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ईरान पर अंतिम प्रहार की तैयारी? अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले: युद्ध में अगले कुछ दिन होंगे निर्णायक

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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने आने वाले दिनों को निर्णायक बताते हुए ईरान को भीषण हमलों की चेतावनी दी है

Last Updated- March 31, 2026 | 10:31 PM IST
Pete Hegseth
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ | फोटो: PTI

ईरान युद्ध के बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मंगलवार को कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अगले कुछ दिन निर्णायक होंगे। हेगसेथ ने तेहरान को चेतावनी दी कि अगर उसने अमेरिका के समझौता नहीं किया तो उस पर हमले और तेज हो जाएंगे।

हेगसेथ ने यह चेतावनी ईरान द्वारा दुबई के तट पर तेल से भरे एक टैंकर को आग लगाने के कुछ घंटों बाद जारी की। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद से खाड़ी या होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) में वाणिज्यिक जहाजों पर यह ईरान का ताजातरीन हमला था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट करने की धमकी दी थी। ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान शांति समझौते पर सहमत नहीं होता और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बहाल नहीं देगा तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

ट्रंप ने मंगलवार को फ्रांस, ब्रिटेन सहित उन देशों की आलोचना की जिन्होंने ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका का ‘साथ’ नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा करने और अपना तेल प्राप्त करने के लिए कुछ साहस दिखाना चाहिए। सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि फ्रांस ने युद्ध में उपयोग के लिए अमेरिकी हथियारों के परिवहन के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी थी।

हेगसेथ ने कहा कि उन्होंने शनिवार को पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि ट्रंप समझौता करने को तैयार हैं और बातचीत जारी है और यह तेजी से आगे बढ़ रही है मगर ईरान समझौता करने से पीछे हटेगा तो अमेरिका युद्ध जारी रखने के लिए तैयार है। हेगसेथ ने वॉशिंगटन में कहा, ‘हमारे पास विकल्प बढ़ते जा रहे हैं और ईरान के सामने विकल्प सीमित हैं। सिर्फ एक महीने में हमने शर्तें तय कर दीं, आने वाले दिन निर्णायक होंगे। ईरान यह जानता है और सैन्य मोर्चे पर वह कुछ करने की स्थिति में नहीं हैं।’

मध्यस्थता के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयास

अमेरिकी सेना में ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने वॉशिंगटन में पत्रकारों को बताया कि अमेरिका ईरान की क्षमताओं को लगातार कमजोर और नष्ट कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना प्रमुख विनिर्माण और अनुसंधान स्थलों पर लगातार हमले कर रही है और 150 से अधिक ईरानी नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर चुकी है। रक्षा मंत्री हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी हमलों के कारण ईरान में बड़े पैमाने पर पलायन हो रहा है।

दो अमेरिकी अधिकारियों ने सोमवार को रॉयटर्स को बताया कि अमेरिकी सेना की विशिष्ट 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिक मध्य पूर्व में पहुंचने लगे हैं।

इन अतिरिक्त सैनिकों के आने से ईरान पर जमीनी हमला करने के विकल्प भी बढ़ सकते हैं। हमलों में कमी के कोई संकेत न दिखने के कारण पाकिस्तान युद्ध में मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहा है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार मंगलवार को तुर्किये, मिस्र और सऊदी अरब के साथ वार्ता की मेजबानी के बाद चीन की यात्रा के दौरान इस संघर्ष पर चर्चा करने वाले थे। पिछले एक महीने से अमेरिका और इजरायल के भारी हमलों के बावजूद ईरान का रुख अड़ा हुआ है। उसे मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका से शांति प्रस्ताव मिले हैं मगर उसके विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि वे ‘अवास्तविक, अतार्किक और अत्यधिक’ हैं। शांति समझौते में विफलता के कारण यूरोपीय संघ के ऊर्जा प्रमुख ने सदस्य देशों को ऊर्जा बाजारों में ‘लंबे समय तक व्यवधान’ के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।

तेल और ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर अमेरिकी परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ने लगा है। गैस बडी नामक मूल्य-ट्रैकिंग सेवा के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को अमेरिका में गैसोलीन की राष्ट्रीय औसत खुदरा कीमत तीन साल से अधिक समय में पहली बार 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई।

नए हमले

युद्ध का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर गोलीबारी की है और एक तरह से इस युद्ध में शामिल हो गए हैं। तुर्किये ने सोमवार को बताया कि ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल तुर्की के हवाई क्षेत्र में घुस गई थी जिसे बाद में मार गिराया गया। इस युद्ध ने इजरायल और ईरान समर्थित लेबनान के हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष को भी फिर से हवा दे दी है।

इजरायली सेना ने मंगलवार को कहा कि उसने खुफिया मार्गदर्शन में तेहरान में बैलिस्टिक मिसाइल के वॉरहेड कारखाने, हथियार अनुसंधान स्थलों और मिसाइल प्रक्षेपण प्रणालियों को निशाना बनाते हुए रात भर हवाई हमले किए। उसने कहा कि दक्षिणी लेबनान में उसके चार सैनिक मारे गए हैं, जहां दो अलग-अलग घटनाओं में इंडोनेशिया के तीन संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की मौत हो गई है।

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First Published - March 31, 2026 | 10:31 PM IST

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