facebookmetapixel
Advertisement
रूसी तेल खरीदने पर 100% टैरिफ, अमेरिकी सीनेट में पास हुआ विधेयक; भारत-चीन को खतराविधानसभा उपचुनावों में 17 सालों से सत्ता पक्ष का रहा है दबदबा, 53% सीटों पर हासिल की जीतबिहार में शराबबंदी से नहीं थमा महिलाओं के खिलाफ अपराध, पर राज्य में बढ़ा अवैध शराब का कारोबारभारतीय मीडिया उद्योग में तीन गुना बढ़ने की क्षमता, नियमों के शिकंजे से मिले आजादी: सुभाष चंद्राफाइनेंशियल सेक्टर में AI को अपनाने के साथ सुरक्षा भी बढ़ानी होगी, नुकसान का न करें इंतजार: CEA नागेश्वरन‘एक पर हमला, सब पर हमला’: पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने मक्का समझौते पर किए हस्ताक्षर‘NTA की लापरवाही और सुरक्षा खामियों से लीक हुआ प्रश्नपत्र’, नीट UG 2026 को लेकर CBI ने किया खुलासाविदेशी निवेश को मिलेगा सहारा, नए BIT मॉडल पर जल्द फैसला करेगी सरकार; खाका तैयारअमेरिका में जन्म से नागरिकता पाना होगा मुश्किल, ट्रंप ने जारी किए दो नए आदेशडीपफेक और AI कंटेंट पर सरकार ने बढ़ाई सख्ती, मेटा से मांगी सुधार की रिपोर्ट

ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम: होर्मुज जलमार्ग खोलो वरना ईरान के ऊर्जा संयंत्र होंगे ‘नेस्तनाबूद’

Advertisement

रविवार तड़के ईरान ने चेतावनी दी कि उसके ऊर्जा ठिकानों पर किसी भी हमले के जवाब में वह क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल के ऊर्जा व बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा

Last Updated- March 22, 2026 | 10:16 PM IST
Donald Trump
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप | फाइल फोटो

ईरान ने शनिवार देर रात दक्षिणी इजरायल के दो इलाकों पर मिसाइल हमले किए, जिससे इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई लोग घायल हो गए। ये हमले इजरायल के मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास हुए। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट मार्ग को पूरी तरह नहीं खोलता है तो अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों को ‘नेस्तनाबूद’ कर देगा। इन घटनाक्रमों से संकेत मिलता है कि युद्ध अपने चौथे सप्ताह की शुरुआत में एक खतरनाक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। 

तेल की बढ़ती कीमतों के बीच देश में दबाव का सामना कर रहे ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित अपने घर से सोशल मीडिया पर यह चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ईरान को 48 घंटे में इस महत्त्वपूर्ण जलमार्ग को खोलना होगा, अन्यथा अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाएगा। रविवार तड़के ईरान ने चेतावनी दी कि उसके ऊर्जा ठिकानों पर किसी भी हमले के जवाब में वह क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल के ऊर्जा व बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा। ईरान के सरकारी मीडिया ने एक सैन्य प्रवक्ता के हवाले से यह जानकारी दी। 

इजरायल पर ये हमले ऐसे समय हुए जब उसी दिन पहले तेहरान के प्रमुख परमाणु संवर्धन केंद्र नतांज पर हमला हुआ था। इजरायली सेना ने कहा कि वह दक्षिणी शहरों डिमोना और अराद पर गिरी मिसाइलों को रोक नहीं सकी। यह पहली बार था जब परमाणु केंद्र के आसपास के क्षेत्र में ईरानी मिसाइलें इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली को भेदने में सफल रहीं। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘यदि इजरायल डिमोना जैसे अत्यधिक सुरक्षित क्षेत्र में भी मिसाइलों को रोक नहीं पा रहा है, तो यह युद्ध के नए चरण में प्रवेश का संकेत है।’ 

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि घटनास्थल पर और आपातकालीन दल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘यह बेहद कठिन शाम है।’ बचावकर्मियों के अनुसार, अराद में सीधे हमले से कम से कम 10 अपार्टमेंट इमारतों को भारी नुकसान हुआ, जिनमें से तीन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होकर गिरने के खतरे में हैं। कम से कम 64 लोगों को अस्पताल ले जाया गया। डिमोना, परमाणु अनुसंधान केंद्र से लगभग 20 किलोमीटर पश्चिम में है, जबकि अराद उससे करीब 35 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। 

माना जाता है कि इजरायल पश्चिम एशिया का एकमात्र देश है जिसके पास परमाणु हथियार हैं, हालांकि उसने कभी इसकी पुष्टि या खंडन नहीं किया। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा कि उसे इजरायली केंद्र को किसी नुकसान या असामान्य विकिरण स्तर की कोई सूचना नहीं मिली है। 

Advertisement
First Published - March 22, 2026 | 10:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement