कर्नाटक में एक ठेकेदार की मौत को लेकर राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री के. एस. ईश्वरप्पा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। विपक्ष ने मंत्री ईश्वरप्पा के इस्तीफे की मांग की लेकिन राज्य मंत्रिमंडल ने कहा कि उनके इस्तीफे की जरूरत नहीं है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ईश्वरप्पा को इस मामले में प्रथम आरोपी बनाया गया है। ठेकेदार संतोष के पाटिल (37) उडुपी के एक लॉज में संदिग्ध अवस्था में मृत पाए गए थे। विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य के राज्यपाल थावरचंद गहलोत से ईश्वरप्पा को मंत्रिपरिषद से बर्खास्त करने का आग्रह किया। हालांकि मंत्री ईश्वरप्पा ने बुधवार को अपने पद से हटने से इनकार कर दिया। ईश्वरप्पा ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि, क्या एक व्हाट्सऐप संदेश को ‘मृत्यु नोट’ के रूप में माना जा सकता है? मंत्री ने ठेकेदार संतोष पाटिल की मौत के पीछे रची गई ‘साजिश’ की जांच की मांग की।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव एवं कर्नाटक प्रभारी अरुण सिंह ने ईश्वरप्पा का इस्तीफा मांगने को लेकर कांग्रेस पर पलटवार करते हुए राजस्थान में हो रहे ‘अत्याचार और बलात्कार’ का हवाला दिया। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि इस मामले में सच्चाई का पता लगाने के लिए वह खुद ईश्वरप्पा से बात करेंगे। ठेकेदार पाटिल के परिवार वालों ने इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी होने तक उसका शव लेने से इनकार कर दिया है।
इससे पूर्व पुलिस ने मृतक के भाई प्रशांत पाटिल की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है। संतोष पाटिल ने मंत्री के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे। प्रशांत की ओर से दर्ज प्राथमिकी में, ईश्वरप्पा और उनके दो स्टाफ सदस्यों रमेश और बसवराज को आरोपी बनाया गया है। पुलिस को दी गई शिकायत में प्रशांत पाटिल ने कहा कि वर्ष 2020-21 में हिंडालगा गांव के निवासियों ने राज्य की राजधानी में ईश्वरप्पा से मुलाकात कर उनसे अनुरोध किया था कि वह पानी की निकासी के लिए नाला, सड़कों और फुटपाथ का निर्माण कराएं। प्रशांत पाटिल ने कहा कि ईश्वरप्पा ने बजट की चिंता किए बिना इस काम की अनुमति दे दी और ठेकेदार संतोष पाटिल को इस काम का ठेका दिया गया था। शिकायत में प्रशांत पाटिल ने यह भी कहा है कि उनके भाई संतोष पाटिल ने परियोजना में चार करोड़ रुपये का निवेश किया था और उसका बिल अब तक लंबित है। उन्होंने कहा कि संतोष कई बार मंत्री ईश्वरप्पा से मिले थे और उनसे बिल को मंजूरी देकर धनराशि जारी करने का अनुरोध किया था लेकिन ईश्वरप्पा के करीबी कर्मी बसवराज और रमेश उनसे 40 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे।
इस बीच बोम्मई ने संवाददाताओं से कहा, ‘एक प्राथमिकी दर्ज की गई है, मैं अब उनसे (ईश्वरप्पा) बात करने जा रहा हूं और उनसे जानकारी एकत्र करूंगा। कुछ चीजों को लेकर उनसे फोन पर बात करूंगा और आमने-सामने की बातचीत के लिए उन्हें तलब करूंगा।’ विपक्षी दल कांग्रेस पर मामले में गड़बड़ी तलाशने का आरोप लगाते हुए बोम्मई ने कहा कि जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जांच पूरी होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी, इस मामले में पृष्ठभूमि बहुत महत्त्वपूर्ण है।’
ईश्वरप्पा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रदर्शन किया। उन्होंने उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त करने की मांग की। इस बीच, पाटिल के भाई प्रशांत ने मांग की कि शव का पोस्टमार्टम कराने से पहले आरोपी को गिरफ्तार किया जाए।