कोरोनावायरस के ओमीक्रोन स्वरूप का उप स्वरूप बीए.2 न केवल तेजी से फैलता है बल्कि यह गंभीर बीमारी का कारण भी बनता है। प्रयोगशाला में किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है। अध्ययन के परिणाम की अभी स्वतंत्र रूप से समीक्षा नहीं की गई है। इसे अभी ‘बायोआरएक्सिव’ पर प्रकाशित किया गया है। इसमें कहा गया है कि बीए.2 कोरोनावायरस के पुराने स्वरूप की तुलना में गंभीर बीमारी का कारक बन सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गुरुवार को कहा कि बीए.2, बीए.1 की तुलना में अधिक संक्रामक है, लेकिन उप स्वरूप अधिक गंभीर नहीं है। डब्ल्यूएचओ में कोविड-19 टेक्निकल लीड मारिया वान केरखोवा ने एक वीडियो में कहा, ‘सभी उपस्वरूपों में, बीए.2 बीए.1 की तुलना में अधिक संक्रामक है। हालांकि, गंभीरता के मामले में कोई अंतर नहीं है।’ नवीनतम अध्ययन में टोक्यो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में एक जापान के टीम ने पाया कि बीए.1, बीए.2 के समान ओमीक्रोन का उप स्वरूप काफी हद तक कोविड-19 रोधी टीकों से तैयार प्रतिरक्षा से बच जाता है।