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भारत का कड़ा संदेश, ऊर्जा ठिकानों पर हमले तुरंत रोको

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भारत ने पश्चिम एशिया में ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए तुरंत रोक की मांग की है

Last Updated- March 20, 2026 | 8:52 AM IST
Iran attack

भारत ने गुरुवार को पश्चिम एशिया, खासकर खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हो रहे हमलों को ‘अस्वीकार्य’ बताया और इन्हें तुरंत रोकने की मांग की। भारत ने कहा कि इन हमलों से देश की तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति प्रभावित हुई है जो चिंता का विषय है।

अधिकारियों के अनुसार, एलपीजी (रसोई गैस), तेल और उर्वरकों की आपूर्ति को लेकर भी चिंता बनी हुई है। सरकार इनकी आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश कर रही है। रूस और जॉर्डन सहित कई देशों से उर्वरक, तेल और गैस लेकर आने वाले जहाज अगले कुछ दिनों में भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि भारत रूस से तेल की खरीद जारी रखे हुए है। उर्वरक विभाग ने प्रतिस्पर्धी आधार पर गैस की हाजिर खरीद करने का भी फैसला किया है जिसकी पहली खेप मंगलवार तक पहुंचने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में ऊर्जा ढांचे पर हो रहे हमलों को ‘निंदनीय’ बताया और कहा कि इससे अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत और जॉर्डन दोनों ही सामान रूप से ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति के समर्थन में हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रॉन, ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से फोन पर बातचीत की। ओमान के सुल्तान से बातचीत के दौरान मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के निर्बाध आवागमन की आवश्यकता पर जोर दिया, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी से मुलाकात की और इजरायल के विदेश मंत्री गिडियॉन सार से फोन पर बातचीत की। जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि इस दौरान पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके प्रभावों पर चर्चा हुई।

सूत्रों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में फंसे भारतीय झंडे वाले 22 व्यापारिक जहाजों में से लगभग छह एलपीजी लेकर जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने ओमान के सुल्तान के साथ बातचीत में कहा कि भारत और ओमान इस मार्ग में सुरक्षित और मुक्त नौवहन के पक्षधर हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को बताया कि हाल के दिनों में विभिन्न हितधारकों से बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिये भारत अपने दो एलपीजी जहाजों को इस मार्ग से सुरक्षित निकालने में सफल रहा है। भारत ने क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों, खासकर खाड़ी देशों में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हो रहे हमलों को बेहद चिंताजनक बताया है।

जायसवाल ने कहा, ‘भारत सरकार यह मानती है कि ये हमले पहले से ही अस्थिर वैश्विक ऊर्जा स्थिति को और बिगाड़ रहे हैं ऐसे में इन्हें तुरंत रोकना चाहिए।’ बुधवार शाम से तेहरान ने ईरान के दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र पर इजरायल के हमले के जवाब में कई खाड़ी देशों के ऊर्जा ढांचे पर हमला किया है। इनमें कतर का रास लाफान एलएनजी केंद्र भी शामिल है जो भारत की लगभग 40 प्रतिशत एलएनजी की जरूरतें पूरी करता है। ओमान भी इन हमलों से प्रभावित हुआ है।

जायसवाल ने कहा, ‘भारत ने पहले भी क्षेत्र में नागरिक ढांचे, खासकर ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना न बनाने की अपील की थी।’ इन हमलों के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में और बढ़ोतरी हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने बताया कि बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए भारत से मदद मांगी है।

उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरतों को ध्यान में रखने के साथ ही बांग्लादेश के लिए भी अपने मौजूदा आपूर्ति दायित्वों को पूरा कर रहा है। इस बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों को प्रशिक्षण देने के आरोप में एक अमेरिकी नागरिक के साथ छह यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी के मामले पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन दूतावास ने दूतावास से संपर्क का अनुरोध किया है। इस मामले में कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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First Published - March 20, 2026 | 8:52 AM IST

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