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ट्रंप का बड़ा ऐलान: ईरानी पावर प्लांट पर 5 दिनों तक नहीं होगा कोई सैन्य हमला, बातचीत की राह हुई आसान

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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर हमले पांच दिनों के लिए टाल दिए हैं। सकारात्मक बातचीत और शांति की उम्मीद में यह बड़ा फैसला लिया गया है

Last Updated- March 23, 2026 | 5:32 PM IST
Donald Trump
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप | फाइल फोटो

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में बहुत अच्छी और फायदेमंद बातचीत हुई है।

ट्रंप ने लिखा, “मैं खुशी से बता रहा हूं कि अमेरिका और ईरान ने पिछले दो दिनों में मिडिल ईस्ट में अपनी दुश्मनी को पूरी तरह खत्म करने के लिए गहरी और सकारात्मक बातें की हैं।” उन्होंने आगे कहा कि इन बातों के लहजे और टोन को देखते हुए उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को आदेश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी साइट्स पर कोई भी हमला पांच दिनों तक रोका जाए। यह फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि चल रही मीटिंग्स और बातचीत कितनी सफल होती हैं।

Donald Trump

Also Read: ईरान-US-इजरायल जंग का बाजार पर असर: आखिर क्यों सोना, शेयर और बॉन्ड अपनी चाल बदल रहे हैं?

ईरान की सख्त चेतावनी और होर्मुज स्ट्रेट का संकट

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ने ईरान के पावर नेटवर्क को नष्ट करने की कोशिश की तो तेहरान इजरायल के पावर प्लांट्स और गल्फ में अमेरिकी बेसेज के सपोर्ट करने वाली इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा।

शनिवार को ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान 48 घंटे के अंदर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल नहीं देता तो ईरान के पावर प्लांट्स को तबाह कर दिया जाएगा। इस स्ट्रेट से दुनिया का करीब एक पांचवां हिस्सा तेल और LNG सप्लाई होता है। फरवरी 28 से अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद से यहां ट्रैफिक पूरी तरह बाधित है।

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर फतेज बिरोल ने कहा है कि एनर्जी मार्केट में यह संकट 1970 के दशक के तेल संकट और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध से होने वाले गैस संकट से भी ज्यादा गंभीर है।

ईरान के डिफेंस काउंसिल ने और सख्ती दिखाई है। स्टेट मीडिया के मुताबिक उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान के तट या द्वीपों पर हमला किया तो गल्फ के मुख्य शिपिंग रूट्स को माइन से भर दिया जाएगा। इससे पूरा गल्फ इलाका होर्मुज स्ट्रेट जितना ही बंद हो जाएगा।

ईरानी मीडिया ने IMO में ईरान के प्रतिनिधि के हवाले से कहा कि जलडमरूमध्य ज्यादातर शिपिंग के लिए खुला है, सिवाय “ईरान के दुश्मनों” से जुड़े जहाजों के। खास तौर पर भारतीय और पाकिस्तानी जहाजों को सुरक्षित गुजरने की इजाजत मिल रही है।

(एजेंसी के इनपुट के साथ)

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First Published - March 23, 2026 | 5:23 PM IST

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