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WEF बैठक में ईरानी, वैष्णव, पुरी करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

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विश्व आर्थिक मंच पांच दशक से अधिक समय से दावोस में इस बैठक की मेजबानी कर रहा है।

Last Updated- January 14, 2024 | 4:20 PM IST
WEF

जलवायु से लेकर संघर्ष और फर्जी खबरों तक के संकट के जवाब तलाशते हुए भारत सहित दुनियाभर के 2,800 से अधिक नेता वार्षिक पांच दिवसीय ‘टॉकथॉन’ के लिए दावोस में इकट्ठा होना शुरू हो गए हैं। यहां सोमवार से शुरू होने वाली 54वीं विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में 60 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष तथा शासनाध्यक्ष शामिल होंगे।

भारत की ओर से तीन केंद्रीय मंत्री, तीन मुख्यमंत्री, उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी और 100 से अधिक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEOs) इसमें शिरकत करेंगे। WEF बैठक की औपचारिक शुरुआत से एक दिन पहले यूक्रेन के लिए शांति योजना पर चर्चा करने के लिए दावोस पहली बार 90 देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मेजबानी कर रहा है। यह WEF सत्र में भी इज़राइल के साथ-साथ चर्चा का एक प्रमुख बिंदु होगा।

विश्व आर्थिक मंच पांच दशक से अधिक समय से दावोस में इस बैठक की मेजबानी कर रहा है। कई मौकों पर यहां प्रमुख चिंताओं के लिए सकारात्मक परिणाम निकाले गए हैं। मंच खुद को दुनिया की स्थिति में सुधार के लिए प्रतिबद्ध सार्वजनिक-निजी सहयोग के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संगठन के रूप में पेश करता है।

बैठक से पहले ऑनलाइन आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में WEF के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने कहा कि यह बैठक बेहद जटिल और सबसे चुनौतीपूर्ण भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक परिदृश्य में होगी। इस साल 15 से 19 जनवरी तक आयोजित वार्षिक बैठक का विषय ‘रीबिल्डिंग ट्रस्ट’ (फिर से भरोसा कायम करना) है। इसमें भारत के करीब 100 राजनीतिक तथा व्यापारिक दिग्गज भी शामिल होंगे।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल में तीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, ​​अश्विनी वैष्णव और हरदीप सिंह पुरी के साथ-साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया शामिल होंगे। भारत को आठ प्रतिशत से अधिक GDP वृद्धि वाला प्रमुख देश बताते हुए ब्रेंडे ने कहा कि चुनावी मौसम के बीच होने के बावजूद देश के कई मंत्री बैठक में हिस्सा लेंगे।

इनके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना के मंत्री भी बैठक में भाग लेंगे। साथ ही गौतम अदाणी, संजीव बजाज, कुमार मंगलम बिड़ला, एन चंद्रशेखरन, नादिर गोदरेज, सज्जन जिंदल, रोशनी नादर मल्होत्रा, नंदन नीलेकणि, रिशद प्रेमजी और सुमंत सिन्हा सहित कई सीईओ भी इसमें शिरकत करेंगे।

बैठक में 40 से अधिक वित्त मंत्री और 16 केंद्रीय बैंक गवर्नर, साथ ही विश्व व्यापार संगठन की महानिदेशक नगोजी ओकोन्जो-इवेला के साथ-साथ दुनियाभर के 30 व्यापार मंत्री भाग लेंगे। वैश्विक नेताओं में, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमी ज़ेलेंस्की, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन हिस्सा लेंगे।

पश्चिम एशिया के प्रमुख विदेश मंत्री भी हिस्सा लेंगे। WEF ने कहा कि बैठक आर्थिक वृद्धि, जलवायु तथा प्रकृति कार्रवाई, ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी प्रशासन और मानव विकास सहित वैश्विक अनिवार्यताओं पर बातचीत, सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देगी।

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First Published - January 14, 2024 | 4:20 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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