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दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के लिए विशेष कंपनी

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Last Updated- December 15, 2022 | 3:27 AM IST

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने गुरुवार को कहा कि उसने दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के वित्तपोषण, निर्माण व परिचालन के लिए एक इकाई का गठन किया है।
एनएचएआई ने एक बयान में कहा कि डीएमई डेलवपर्स लिमिटेड नाम से एक विशेष उद्देश्य इकाई का पंजीकरण कराया गया है और इस पर प्राधिकरण का पूर्ण स्वामित्व होगा।
एक गलियारे के लिए खास एसपीवी बनाकर एनएचएआई  का लक्ष्य संसाधनों का विविधीकरण और धन जुटाने के लिए टिकाऊ और स्व नकदीकरण का तरीका विकसित करना है।
एनएचएआई इस समय भारतमाला परियोजना के पहले चरण के तहत 28,000 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इस योजना के तहत दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे एक अहम राजमार्ग गलियारा है।
1,275 किलोमीटर लंबा यह 8 लेन का एक्सप्रेसवे होगा, जिसे बाद में 12 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इसे 120 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार के हिसाब से डिजाइन किया गया है। एनएचएआई ने दावा किया है कि यह देश की सबसे लंबी एक्सप्रेसवे परियोजना है।
यह गलियारा पूरी तरह से एक्सेस कंट्रोल्ड और क्लोज्ड टोलिंग वाला होगा। नेटवर्क पर यात्रियों के लिए 75 सुविधा केंद्र बने होंगे और एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ 50 किलोमीटर की दूरी पर इसकी योजना बनाई गई है। परियोजना पर कुल 82,514 करोड़ रुपये लागत आएगी।

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First Published - August 13, 2020 | 11:38 PM IST

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