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निर्यात के लिए नियमों को बदलने में लग सकता है 1 माह

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Last Updated- December 12, 2022 | 5:36 AM IST

देश में कोविड-19 टीका के उत्पादन के लिए अमेरिका से कुछ निश्चित कच्चे माल के आयात को बहाल करने में एक महीने से अधिक का वक्त लग सकता है।
मामले के जानकार एक व्यक्ति ने कहा, ‘दोनों देशों के बीच उच्चतम स्तर पर चर्चाएं जारी हैं। अगले चार से छह हफ्तों में इस मामले में कुछ प्रगति होने की उम्मीद जताई जा सकती है।’
बाइडन प्रशासन की ओर से अमेरिकी रक्षा उत्पादन अधिनियम को प्रभावी करने के निर्णय से टीका उत्पादन में महत्त्वपूर्ण कच्चा माल के निर्यातों का मार्ग अवरुद्घ हो गया। इस कानून के कारण स्थानीय विनिर्माताओं को पहले केंद्र सरकार के आर्डर को प्राथमिकता देनी पड़ती है। यह निर्णय प्रचंड होती महामारी से मुकाबला करने के लिए लिया गया था।
अमेरिका भारत व्यापार परिषद के उप प्रबंध निदेशक अलेक्जेंड स्लेटर ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘हम सभी प्रमुख साझेदारों के संपर्क में हैं और अमेरिका भारत के बीच सहयोग को बढ़ाने पर काम कर रहे हैं ताकि भारत को अपने टीकाकरण लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सभी जरूरी चीजें हासिल हो। हम उम्मीद करते हैं कि इस मोर्चे पर शीघ्र सकारात्मक प्रगति होगी।’
दोनों देश परिस्थिति को समझने का प्रयास कर रहे हैं फिर भी आगे का रास्ता मुश्किल हो सकता है क्योंकि राजनीतिक रूप से यह गंभीर मुद्दा है। उक्त अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा अमेरिका में अभी तक समूची आबादी को टीका नहीं लग पाया है जो इस समय देश की प्रमुखता है। एक बार जब प्रशासन इस बात से संतुष्ट हो जाएगा कि उचित मात्रा में टीके की आपूर्ति हो रही है तब इस कानून को प्रभावी नहीं रखा जाएगा। फिलहाल अमेरिका युद्घ स्तर पर अपनी जनता का टीकाकरण कर रहा है और उसने सभी वयस्कों को टीका लेने के लिए पात्र घोषित किया है।
पिछले हफ्ते सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) अदार पूनावाला ने ट्विट कर अमेरिकी राष्ट्रपति से अमेरिका के बाहर कच्चे माल के निर्यातों पर लगी रोक हटाने का आग्रह किया था। प्रतिबंधों में ढील देने से दुनिया के सबसे बड़े टीका विनिर्माता एसआईआई को ऐसे समय पर उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी जब भारत में पिछले कुछ हफ्तों से कोविड-19 के मामलों में बड़े पैमाने पर वृद्घि नजर आ रही है। पिछले महीने पूनावाला ने इस मुद्दे को विश्व बैंक के एक पैनल के समक्ष भी उठाया था।
हालांकि अमेरिका से निर्यात पर प्रतिबंध होने से कोविशील्ड टीके के उत्पादन पर असर नहीं होगा लेकिन कोवोवैक्स का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। पिछले वर्ष नोवावैक्स ने एसआईआई के साथ आपूर्ति और लाइसेंस समझौता किया था जिसके तहत कोविड-19 टीका कोवोवैक्स का विकास और वाणिज्यीकरण किया जाना था। नोवावैक्स का मुख्यालय अमेरिका में स्थित है।
पूनावाला ने न्यूज चैनल सीएनबीसी टीवी18 को वुधवार को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘कोवोवैक्स के लिए यह इतना अधिक महत्त्वपूर्ण इसलिए है कि हम कोवोवैक्स का संचय शुरू करने जा रहे हैं और केवल इसी महीने उत्पादन हो पाएगा। इसलिए यह पहले से ही महत्त्वपूर्ण बना हुआ है कि अमेरिका इसे जारी करे। मैं इस बात को दोनों देशों के राजनयिक चैनलों पर छोड़ता हूं कि वे इस दिशा में प्रयास करें और देखें कि क्या कुछ हो सकता है और उन्होंने कच्चे माल को लेकर भारत की जरूरत को समझा है और इस पर विचार कर रहें है कि इसका समाधान कैसे निकाला जाए।

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First Published - April 22, 2021 | 11:49 PM IST

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