Reliance Jio IPO: रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स अपने लंबे समय से इंतजार किए जा रहे आईपीओ के लिए तैयारी कर रही है और इस काम को संभालने के लिए कंपनी ने 17 बैंकों को नियुक्त किया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल के रूप में होगा, यानी कंपनी कोई नया पैसा नहीं जुटाएगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेचेंगे।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस आईपीओ में सिटीग्रुप, जेपी मॉर्गन, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और बैंक ऑफ अमेरिका जैसे बड़े वैश्विक बैंक शामिल हैं। इसके साथ ही एक्सिस कैपिटल, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, आईआईएफएल और कोटक महिंद्रा कैपिटल जैसे भारतीय बैंक भी जुड़े हुए हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज मार्च के अंत तक आईपीओ के लिए जरूरी दस्तावेज जमा कर सकती है, जिसमें दिसंबर तक के वित्तीय आंकड़े शामिल हो सकते हैं। यह आईपीओ इस साल बाद में आ सकता है और इसमें मुख्य रूप से पुराने शेयरों की बिक्री होगी, हालांकि इसके आकार और समय को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है।
नियमों में बदलाव के बाद अब बड़ी कंपनियों को केवल 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर भी बाजार में लिस्ट होने की अनुमति मिल गई है। अगर जियो का यह आईपीओ आता है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
जियो के पास 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं और इसमें केकेआर, जनरल अटलांटिक, सिल्वर लेक और अबू धाबी निवेश प्राधिकरण जैसे बड़े निवेशकों ने निवेश किया है। कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए क्षेत्रों में भी विस्तार किया है।
इस साल की शुरुआत में रिलायंस और जियो ने अगले सात साल में 10 लाख करोड़ रुपये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए निवेश करने की योजना भी बताई है। मुकेश अंबानी ने इसे लंबे समय के लिए क्षमता बढ़ाने वाला निवेश बताया है।