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नेपाल की राष्ट्रपति ने संसद भंग की

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Last Updated- December 12, 2022 | 10:47 AM IST

नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने अपने प्रतिद्वंद्वियोंको हैरान करते हुए रविवार को संसद भंग करने की सिफारिश कर दी और इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई। राष्ट्रपति ने देश में अप्रैल-मई में मध्यावधि आम चुनाव कराए जाने की घोषणा की है। ओली और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के बीच सत्ता के लिए लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बीच यह विवादास्पद कदम सामने आया है।
राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने प्रधानमंत्री ओली की सिफारिश पर रविवार को संसद को भंग कर दिया और अप्रैल-मई में मध्यावधि आम चुनाव कराए जाने की घोषणा की। इससे पूर्व सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) की स्थायी समिति के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया था कि ओली की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की आपात बैठक में राष्ट्रपति से संसद की प्रतिनिधि सभा को भंग करने की सिफारिश करने का फैसला किया गया है। वर्ष 2017 में निर्वाचित प्रतिनिधि सभा या संसद के निचले सदन में 275 सदस्य हैं। ऊपरी सदन नैशनल एसेंबली है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है कि जब सत्तारूढ़ दल नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) में आंतरिक कलह चरम पर पहुंच गई थी। पार्टी के दो धड़ों के बीच महीनों से टकराव जारी है। एक धड़े का नेतृत्व 68 वर्षीय ओली तो वहीं दूसरे धड़े की अगुवाई पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड कर रहे हैं।
सत्तारूढ़ एनसीपी के प्रवक्ता नारायणजी श्रेष्ठ ने ओली के कदम को अलोकतांत्रिक, संविधान विरोधी और निरंकुश बताया। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष इस मामले पर चर्चा के लिए अपनी स्थायी समिति की बैठक आयोजित करेगा।  इस बीच संवैधानिक विशेषज्ञों ने संसद को भंग करने के कदम को असंवैधानिक करार दिया है। विशेषज्ञों ने कहा कि नेपाल के संविधान के प्रावधान के अनुसार, बहुमत की सरकार के प्रधानमंत्री द्वारा संसद को भंग करने का कोई प्रावधान नहीं है।    

कोरोना घटनाक्रम

देश में एक दिन में कोरोनावायरस संक्रमण के 26,624 नए मामले सामने आने के बाद देश में अब तक संक्रमित हो चुके लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,00,31,223 हो गई है, जिनमें से 95.80 लाख लोग स्वस्थ हो चुके हैं। लोगों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 95.51 प्रतिशत है
दिल्ली में रविवार को कोरोनावायरस से संक्रमण के 1091 मामले सामने आए और 26 संक्रमितों की मौत हुई है। बीते करीब चार महीनों में पहली बार हुआ है जब 24 घंटे में इतने कम मामले सामने आए हैं
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First Published - December 20, 2020 | 11:40 PM IST

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