facebookmetapixel
Advertisement
आसमान से बरसती आग के बीच पैरामीट्रिक बीमा की भारी मांग, मौसम के मिजाज ने बदला इंश्योरेंस मार्केटटाटा-बिरला की राह पर किर्लोस्कर समूह! रियल एस्टेट मार्केट में धाक जमाने के लिए बनाया मेगा प्लानटाटा संस को लिस्ट करने की मांग फिर तेज, इनगवर्न ने कहा: बेहतर पूंजी आवंटन के लिए लिस्टिंग जरूरीशेयर बाजार में रिकॉर्ड तेजी के बीच गहराया बड़ा संकट, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाई भारत की टेंशनइतिहास की गूंज: साल 1973 और आज का भारत; तेल का झटका, महंगाई और मोदी सरकार के सामने बड़ी चुनौतीEditorial: RBI से सरकार को मिला ₹2.87 लाख करोड़ का रिकॉर्ड फंड, फिर भी नहीं कम होंगी वित्तीय मुश्किलेंBS Survey: RBI जून में नहीं बदलेगा रीपो रेट, पर चालू वित्त वर्ष में बढ़ सकती है आपके लोन की EMI‘चीन-पाकिस्तान की चुनौतियों से निपटने को तैयार है थिएटर कमान’, CDS अनिल चौहान का बड़ा बयानटैक्स की मार से सहमा बाजार! STT बढ़ने से ब्रोकर्स ने डेरिवेटिव ट्रेडिंग में घटाया अपना दांवम्यूचुअल फंड में स्मॉलकैप का जलवा: उतार-चढ़ाव के बीच बेंचमार्क को पछाड़कर निवेशकों को किया मालामाल

सरकार जल्द खुदरा व्यापार नीति की घोषणा करेगी, जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए बीमा योजना लाएगी

Advertisement

सरकार माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में पंजीकृत व्यापारियों के लिए जल्द एक राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति और दुर्घटना बीमा योजना की घोषणा कर सकती है

Last Updated- April 23, 2023 | 1:09 PM IST
The condition of retail has changed a lot in ten years

सरकार माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में पंजीकृत व्यापारियों के लिए जल्द एक राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति और दुर्घटना बीमा योजना की घोषणा कर सकती है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित नीति से व्यापारियों को बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा और साथ ही वे अधिक कर्ज भी ले सकेंगे।

अधिकारी ने कहा कि इस नीति में सस्ते और सुगम कर्ज, खुदरा व्यापार का आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण, वितरण श्रृंखला के लिए आधुनिक ढांचागत समर्थन, कौशल विकास और श्रम उत्पादकता में सुधार और एक प्रभावी परामर्श और शिकायत निपटान तंत्र का प्रावधान हो सकता है।

भारत वैश्विक स्तर पर खुदरा क्षेत्र में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा गंतव्य है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय वित्तीय सेवा विभाग के साथ मिलकर सभी जीएसटी-पंजीकृत खुदरा व्यापारियों के लिए एक बीमा योजना पर भी काम कर रहा है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘सरकार न केवल ई-कॉमर्स में नीतिगत बदलाव की कोशिश कर रही है, बल्कि व्यापारियों के लिए एक राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति भी ला रही है, जिससे कारोबार सुगमता की स्थिति बेहतर होगी, ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध होंगी और व्यापारियों को ज्यादा कर्ज के साथ अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।’’

प्रस्तावित नीति के तहत, एक केंद्रीकृत और कंप्यूटरीकृत निरीक्षण प्रणाली के अलावा व्यापारियों के लिए एकल खिड़की मंजूरी तंत्र विकसित किया जा सकता है।

व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि खुदरा व्यापार नीति से निश्चित रूप से इस क्षेत्र को मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि खुदरा कारोबार अर्थव्यवस्था का एकमात्र क्षेत्र है जिसके लिए कोई नीति नहीं है।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों के लिए बीमा योजना से अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को मान्यता मिलेगी।

Advertisement
First Published - April 23, 2023 | 1:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement