facebookmetapixel
Advertisement
Middle East Crisis: हमलों के बाद ईरान का यू-टर्न, पड़ोसी देशों से मांगी माफी, अमेरिका को दिया कड़ा जवाबAadhaar Update: अब जन्म के साथ बनेगा आधार! सरकार की नई व्यवस्था से बदल जाएगा पूरा सिस्टमHurun Rich List 2026: भारत में 308 अरबपति, दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंचा देशWest Asia War: पश्चिम एशिया युद्ध से भारत की अर्थव्यवस्था पर खतरा? सरकार ने जताई लंबी अनिश्चितता की आशंकाMiddle East crisis: युद्ध का असर एशिया पर भारी! ईंधन संकट से लंबी कतारें, बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई टेंशनरूस के तेल पर ढील दे सकता है अमेरिका, भारत को खरीद की अनुमति के बाद बड़ा संकेतLPG Price Hike: मिडिल ईस्ट संकट का असर भारत की रसोई तक, घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये महंगाकर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला: 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगेगा प्रतिबंध‘महासागरों में भारत का दबदबा बढ़ेगा’, शक्ति केंद्र बनते समुद्र व बदलती भू-राजनीति पर राजनाथ सिंह का बयानT20 वर्ल्ड कप फाइनल का फीवर: भारत-न्यूजीलैंड भिड़ंत से होटल और रेस्तरां की चांदी, रेवेन्यू होगा दोगुना

Fee Refund: लाखों छात्रों को UGC से मिली राहत, फीस लौटाने के लिए विश्वविद्यालयों से मिले 30 करोड़ रुपये – UGC

Advertisement

DU ने 13,611 छात्रों की फीस लौटा पेश की मिसाल

Last Updated- March 19, 2023 | 4:54 PM IST
UGC

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को दिल्ली विश्वविद्यालय से करीब 17 करोड़ रुपये सहित देशभर के विश्वविद्यालयों से लगभग 30 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं जिसका इस्तेमाल 2022-23 अकादमिक सत्र के दौरान दाखिला रद्द कराने या विश्वविद्यालय बदलने वाले छात्रों की फीस वापस करने के लिए किया जाएगा।

UGC अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने एक साक्षात्कार में यह आंकड़ा साझा किया और कहा कि प्राप्त धनराशि 14,443 छात्रों को वितरित की जाएगी। कुमार ने कहा, ‘बड़ी संख्या में छात्र आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं।

उन्हें बेहतर विश्वविद्यालय में दाखिला लेने की आजादी होनी चाहिए लेकिन जब तक उन्हें पहले के विश्वविद्यालय से फीस वापस नहीं मिल जाती तब तक वह ऐसा नहीं कर पाते होंगे।’

उन्होंने कहा, ‘हमें छात्रों से बड़ी संख्या में शिकायतें मिलीं और उसके आधार पर हमने विश्वविद्यालयों से बात की तथा यह सुनिश्चित किया कि फीस वापस की जाए। जाहिर तौर पर कई ऐसे विश्वविद्यालय हैं जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशानिर्देशों के मुताबिक खुद ही फीस वापस कर देते हैं लेकिन कई विश्वविद्यालयों के मामले में हमें हस्तक्षेप करना पड़ता है और अत: 12.14 करोड़ रुपये 832 छात्रों को वापस किए गए जिन्होंने केंद्रीय, राज्य, निजी या डीम्ड विश्वविद्यालयों में दाखिले लिए थे।’

UGC ने पहले कहा था कि 31 अक्टूबर 2022 तक दाखिला रद्द कराने या अन्य विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की पूरी फीस वापस की जाए। इस तिथि के बाद 31 दिसंबर 2022 तक संस्थानों से कहा गया कि वे फीस में से 1,000 रुपये से ज्यादा की राशि नहीं काट सकते।

यह भी पढ़ें : विदेश से पढ़ाई के बाद देश में डॉक्टर बनने का लंबा इंतजार

कुमार ने कहा, ‘UGC ने संस्थानों द्वारा इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के संबंध में शिकायतों तथा छात्रों एवं अभिभावकों द्वारा अदालतों में दायर मामलों को गंभीरता से लिया है। UGC ने दोहराया है कि दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए और इनका उल्लंघन करने वाले संस्थान को दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।’

UGC प्रमुख ने यह भी कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने अन्य विश्वविद्यालयों के लिए एक मिसाल कायम की है कि छात्रों की ऐसी शिकायतों से कैसे निपटा जाए और फीस लौटायी जाए। उन्होंने कहा, ‘DU ने 13,611 छात्रों की फीस लौटायी है जो कि 16.95 करोड़ रुपये है। अत: UGC को 14,443 छात्रों के 29.10 करोड़ रुपये मिले हैं।’

Advertisement
First Published - March 19, 2023 | 4:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement