Defence Stocks: भारत में डिफेंस सेक्टर में आने वाले सालों में बड़े ऑर्डर देखने को मिल सकते हैं। खास तौर पर इंडियन एयर फोर्स को नए फाइटर एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर, ड्रोन और सर्विलांस एयरक्राफ्ट की जरूरत है। इनसे जुड़े अलग-अलग प्रोजेक्ट की संभावित खरीदारी पाइपलाइन करीब 7.07 लाख करोड़ रुपये की है। अगर ये प्रोजेक्ट आगे ऑर्डर में बदलते हैं तो कई भारतीय डिफेंस कंपनियों के ऑर्डर इनफ्लो और ऑर्डर बुक को बड़ा सपोर्ट मिल सकता है।
अब सवाल है कि इतनी बड़ी खरीदारी की जरूरत क्यों पड़ रही है और इसका सबसे ज्यादा फायदा किन कंपनियों को मिल सकता है?
इंडियन एयर फोर्स के पास अभी करीब 31 फाइटर स्क्वाड्रन हैं, जबकि जरूरत 42 स्क्वाड्रन की मानी जाती है। यानी करीब 11 स्क्वाड्रन की कमी है। इसके अलावा पुराने फाइटर एयरक्राफ्ट को भी धीरे-धीरे बदलना है। यही वजह है कि आने वाले कई साल तक नए फाइटर एयरक्राफ्ट की जरूरत बनी रह सकती है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक अगले 10 से 15 साल में 300 से ज्यादा एयरक्राफ्ट की जरूरत पड़ सकती है। इसमें तेजस मार्क-1ए, तेजस मार्क-2 और एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट जैसे प्रोग्राम शामिल हैं।
इस पाइपलाइन में सबसे बड़ा प्रोजेक्ट मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट का है, जिसकी संभावित वैल्यू करीब 1.60 लाख करोड़ रुपये है। इसके बाद तेजस मार्क-2 का संभावित प्रोजेक्ट करीब 1.18 लाख करोड़ रुपये और एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का प्रोजेक्ट करीब 1 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है।
इसके अलावा इंडियन मल्टी रोल हेलिकॉप्टर का संभावित प्रोजेक्ट करीब 86,400 करोड़ रुपये और ट्विन इंजन डेक बेस्ड फाइटर प्रोग्राम करीब 74,400 करोड़ रुपये का है। लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर, ड्रोन और सर्विलांस एयरक्राफ्ट जैसे दूसरे प्रोजेक्ट भी पाइपलाइन में हैं।
इस पूरी खरीदारी में एचएएल सबसे अहम कंपनियों में रह सकती है। वजह साफ है। कई बड़े फाइटर एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर प्रोग्राम में कंपनी की सीधी भूमिका है। एचएएल को पहले ही तेजस मार्क-1ए से जुड़ा करीब 67,000 करोड़ रुपये, लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर का करीब 62,700 करोड़ रुपये और सुखोई-30 एमकेआई से जुड़ा करीब 13,400 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिल चुका है।
एंटीक ने एचएएल पर BUY रेटिंग के साथ 6,026 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि नए एयरक्राफ्ट प्रोग्राम आगे कंपनी के ऑर्डर इनफ्लो को मजबूत रख सकते हैं।
Also Read: 57 अरब डॉलर निकालने के बाद बदला FIIs का रुख, क्या अब भारतीय बाजार पकड़ेगा रफ्तार?
नए फाइटर एयरक्राफ्ट के साथ रडार, इलेक्ट्रॉनिक्स और मिसाइल सिस्टम की भी जरूरत बढ़ेगी। यहां बीईएल को फायदा मिल सकता है। खास तौर पर करीब 30,000 करोड़ रुपये के क्यूआरएसएएम ऑर्डर पर नजर है। यह ऑर्डर मिलने पर वित्त वर्ष 2027 में बीईएल का कुल ऑर्डर इनफ्लो 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच सकता है। एंटीक ने बीईएल पर BUY रेटिंग के साथ 532 रुपये का टारगेट दिया है।
मिसाइल बनाने वाली बीडीएल के लिए भी क्यूआरएसएएम बड़ा मौका बन सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रोग्राम से बीडीएल को करीब 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये की मिसाइल सप्लाई का मौका मिल सकता है। इसके अलावा ड्रोन, मिसाइल और दूसरे डिफेंस सिस्टम पर बढ़ता खर्च सेक्टर की दूसरी कंपनियों के लिए भी ऑर्डर इनफ्लो बढ़ा सकता है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने इस थीम से जुड़े एचएएल, बीईएल और बीडीएल तीनों शेयरों पर BUY रेटिंग दी है। इनमें एचएएल के लिए 6,026 रुपये, बीईएल के लिए 532 रुपये और बीडीएल के लिए 1,597 रुपये का टारगेट है। ब्रोकरेज का मानना है कि इंडियन एयर फोर्स की बड़ी खरीदारी पाइपलाइन आगे इन कंपनियों के ऑर्डर इनफ्लो को मजबूत कर सकती है।
| कंपनी | मौजूदा भाव | एंटीक का टारगेट | संभावित रिटर्न |
|---|---|---|---|
| भारत इलेक्ट्रॉनिक्स | 403.25 रुपये | 532 रुपये | 31.9% |
| मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स | 2,563.75 रुपये | 3,275 रुपये | 27.7% |
| पीटीसी इंडस्ट्रीज | 19,400.95 रुपये | 24,415 रुपये | 25.8% |
| भारत डायनेमिक्स | 1,308.30 रुपये | 1,597 रुपये | 22.1% |
| हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स | 4,945 रुपये | 6,026 रुपये | 21.9% |
| जेन टेक्नोलॉजीज | 1,722.10 रुपये | 2,000 रुपये | 16.1% |
| सोलर इंडस्ट्रीज | 18,717.15 रुपये | 21,408 रुपये | 14.4% |
| रॉसेल टेकसिस | 1,095.40 रुपये | 727 रुपये | -33.6% |
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)