facebookmetapixel
Advertisement
हमले से पहले बासमती चावल के गोदाम भर रहा था ईरानहोर्मुज स्ट्रेट बंद होने से बढ़ेंगी मुश्किलें, भारत समेत एशियाई देशों में बढ़ सकते हैं कच्चे तेल के दामईरानी हमलों के बाद कतर ने LNG उत्पादन रोका, भारत ने उद्योगों के लिए गैस की सप्लाई घटाईभारत संघर्ष समाप्त करने के पक्ष में कर रहा आवाज बुलंद, खाड़ी में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकतादेश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार, वैकल्पिक आयात मार्गों पर फोकस: हरदीप सिंह पुरीनिवेश लक्ष्य की दूरी के हिसाब से ही हो लाइफ साइकल फंड की मियादमहंगे नए घरों के बीच रीसेल प्रॉपर्टी की बढ़ी मांग, खरीद से पहले बरतें ये जरूरी सावधानियांEV Insurance: ईवी में बाहर का चार्जर लगाएंगे तो बैटरी का बीमा नहीं पाएंगेतीसरी तिमाही में कंपनियों की कमाई उम्मीद से बेहतर, NSE 200 में घटा डाउनग्रेड दबावIndia-US Trade Deal: भारत को 6 महीने के अंदर तय करना होगा कोई एक मानक

इस साल 40 अरब डॉलर इ​क्विटी निर्गम के आसार

Advertisement

वर्ष 2023 में, ECM यानी इ​क्विटी पूंजी बाजार द्वारा करीब 38 अरब डॉलर जुटाए गए थे।

Last Updated- January 09, 2024 | 10:45 PM IST
invest

कोटक इन्वेस्टमेंट बैंक को मजबूत तरलता हालात की वजह से इस साल इ​क्विटी निर्गम का आकार 40 अरब डॉलर (3.3 लाख करोड़ रुपये) पर पहुंचने का अनुमान है। ब्लूमबर्ग की इ​क्विटी पूंजी बाजार (ईसीएम) सूची में 2023 में पहले स्थान पर शामिल रहे कोटक इन्वेस्टमेंट बैंक को घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों (डीआईआई और एफआईआई) से 50 अरब डॉलर (4.2 लाख करोड़ रुपये) के संयुक्त प्रवाह का अनुमान है। इससे नए निवेश विकल्पों को बाजार में प्रवेश करने और सेकंडरी बाजार में बुलबुले जैसे हालात बनने से रोकने में मदद मिलेगी।

वर्ष 2023 में, ईसीएम यानी इ​क्विटी पूंजी बाजार द्वारा करीब 38 अरब डॉलर जुटाए गए थे, जो 2020 के 39 अरब डॉलर से कुछ कम है। इसके साथ ही भारत इस इ​क्विटी बाजार से पूंजी जुटाने के मामले में वै​श्विक तौर पर चौथा सबसे बड़ा बाजार बन गया है। 2023 में, डीआईआई का पूंजी निवेश 22.3 अरब डॉलर रहा, जबकि एफआईआई ने 20.5 अरब डॉलर का निवेश किया।

38 अरब डॉलर की ईसीएम गतिवि​धि में 24 अरब डॉलर की बिक्री शामिल थी। 2023 में आईपीओ में भी नरमी दर्ज की गई और औसत आईपीओ आकार में कमी आई। आईपीओ से जुटाई जाने वाली कुल रा​शि 2023 में 6.4 अरब डॉलर रही जो 2022 में 8.2 अरब डॉलर थी। वहीं औसत निर्गम आकार 2020 के 26.5 करोड़ डॉलर से घटकर 11 करोड़ डॉलर रह गया।

Also read: Bajaj Auto का Mcap पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये के पार, बायबैक की घोषणा के बाद शेयरों में उछाल

औसत सूचीबद्धता लाभ 33 प्रतिशत दर्ज किया गया जिससे बीएसई आईपीओ सूचकांक वै​श्विक तौर पर तीसरा सर्वा​धिक शानदार प्रदर्शन वाला बन गया। कोटक इन्वेस्टमेंट बैंक को पीई/वीसी बिकवाली के जरिये इस साल बिक्री के सौदों में भी तेजी आने का अनुमान है।

बैंक का कहना है कि 2024 में इले​क्ट्रिक वाहन, फिनटेक और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में आईपीओ जाने की संभावना है। इसके अलावा, कोटक में बैंकरों का कहना है कि आईपीओ के लिहाज से 2023 में पिछले आठ वर्षों के मुकाबले सभी क्षेत्रों में सबसे अच्छा विविधीकरण देखा गया। आईपीओ से पूंजी जुटाने के मामले में वित्तीय क्षेत्र की भागीदारी कैलेंडर वर्ष 2015-18 के औसत 56 प्रतिशत से घटकर कैलेंडर वर्ष 2023 में महज 13 प्रतिशत रह गई।

Advertisement
First Published - January 9, 2024 | 10:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement