2022-26 के दौरान कंपनी के 3,900 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च में से करीब 75 फीसदी ऐक्टिव फार्मा इनग्रेडिएंट्स (एपी/सीडीएमओ) पर खर्च किया गया है।
कंपनी को अब इसका लाभ मिल रहा है। सीडीएमओ का तिमाही कारोबार दो वर्षों में 220-250 करोड़ रुपये से बढ़कर 450-500 करोड़ रुपये हो गया है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने कहा, सीडीएमओ के अलावा कंपनी सेल और जीन थेरेपी जैसी नई अत्याधुनिक तकनीकों में भी निवेश कर रही है। क्षमता विस्तार और वाणिज्यिक एआरवी से मिल रही मांग के साथ-साथ यूरोपीय ग्राहकों से सीएमओ विस्तार को देखते हुए जेनेरिक दवाओं (एपीआई और फॉर्मूलेशन दोनों) के कारोबार में भी सुधार की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, सीडीएमओ में क्षमता उपयोग और ऑर्डर के क्रियान्वयन में वृद्धि के साथ ब्रोकरेज फर्म को तिमाही उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूत रफ्तार जारी रहने की उम्मीद है। बोनान्ज़ा पोर्टफोलियो के तकनीकी विश्लेषक कुणाल कांबले ने कहा, तकनीकी चार्ट पर लॉरस लैब्स 1,050 रुपये के प्रतिरोध क्षेत्र पर आने के बाद मजबूत तेजी के रुझान दर्शा रही है। बढ़ते वॉल्यूम से समर्थित मजबूत तेजी वाले कैंडल से नए सिरे से खरीदारी का संकेत मिलता है।
यह शेयर अपने अल्पकालिक और मध्यम अवधि के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) से ऊपर कारोबार कर रहा है जबकि 200 ईएमए सकारात्मक बना हुआ है और इससे व्यापक तेजी के रुझान की पुष्टि होती है। शेयर ने 980 रुपये के पास निचला स्तर बनाया है और अब 1,100 रुपये के करीब हालिया उच्चस्तर की ओर जाने का प्रयास कर रहा है। विश्लेषकों ने कहा कि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 60 से ऊपर चला गया है, जो ज्यादा खरीदारी के बिना बेहतर गति को दर्शाता है। कुणाल कांबले ने लॉरस पर 1,227 रुपये की लक्षित कीमत और 998 रुपये के स्टॉप लॉस के साथ खरीद की सिफारिश की है।
इस बीच, मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के विशेषज्ञों का मानना है कि लॉरस ने अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। इसमें वित्त वर्ष 26 के 9 महीने की अवधि में 30 फीसदी की सालाना वृद्धि और 26 फीसदी का परिचालन लाभ मार्जिन शामिल है। यह वृद्धि सीडीएमओ और फॉर्मूलेशन सेगमेंट में विस्तार के कारण संभव हुई है।
ब्रोकरेज फर्म ने लॉरस लैब्स को खरीद की रेटिंग दी है और 1,280 रुपये का लक्ष्य तय किया है। ब्रोकरेज ने कहा है कि महत्त्वपूर्ण पूंजीगत व्यय और विस्तारित क्षमताओं के साथ कंपनी सीडीएमओ वृद्धि बनाए रखने, वाणिज्यिक आपूर्ति में वृद्धि से लाभ उठाने और सीडीएमओ चक्र के अगले चरण में नेतृत्व बनाए रखने के लिहाज से अच्छी स्थिति में है।