शेयर बाजार में गिरावट और निवेशकों की निकासी के चलते मार्च 2026 में म्युचुअल फंड इंडस्ट्री के कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि इसके बावजूद इक्विटी और SIP निवेश में मजबूती बनी हुई है। एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 में म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का AUM महीने दर महीने 10.1 प्रतिशत घटकर 73.7 लाख करोड़ रुपये रह गया। यह गिरावट मुख्य रूप से शेयर बाजार में तेज गिरावट और साल के अंत में डेट व लिक्विड फंड से निकासी के कारण आई। हालांकि सालाना आधार पर AUM में 12.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इक्विटी और हाइब्रिड फंड में निवेश बढ़ा है। इक्विटी और हाइब्रिड (आर्बिट्राज को छोड़कर) में कुल शुद्ध निवेश 20 प्रतिशत बढ़कर 4,50,300 करोड़ रुपये रहा। इसमें इक्विटी फंड में निवेश 56 प्रतिशत बढ़कर 4,04,500 करोड़ रुपये हो गया। अलग-अलग कैटेगरी में भी निवेश बढ़ा है। फ्लेक्सी कैप फंड में सबसे ज्यादा 1,00,500 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि स्मॉल कैप और मिड कैप फंड में भी मजबूत निवेश देखने को मिला।
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एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज के मुताबिक, हाइब्रिड फंड में निवेश घटा है। इसकी वजह निवेशकों की ज्यादा निकासी रही। हाइब्रिड फंड में शुद्ध निवेश 60 प्रतिशत गिरकर 45,800 करोड़ रुपये रह गया। मल्टी एसेट फंड में सबसे ज्यादा निवेश आया, लेकिन इसमें भी गिरावट देखी गई। वहीं कुछ कैटेगरी जैसे इक्विटी सेविंग्स और डायनामिक एसेट फंड में निकासी दर्ज की गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पैसिव फंड यानी ETF और इंडेक्स फंड में निवेश तेजी से बढ़ा है। मार्च में इसमें 122 प्रतिशत की बढ़त के साथ 3,07,700 करोड़ रुपये का निवेश आया। वहीं डेट और लिक्विड फंड से करीब 2.95 लाख करोड़ रुपये की निकासी हुई, जो आमतौर पर टैक्स भुगतान के समय देखने को मिलती है।
SIP निवेश लगातार मजबूत बना हुआ है। मार्च में SIP के जरिए 3,20,900 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो सालाना आधार पर 23.8 प्रतिशत ज्यादा है। SIP से जुड़े खातों की संख्या बढ़कर 9.72 करोड़ हो गई है, जो यह दिखाता है कि छोटे निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक, बाजार में गिरावट के बावजूद इक्विटी फंड्स में निवेश का रुझान मजबूत बना हुआ है। मार्च में एक्टिव इक्विटी फंड्स में शुद्ध निवेश करीब 4,52,000 करोड़ रुपये रहा, जो महीने दर महीने 20 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा है।
रिपोर्ट के अनुसार, SIP निवेश 3,21,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि लंपसम निवेश भी 69 प्रतिशत बढ़कर 1,31,000 करोड़ रुपये रहा। हालांकि बाजार में गिरावट के चलते एक्टिव इक्विटी AUM में करीब 9 प्रतिशत की कमी आई है।
नुवामा का मानना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद SIP के जरिए लगातार निवेश इंडस्ट्री के लिए बड़ा सहारा बना हुआ है और आगे भी निवेश का रुझान मजबूत रह सकता है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज का मानना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में निवेश का रुझान मजबूत बना रहेगा। खासकर इक्विटी और SIP में लगातार पैसा आने से सेक्टर को सहारा मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में AMC सेक्टर में 14 से 20 प्रतिशत तक ग्रोथ और 12 से 18 प्रतिशत की कमाई बढ़ने की संभावना है। साथ ही डिजिटल और फिनटेक प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल से निवेश और आसान होने की उम्मीद है।
पसंदीदा शेयरों में एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज ने ICICI AMC और निप्पॉन एसेट मैनेजमेंट (NAM) को चुना है, जबकि नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज को भी NAM और HDFC AMC इस सेक्टर में पसंदीदा शेयरों में शामिल हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)