नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का करीब 30,000 करोड़ रुपये का बहुप्रतीक्षित IPO 18 सितंबर को आम निवेशकों के लिए खुल सकता है। मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, NSE के शेयरों की शेयर बाजार में लिस्टिंग 25 सितंबर को होने की उम्मीद है। हालांकि, NSE ने अभी इन तारीखों को लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।
सूत्रों के अनुसार, IPO का प्राइस बैंड 15 सितंबर को जारी किया जा सकता है। इसके बाद 17 सितंबर को एंकर निवेशकों के लिए शेयरों की बुक खुलने की उम्मीद है। वहीं, आम निवेशकों के लिए IPO 18, 21 और 22 सितंबर को खुला रह सकता है।
करीब 30,000 करोड़ रुपये का यह IPO अगर आता है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। इससे पहले सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के IPO के नाम था। NSE का IPO आने पर यह रिकॉर्ड टूट जाएगा।
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NSE के IPO में कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं करेगी। इस IPO में मौजूदा शेयरधारक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपने 14.89 करोड़ तक इक्विटी शेयर बेचेंगे। इन शेयरों की फेस वैल्यू 1 रुपये होगी। शेयरों की यह बिक्री NSE की कुल चुकता इक्विटी पूंजी का करीब 6 फीसदी हिस्सा है।
क्योंकि IPO में नए शेयर जारी नहीं किए जा रहे हैं, इसलिए इससे जुटाया गया पैसा सीधे NSE को नहीं मिलेगा। यह रकम शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, IPO की तारीखें इस तरह तय की गई हैं कि NSE के शेयर 26 सितंबर से शुरू होने वाले 16 दिन के पितृ पक्ष से पहले शेयर बाजार में लिस्ट हो जाएं।
NSE के IPO की तैयारी करीब 10 साल से चल रही है। इस महीने की शुरुआत में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से जरूरी मंजूरी मिलने के बाद इसके IPO का रास्ता साफ हुआ है।
कारोबार के लिहाज से NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। यह देश के प्रमुख निफ्टी 50 इंडेक्स को चलाता है। इसके अलावा, कॉन्ट्रैक्ट की संख्या के आधार पर NSE दुनिया का सबसे ज्यादा सक्रिय डेरिवेटिव एक्सचेंज भी है।