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एफपीआई की शेयरधारिता में बदलाव से शेयर कीमत पर असर

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 7:03 PM IST

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की शेयरधारिता में बदलाव ने मार्च 2022 में समाप्त तिमाही में शेयर कीमतों पर असर डाला है। इस पर नजर डालिये : 594 कंपनियों में उनकी शेयरधारिता में इजाफा हुआ और इनकी शेयर कीमतों में औसतन 2.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई, वहीं 689 कंपनियों में उनकी शेयरधारिता घटी और इन फर्मों की शेयर कीमतें औसतन 2.7 फीसदी घट गई। दूसरी ओर, देसी संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 462 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई, जहां शेयर की औसत कीमतें 2.1 फीसदी घटी। करीब 446 कंपनियों में इनकी हिस्सेदारी में गिरावट आई, जहां शेयर कीमतें 3.8 फीसदी घटी। दिलचस्प रूप से जिन कंपनियों में खुदरा निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई उनकी शेयर कीमतों में गिरावट आई, वहीं जिनमें उन्होंंने अपनी हिस्सेदारी घटाई उनकी कीमतें बढ़ी। छोटे निवेशकों ने 994 कंपनियोंं मेंं हिस्सेदारी बढ़ाई, वहां शेयर की कीमतें औसतन 7 फीसदी घट गई। 699 फर्मों में इन्होंने अपनी हिस्सेदारी में इजाफा किया, जहां शेयर कीमतें औसतन 8.8 फीसदी बढ़ी।  

First Published : May 11, 2022 | 11:43 PM IST