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कल्याणी स्टील्स और और बीएफ यूटिलिटीज ने सेबी संग आरपीटी मामला निपटाया

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नियामक ने तीन संस्थाओं से 4.12 करोड़ रुपये की निपटान राशि स्वीकार की है, जिससे वित्त वर्ष 2010 से वित्त वर्ष 2022 तक की अवधि को कवर करने वाली जांच समाप्त हो गई

Last Updated- February 23, 2026 | 9:38 PM IST
Steel

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कल्याणी स्टील्स, बीएफ यूटिलिटीज और कल्याणी स्टील्स के पूर्व अनुपालन अधिकारी के खिलाफ संबंधित-पार्टी लेनदेन (आरपीटी) से जुड़े अनुमोदन और खुलासों में कई चूक पाए जाने के बाद कानूनी कार्यवाही का निपटारा कर दिया है।

एक निपटान आदेश के अनुसार, नियामक ने तीन संस्थाओं से 4.12 करोड़ रुपये की निपटान राशि स्वीकार की है, जिससे वित्त वर्ष 2010 से वित्त वर्ष 2022 तक की अवधि को कवर करने वाली जांच समाप्त हो गई।

कल्याणी स्टील्स ने 2.8 करोड़ रुपये की निपटान राशि का अधिकांश हिस्सा भुगतान किया, जबकि बीएफ यूटिलिटीज ने 36.28 लाख रुपये का भुगतान किया। पूर्व कंपनी सचिव और अनुपालन अधिकारी दीप्ति आर पुराणिक ने 95.55 लाख रुपये का भुगतान किया।

यह मामला मार्च 2023 में एनएसई द्वारा सौंपी गई एक जांच रिपोर्ट से शुरू हुआ, जिसमें कल्याणी ग्रुप की कंपनियों द्वारा प्रमोटर से जुड़ी ऐसी कंपनियों में किए गए निवेश को दिखाया गया था जिनकी वित्तीय हालत कमजोर थी, जिसमें कोई परिचालन नहीं हो रहा था और नेटवर्थ नेगेटिव थी। इनमें से कई निवेश कम समय में ही बेकार हो गए, जिससे फंड के इस्तेमाल और गवर्नेंस को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।

सेबी की जांच में पाया गया कि कल्याणी स्टील्स ने अपनी ऑडिट कमेटी या शेयरधारकों से जरूरी पूर्व मंजूरी लिए बिना (जैसा कि लिस्टिंग नियमों के तहत जरूरी है) कई रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन किए थे, जैसे कि तरजीही शेयर, डिबेंचर, ट्रेड एडवांस और इक्विटी खरीद में निवेश। नियामक ने ऑडिट कमेटी के सामने रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन का विवरण रखने में नाकामी दिखाई और तिमाही खुलासे में चूक का भी जिक्र किया।

कल्याणी स्टील्स के साथ बीएफ यूटिलिटीज के लेनदेन में भी इसी तरह की मंजूरी और खुलासा में खामियां पाई गईं।

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First Published - February 23, 2026 | 9:34 PM IST

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