भारत सरकार ने आज यानी 28 सितंबर को कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। गृह मंत्रालय ने इस फैसले को लेकर एक अधिसूचना भी जारी की है।
सरकार ने इस संगठन पर यूएपीए एक्ट(UAPA) के तहत पांच साल का प्रतिबंध लगाया है।
अब यह संगठन किसी प्रकार का कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं कर सकता है। साथ ही इसका कोई दफ्तर भी नहीं होगा और न कोई फंडिंग ले पाएगा।
बता दें कि PFI एक कट्टरपंथी संगठन है। 2017 में NIA ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। जांच के दौरान इस संगठन के कथित रूप से हिंसक और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आई थी। जिसके कारण PFI को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना गया।
पीएफआई के अलावा इन संगठनों पर भी लगा है बैन
रिहैब इंडिया फाउंडेशन, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, जूनियर फ्रंट, नेशनल विमेन फ्रंट, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया , ऑल इंडिया इमाम काउंसिल और रिहैब फाउंडेशन(केरल) पर भी बैन लगाया गया है।
बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी समेत सुरक्षा एजेंसियों ने मंगलवार को कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर फिर कार्रवाई की है।
जांच एजेंसी ने दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में 230 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। एनआईए व पुलिस टीमों ने मंगलवार को पीएफआई के ठिकानों पर छापे मारे थे।